बोकारो विधायक ने BSL के AGM को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जानिये क्यों

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बिना NOC तिरंगा पार्क के निर्माण को ले हुआ बवाल

संवाददाता
बोकारो।
बोकारो के विधायक बिरंची नारायण ने मंगलवार को कथित तौर पर बोकारो स्टील के सहायक महाप्रबंधक (नगर सेवायें) अजीत कुमार को खदेड़-खदेड़कर पीटा। मारपीट की घटना के बाद चोटिल एजीएम अमित को बोकारो जेनरल अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ विधायक ने मारपीट न किये जाने का दावा किया है। इस वाकये का कारण बना सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-1बी स्थित तालाब के जीर्णोद्धार और इसे तिरंगा पार्क के रूप में विकसित किए जाने का कार्य। राज्य सरकार की यह कार्य-योजना हंगामे का केंद्र बन गयी। प्रबंधन का कहना है कि उक्त परियोजना को बोकारो स्टील के एनओसी के बिना ही शुरू किया जा रहा था। प्रबंधन के अधिकारियों ने इसका विरोध किया और कार्य पर रोक लगा दिया। फिर क्या था, जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास करने वाले बोकारो विधायक बिरंची नारायण कथित तौर पर वहां आग-बबूला हो पहुंचे और मोटरसाइकिल से उतरने के साथ ही एजीएम अमित सहित बोकारो स्टील के अन्य प्रतिनिधियों के साथ गाली-गलौज करने लगे।

अस्पताल में भर्ती एजीएम ने मीडियाकर्मियों से कहा कि विधायक ने बाइक से उतरने के साथ ही मारपीट शुरू कर दी। उनके साथ आये कार्यकर्ताओं ने भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे उनके सिर, गर्दन और पीठ में चोटें आयीं। साथ मौजूद होमगार्ड के जवानों के साथ मारपीट की गयी। एजीएम ने कहा कि सेक्टर-1बी स्थित उक्त तालाब में अनाधिकृत रूप से अवैध निर्माण कराया जा रहा था। इसके लिये बोकारो स्टील प्रबंधन का एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) नहीं लिया गया था। इसके पूर्व भी बिना एनओसी के काम न करने को कहा गया था। उस वक्त गड्ढा खोदे जाने के कारण कम्युनिकेशन केबुल कट गया था। बावजूद इसके अवैध निर्माण का कार्य किया जा रहा था। अस्पताल में मौजूद अन्य बीएसएलकर्मियों ने कहा कि प्रबंधन के कैमरामैन को वीडियोग्राफी करने से भी विधायक के लोगों ने जबरन रोक दिया। खबर लिखे जाने तक चोटिल बीएसएल अधिकारी का इलाज बोकारो जेनरल अस्पताल के सीसीयू वार्ड में चल रहा था।

करेंगे कानूनी कार्रवाई : BSOA

मामले में बोकारो स्टील आफिसर्स एसोसिएशन (बीएसओए) के अध्यक्ष एके सिंह ने कहा कि विधायक द्वारा मारपीट की घटना घोर निंदनीय है। इसे लेकर एसोसिएशन कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण आज पूरा शहर बर्बाद हो गया है। अगर अवैध कब्जा रोकने के प्रयास में अधिकारी के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिये। कानून किसी को अपने हाथ में लेने का कोई हक नहीं है। उन्हें हमने अपना नेता बनाया है हमारा विकास कार्य हो इसके लिये, न कि हमारे लोगों के साथ ही मारपीट और गुंडागर्दी के लिये। एेसी घटना जारी रही तो शहर और बर्बाद हो जायेगा तथा लोग पलायन करने को विवश हो जायेंगे।

हमने नहीं की मारपीट, झगड़ा छुड़ाया : विधायक

अपने ऊपर लगाये गये आरोपों के बारे में विधायक बिरंची नारायण ने दूरभाष पर कहा कि उन्होंने हाथ नहीं चलाया। उनका यह काम नहीं रह गया है। उन्होंने पहले से वहां हो रहे झगड़े को बीच-बचाव कर छुड़ाने का काम किया है। मारपीट का आरोप नहीं लगेगा तो समाचार सनसनीखेज कैसे बनेगा? विधायक ने कहा कि सेक्टर-1बी में सूर्य सरोवर का काम राज्य सरकार की योजना है, जिसका शिलान्यास उन्होंने खुद किया था। मुख्यमंत्री का साफ आदेश है कि एमपी, एमएलए मद से या केन्द्र अथवा राज्य सरकार के पैसे से बनने वाली योजना में 15 दिन के अंदर एनओसी दे देना है। अगर नहीं दिया जाता है, तो उसके बाद स्वतः एनओसी मान लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि उक्त स्थल पर ठेकेदार के साथ मारपीट हो रही थी। मजदूरों को मारपीट कर भगा दिया गया था। हंगामेदार स्थिति थी, जिसे उन्होंने बीच-बचावकर शांत कराया। उन्होंने बोकारो स्टील के महाप्रबंधक (नगर सेवायें) विभाकर सिंह पर खुलकर सरकारी विकास कार्यों में अड़ंगा डालने से लेकर रुपये लेकर अतिक्रमण करवाने तथा पैसा न देने वाले लोगों तथा गरीबों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने डीसी-एसपी से बात की है, ताकि विधि-व्यवस्था सुधर सके। बिना स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक दंडाधिकारी लेकर लाठीचार्ज कराने का हक बीएसएल अफसरों को किसने दिया? एक सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि उन्होंने मारपीट की, इसका प्रमाण अगर है तो बीएसएल अधिकारी दें। उन्होंने यह भी कहा कि बोकारो स्टील प्रबंधन अन्याय कर रहा है। जल्द ही वह इस मामले में केन्द्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मिलकर भयादोहन, उगाही आदि का पर्दाफाश करेंगे।

03 मार्च को हुआ था शिलान्यास

तिरंगा पार्क से शिलान्यास की फाइल फोटो।

बोकारोवासियों में देशभक्ति का जज्बा भरने के लिये तिरंगा पार्क के निर्माण को लेकर इसी साल 03 मार्च, 2019 को विधायक बिरंची ने खुद शिलान्यास किया था। एक करोड़, 99 लाख, 83 हजार 500 रूपये की लागत से सेक्टर- 1बी व कैम्प- 2 स्थित सूर्य-सरोवर के जीर्णोद्धार तथा वहीं तिरंगा पार्क की स्थापना को लेकर शिलान्यास किया गया था।

सूर्य सरोवर, जिसका जीर्णोद्धार प्रस्तावित है, उसकी मौजूदा हालत। (Snapped by : Sunny Upadhyay)

वहां 150 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किये जाने के साथ-साथ म्यूजिकल फाउन्टेन, जॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, कैफेटेरिया चाहरदीवारी और घाट का निर्माण करने की भी योजना बनायी गयी थी। परंतु, बिना एनओसी के काम चालू कराना और प्रबंधन के विरोध के बाद हंगामा व विधायक द्वारा मारपीट की घटना ने इस पूरी परियोजना पर ग्रहण लगा दिया है। परियोजना पूरी होगी या नहीं, यह भी अब सवालों के घेरे में आ गया है।

  • Varnan Live.

2 COMMENTS

  1. यह काम बहुत पहले ही किया जाना चाहिए था ।अभी भी A.G..M.के साथ G.M की भी पिटाई होने चाहिए ।बोकारो स्टील प्लांट के आफिसरो की आने वाले समय में यही हाल होगा । माननीय विधायक से अनुरोध करूगा कि Inspection Departments के साथभी ऐसे करें, जो बियाडा के उद्योग बंद करने का प्रयास कर रहा है ।।

  2. Bsl प्रबन्धन का मन बहुत ज्यादा बढ़ गया है इनको होश मे लाना अतिआवश्यक,हमारे माननीय विधायक जी को बदनाम करने की नाकाम कोशिश की जा रही है,जनता के लिये लड़ना एक जनप्रतिनिधि का धर्म है।।

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