अतीत बन गयी सीसीएल की तारमी डिस्पेन्सरी

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संवाददात|

भंडारीदह : सीसीएल ढोरी प्रक्षेत्र अन्तर्गत तारमी ओपेन कास्ट माइन्स का डिस्पेंसरी को हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। इस डिस्पेंसरी के सभी संशाधनो को एसडीओसीएम के कल्याणी डिस्पेंसरी में शिफ्ट करा दिया गया और यह चिकित्सालय एक अतीत बन गया। बताते चले तारमी कोलियरी में पिछले 45 वर्षों से कोलियरी मजदूरों, उनके परिजनो सहित आसपास के विस्थापित गांव के लोगो को नि:शुल्क इलाज व दवा दिया जाता रहा था, लेकिन 29 अप्रैल 2019 से इस डिस्पेंसरी को बंद कर दिए जाने से सीसीएल मजदूरो एवं विस्थापित गांव के लोग काफी निराश हैं। बताया जाता है इस डिस्पेंसरी में चिकित्सक अभाव के कारण पिछले कई वर्ष से सिर्फ एक वरीय फार्मासिस्ट मोहम्मद अलीम अहमद के भरोसे चल रहा था। इनकी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्ति हो रही है। इसके बाद से इस डिस्पेंसरी को चलाना मुश्किल था। प्रबंधन ने डिस्पेंसरी को नियमित चालू रखने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई, अन्तत: 45 वर्ष से चालू डिस्पेंसरी को हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। यहां कार्यरत दो महिलाकर्मी व सफाईकर्मी को अन्यत्र स्थानांतरित किया जा सकता है। सोमवार से डिस्पेंसरी में ताला लटका दिया गया। 

मजदूरों में मायूसी

एक समय था जब इस डिस्पेंसरी में नियमित रूप से दो चिकित्सक सहित कई फार्मासिस्ट, ड्रेसर, वार्ड ब्वाय, वार्ड गर्ल सहित पैथोलॉजी की समुचित व्यवस्था थी। आकस्मिक घटना दुर्घटना में डिस्पेंसरी द्वारा बेहतर चिकित्सा व्यवस्था हो पाती थी, लेकिन बंद कर दिए जाने से मजदूर काफी मायूस हो गए है। बता दे इस डिस्पेंसरी के भरोसे कारीपानी कॉलोनी, तारमी व तारमी साइडिंग कॉलोनी सहित आसपास के विस्थापित गांव के उपरबंधा, गुंजरडीह अलारगो, फुुलवारी, तारमी बस्ती के लोगों को प्राथमिक चिकित्सा आसानी से हुआ करता था। अब यहां के कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज के लिए सेन्ट्रल अस्पताल ढोरी जाना पडेगा।

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