झारखंड की माटी से विश्व को योग-संदेश

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Photo Courtesy : PIB

योग से सुधारेंगे आदिवासियों की जिंदगी : मोदी

नारायण विश्वकर्मा

रांची : योग, भारतवर्ष की वह अमूल्य निधि, जिसका लोहा आज पूरा विश्व मान रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ही प्रयासों का यह सार्र्थक परिणाम है कि योग दिवस को एक अंततराष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा है। पूरी दुनिया ने इस साल पांचवां योग दिवस मनाया। इस बार का योग दिवस इसलिये खास रहा, क्योंकि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि झारखंड की माटी से पूरी दुनिया को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने योग का अहम संदेश दिया और इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना रांची का प्रभात तारा मैदान। अपने खास अंदाज में उन्होंने ‘जोहार’ से अपने संबोधन की शुरुआत की। कहा- ‘झारखण्ड कर भाई बहिन मन के मोर बहुत-बहुत जोहार!’ प्रधानमंत्री ने कहा विश्व शांति, सदभाव और समृद्धि के लिए योग अपनाएं। उन्होंने कहा कि आज रांची विश्व फलक पर चमक रहा है। रांची के लिए मेरे मन में विशेष जगह तो है पर यहां योग दिवस के आयोजन के तीन महत्वपूर्ण कारण रहे। झारखण्ड के नाम से इसपर प्रकृति की विशेष कृपा का अहसास होता है और योग भी प्रकृति के बहुत करीब है। साथ ही, स्वास्थ्य की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत का शुभारंभ रांची से हुआ।

आज यह योजना बहुत कम समय में गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। झारखण्ड में योग प्रारंभ से इसकी संस्कृति का हिस्सा रहा है। यहां की छउ नृत्य की शैली और मुद्राएं योग का आभास कराती है। हमें मिलकर योग को और उंचे स्तर तक लेकर जाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में योग सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले गरीब और आदिवासियों तक नहीं पहुंच पाया है। हमें मिलकर योग को उन तक पहुंचाना है, क्योंकि योग से बिमारी को दूर रखा जा सकता है। गरीब बीमारी की वजह से कष्ट पाता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि योग को उन तक पहुंचाकर हम उन्हें बीमारी के चुंगल से बचायेंगे। अब मुझे आधुनिक योग की यात्रा शहरों से गांवों की तरफ ले जानी है।

‘टूटे मन से नहीं पूरे होंगे सपने’
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य होने से नई उंचाईयों को पाने की लालसा होती है। टूटे मन से सपनों को पूरा नहीं किया जा सकता। पर्यावरण, पोषण, पानी और परिश्रम- ये हमारे स्वास्थ्य के लिए परिणाम देते हैं। इस वर्ष ‘योगा फॉर हार्ट केयर’ पर आयोजित किया जा रहा है। हदयरोग पूरी दुनिया के समक्ष एक चुनौती बन चुका है। युवाओं में भी समस्या बढ़ रही है। योग के प्रचार प्रसार में झारखण्ड के संस्थान हार्ट केयर जागरुकता को लेकर आगे बढे। इस वर्ष योग को बढावा देने के लिए जिन्हें पुरस्कार मिला। मैं उनके सर्मपण और तपस्या को नमन करता हूं।

‘योग को आधुनिकता से जोड़ रही युवा पीढ़ी’
प्रधानमंत्री ने बताया कि योग को युवा पीढ़ी आधुनिकता से जोड़ रही है। उनके क्रिएटीव आईडिया से योग और जीवंत हो रहा है। भारत में योग के प्रति जागरुकता हर वर्ग तक पहुंची है, इसका अनुभव किया जा सकता है। योग को यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि बताते हुए मोदी ने कहा कि युवा देश के भविष्य है और इनकी का देश के विकास में अहम भूमिका है। आज यहां युवाओं ने योग में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है, यह अच्छी बात है। आज की पीढ़ी के लिए योग बहुत ही जरूरी है। अपने स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए योग एक सशक्त माध्यम है। आज हमारा योग दुनिया अपना रही है। हमें योग पर हो रहे अनुसंधान को बढ़ावा देकर इसकी जानकारी दुनिया को देते रहना है। सरकार इस आवश्यकता को समझते हुए कार्य कर रही है। पीएम ने झारखंड में देवघर के रिखिया आश्रम और रांची के योगदा सत्संग का नाम लेते हुए कहा कि योग से जुड़ी देश भर की संस्थाओं को भारत ही नहीं, सम्पूर्ण विश्व को योग के व्यापक महत्व से अवगत कराने के लिए आगे आना होगा।

स्वस्थ भारत बनेगा नया भारत : रघुवर दास

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह झारखण्ड का सौभाग्य है कि वीर बिरसा आबा की धरा पर पूरी दुनिया में योग को एक नई पहचान देने वाले व्यक्तित्व नरेन्द्र मोदी के साथ झारखण्डवासी योग कर रहें हैं। रांची का चयन करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। कहा कि उनके नेतृत्व में झारखण्ड आगे बढ़ रहा है। इस वैश्विक युग में मानव विकास और मानव संसाधन को विकसित करने के लिए योग जरूरी है। नये भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत की बड़ी भूमिका होगी। यह बात हम सभी को समझनी होगी। तभी स्वस्थ समाज, स्वस्थ राज्य और स्वस्थ भारत का निर्माण होगा।

खुलेंगे 100 योग केन्द्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड का योग से पुराना रिश्ता रहा है। संथाली, हो, मुंडा समेत अन्य जनजातीय समुदाय भी अपने सांस्कृतिक और दैनिक जीवन में योग को अपनाये हुए हैं। करमा, सरहुल सहित अन्य पर्व में योग की झलक देखने को मिलती है। यहां के संस्थान भी योग को लेकर गंभीर हैं, फिर वो रामकृष्ण मिशन हो या देवघर का रिखिया घाम। वर्तमान में 340 योग केंद्रों में योग की शिक्षा दी जा रही है। 100 और सेंटर प्रारंभ करने की योजना सरकार की है।

जीवनशैली में बड़ा परिवर्तन : नाइक
इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक ने स्वागत संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़े ही गतिशीलता के साथ हम योग के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान पूरे विश्व पटल पर बना रहे हैं और यह विदित है कि किसी सरकार ने पहली बार योग को बढ़ावा देने के लिए एक मंत्रालय का गठन किया, जिसका नाम आयुष मंत्रालय है और उसका गौरव हमें प्राप्त है। योग से लोगों के जीवन शैली में एक बहुत बड़ा परिवर्तन लाया है। 2017 में प्रधानमंत्री योग पुरस्कार की शुरुआत करना सराहनीय और प्रशंसनीय कदम है। वहीं उन्होंने 2019 में पुरस्कारों के बारे में बताया कि इस बार 4 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जा रहे हैं। मौके पर राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी सहित आला अधिकारी, समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, विद्यार्थी, युवा और भारी संख्या में आमजन मौजूद थे।

चरम पर रहा जनोत्साह
रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित योग दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन-जन से लगाव योग में देखने को मिला। योगा कार्यक्रम की समाप्ति के उपरांत प्रधानमंत्री सुरक्षा घेरा से निकलकर लोगो के बीच पहुंच गए। इस दौरान कई लोगों से उन्होंने हाथ मिलाये और उनका अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री के इस कदम से लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। इस दौरान प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने के लिए लोगों के बीच होड़ मची रही। प्रधानमंत्री ने लोगों को निराश भी नहीं किया और हाथ हिलाकर उनका शुक्रिया अदा किया।

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