शुरू से रोमांचक रहा है धनबाद लोकसभा का चुनावी दंगल

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दीपक कुमार झा

Bokaro (Jharkhand)

बोकारो। धनबाद लोकसभा क्षेत्र के लिये चुनावी मुकाबला शुरू से ही रोमांचक रहा है। शह-मात के चुनावी दंगल में किसी को तीन-तीन बार, किसी को चार-चार बार सांसद बनने का गौरव मिला, तो किसी को एक बार ही सांसद की कुर्सी पाकर संतोष करना पड़ा है। इस संसदीय क्षेत्र के चुनावी जंग में रीता वर्मा, एके राय के बाद पीएन सिंह अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश में हैं। 1957 से लेकर 2014 तक के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों में भाजपा प्रत्याशी रहीं यहां की एकमात्र महिला सांसद रीता वर्मा के नाम सर्वाधिक चार-चार बार लगातार धनबाद का सांसद बनने का रिकार्ड दर्ज है। रीता ने तीन बार एके राय (एमसीओ) तथा एक बार समरेश सिंह को हराकर सांसदत्व हासिल किया। पहली बार वर्ष 1991 में 85,299 मतों के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी एके राय को हराकर गद्दी हासिल की। दूसरी बार समरेश सिंह (जेडी) को 22,196 वोट से हराकर वह सांसद बनीं थीं। तीसरी बार फिर एके राय को 178689 तथा चौथी बार फिर श्री राय को ही 14,224 वोट से 1999 में फिर सांसद बनीं। यानी एक राय ने उन्हें लगातार कड़ी टक्कर दी। रीता वर्मा के बाद एके राय को सर्वाधिक तीन बार धनबाद लोकसभा क्षेत्र का सांसद बनने का गौरव मिला है। 1977 में राम नारायण शर्मा (आईएनसी) को 141849, 1980 में योगेश्वर प्रसाद योगेश (आईएनसी- आई) को 15306 तथा 1989 में भाजपा प्रत्याशी समरेश सिंह को 13571 को वोट से हराकर वह सांसद बने थे। 1984 में अगर शंकर दयाल सिंह (आईएनसी) न जीतते तो एके राय भी हैट्रिक लगा लेते। उन्हें 62295 मतों से हराकर शंकर दयाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। अब 2019 के चुनाव में भाजपा के पशुपतिनाथ सिंह हैट्रिक लगाने की कोशिश में जुटे हैं। वर्ष 2009 और 2014 से लगातार वह धनबाद सांसद रहे हैं। 2009 में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे को 58047 तथा 2014 में कांग्रेस के ही अजय कुमार दुबे को 196188 वोट से पराजित कर सांसद बने थे। जबकि चंद्रशेखर दुबे को झारखंड अलग राज्य में प्रथम धनबाद सांसद बनने का गौरव मिला था। 2004 में उन्होंने रीता वर्मा को 119378 वोट से हराया था। पशुपतिनाथ सिंह के नाम सर्वाधिक वोट 543,491 प्राप्त करने का रिकार्ड भी अब तक के चुनावों में दर्ज है।

अब तक के सांसद

1957 में आईएनसी के प्रभात चन्द्र बोस (67095), 1959 के उपचुनाव में आईएनसी के डीसी मल्लिक (34844), 1962 में आईएनसी के पीआर चक्रवर्ती (75170), 1967 में जेकेडी एलआर लक्ष्मी (68034), 1971 में आईएनसी के राम नारायण शर्मा (107308), 1977 में निर्दलीय एके राय (205495), 1980 में फिर एके राय (136280), 1984 में आईएनसी के शंकर दयाल सिंह (203909),  1989 में एम. कार्डि. से एक राय (247013), 1991 में भाजपा की रीता वर्मा (257066), 1996 में रीता वर्मा (269942), 1998 में रीता वर्मा (442590), 1999 में पुन: रीता वर्मा (366065), 2004 में आईएनसी के चन्द्रशेखर दुबे (355499), 2009 में भाजपा के पशुपतिनाथ सिंह (260521), 2014 में पुन: पशुपति नाथ सिंह (543,491)।

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