डिक्की में ₹ दो लाख रख गए मोबाइल रिचार्ज कराने, उच्चके ले हुए फरार

0
625

जरीडीह (बोकारो)। जरीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत तुपकाडीह एसबीआई बैंक के समीप जमीन कारोबारी सुरेश प्रसाद गौड़ की बाइक की डिक्की खोल कर अज्ञात ने सोमवार को डेढ लाख रुपए नकद चुरा लिए।

सूचना मिलने पर जरीडीह थाना प्रभारी पूनम कुजूर मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल की। पुलिस ने एसबीआई और बीओआई बैंक के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की, लेकिन उससे कोई सुराग नहीं मिला। घटना सोमवार शाम चार बजे की बताई जा रही है।

IMG-20190723-WA0002

जानकारी के अनुसार जमीन कारोबारी खुंटरी निवासी सुरेश प्रसाद गौड़ ने बताया कि राकेश और राजेश बरनवाल से जमीन बेचने के एवज में उसे 2 लाख रूपए मिले थे। जिसे वह एसबीआई में जमा करने पहुंचे। बैंक अधिकारी ने कहा कि इतनी बड़ी राशि जमा नहीं हो सकती। तब वह 49,000 हजार उमेश प्रसाद के खाते में डालने के बाद 1.51 लाख रूपए लेकर बैंक से बाहर निकले। उन्होंने वह रूपए अपनी बाइक की डिक्की में रखकर मोबाइल रिचार्ज कराने चले गए। कुछ देर बाद जब सह बाइक के पास आए, तो देखा कि डिक्की खुली है और पैसे गायब हैं। यह देख उनके होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने स्थानीय थाना को इसकी सूचना दी।

  • Varnan Live Report.
Previous articleअज्ञात वाहन की चपेट में आकर बाइक सवार घायल
Next article50 वर्षों के बाद दिखा झारखंड में दुर्लभ Balloon Frog, बिना भोजन के 13 माह तक रह सकता है जीवित
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply