उजड़े लोगों के पुनर्वास को आगे आये जनप्रतिनिधि, पर शुरू हुआ ये नया बखेड़ा

0
409

संवाददाता
बोकारो।
बोकारो हवाई अड्डा की चहारदीवारी के किनारे से अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उजाड़े गये लोगों को अन्यत्र बसाने की दिशा में स्थानीय जनप्रतिनिधि देर से ही सही, परंतु दुरुस्त कदम उठाते दिख रहे हैं। बेघरों को पुनर्वासित करने को लेकर सांसद पीएन सिंह ने जहां त्रिपक्षीय वार्ता के जरिये बसाये जाने का भरोसा दिलाया, वहीं दूसरी तरफ बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने सेक्टर-12ई के बंद पड़े बीएसएस स्कूल के सामने वाली खाली पड़ी जमीन चिन्हित कर अपने स्तर से उजाड़े गये लोगों को बसने की अनुमति दे दी। न केवल अनुमति दी, बल्कि खुद वहां पहुंचकर उनके लिये आधा दर्जन चापाकल अपने विधायक मद से मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया। बारिश के इस मौसम में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर भटकते गरीब बेघरों को फिर से बसाने की यह कवायद शुरू हुई थी कि प्रस्तावित पुनर्वास क्षेत्र के इर्द-गिर्द रहने वाले बस्तीवासियों ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया। स्थिति एेसी हुई कि दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गयी। पहले से आसपास बसे लोगों तथा बसाये जाने की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों के बीच जबरदस्त मारपीट हुई। लाठी-डंडा, फरसा, टांगी तक चले और लगभग आधा दर्जन लोग इस घटना में घायल हो गये। चोट दोनों तरफ के लोगों को चोटें लगीं। बाद में विधायक के वहां से जाते ही मारपीट की स्थिति और भी खतरनाक हो गयी। पुरुष ही नहीं, महिलायें भी लाठी, हंसुआ और टांगी जैसे पारम्परिक हथियारों से लैस नजर आयीं। मामले की जानकारी मिलने पर सिटी डीएसपी ज्ञान रंजन सदल-बल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए स्थिति शांत करायी। इस क्रम में पूरा इलाका छावनी में पुलिस तब्दील रहा। घंटों मशक्कत के बाद स्थिति शांत हुई और इस बावत पूछने पर डीएसपी ने भी कहा कि स्थिति अब वहां सामान्य हो चुकी है।


एेसे शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक बिरंची नारायण के आवास पर सैकड़ों की संख्या में उजाड़े गये लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने पुनर्वास की मांग की, जिसके आलोक में विधायक ने उक्त चिन्हित जमीन पर उन्हें साथ ले विधायक जैसे ही वहां पहुंचे और बसने की उम्मीद में आये लोगों ने जैसे ही तैयारियां शुरू कीं कि आसपास रहने वाले लोग भारी संख्या में वहां आक्रोशित हो लाठी-डंडा व अन्य पारम्परिक हथियारों से लैस होकर पहुंच गये। विधायक की उपस्थिति में ही दोनों तरफ से खूब बहस हुई। बाद में विधायक लोगों को शांत रहने की अपील करते हुए वहां से लौट गये, लेकिन पहले से आसपास बसे लोग और बसने की आस लिये लोगों में भीषण झड़प हो गयी। घटना के बाद वहां आसपास गिरे पड़े चप्पल, टूटी लाठियां आदि वारदात का परिणाम बयां कर रहे थे। घटना में सुजय यादव नामक एक व्यक्ति के हाथ टांगी के हमले से जख्मी हो गया। उसके अलावा दोनों तरफ के लगभग आधा दर्जन लोगों के चोटिल होने की खबर है। हालांकि, डीएसपी ने घायल होने की बात पर अनभिज्ञता व्यक्त की। कहा कि घायल हुए लोग जब थाने आयेंगे तो पुलिस को पता चलेगा।


आसपास बसे लोगों को नहीं मंजूर

हवाई अड्डा के किनारे से उजाड़े गये लोगों को सेक्टर-12ई बीएसएल स्कूल (अब बंद) के सामने खाली पड़ी जमीन पर बसाया जाना हरगिज मंजूर नहीं है। मौके पर लाठी, टांगी और हंसुआ थामी महिलाओं ने कहा कि वे लोग उक्त जमीन पर खेती करतीं हैं और वहां किसी भी सूरत में डोमपाड़ा नहीं बसने देगीं। छवि देवी नामक एक महिला ने कहा कि वे विस्थापित उक्त जमीन पर खेती कर अपना गुजारा करती हैं। वहां कारखाना लगे, क्वार्टर बने तो वो खाली कर देगीं, लेकिन उजाड़े गये लोगों को वहां नहीं बसने देगीं। उक्त जमीन पर वे लोग धान, सब्जी उगाती हैं। छवि ने तो मरने-मारने तक की धमकी दे डाली।


विधायक पर लड़वाने का आरोप

आसपास पहले बसे लोगों की तरफ से विजय घटवार नामक एक युवक ने विधायक पर दोहरी राजनीति करने तथा लोगों को बाहरी-भीतरी के नाम पर लड़ाने का आरोप लगाया। कहा कि उन विस्थापितों को पानी या अन्य सुविधायें नहीं मिल रहीं। एमएलए के इशारे पर कुछ सक्षम लोग यहां जबरन प्लाटिंग कर रहे थे, जो उन्हें मंजूर नहीं। विधायक को इतनी फिक्र है तो अपने बनवाये गये अपार्टमेन्ट में उजाड़े गये लोगों को जगह दे दें और जिंदगी भर उनका वोट लेते रहें। विजय ने कहा कि इसके खिलाफ वे लोग सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे।

हठधर्मिता छोड़ें लोग, कार्रवाई करे प्रशासन-प्रबंधन : बिरंची

इस बारे में पूछे जाने पर विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि जो लोग बेघर हुए लोगों को उक्त जगह पर पुनर्वासित किये जाने का विरोध कर रहे हैं, वे अपनी हठधर्मिता छोड़ें। यह उनके लिये भी अच्छा होगा। बोकारोवासियों का एक सपना था, यहां हवाई सेवायें शुरू हो और इसके लिये स्वेच्छा से एयरपोर्ट की बाउंड्री से हटने वाले तथा निर्विरोध अतिक्रमण उजाड़ संपन्न कराने वाले लोग धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने शांतिपूर्वक जगह खाली कर दिया। आग्रह है कि दूसरे पक्ष के लोग भी विकास में हाथ बंटायें। उजाड़े गये लोगों में भंगी समाज, खटाल वाले आदि लोग हैं। वे आखिर कहां जायें? एक तो उन्हें पहले बसने ही नहीं देना था और जब 40-50 वर्षों से यहां बस गये हैं तो उनके रहने की व्यवस्था करनी चाहिये। प्रधानमंत्री मोदीजी का सपना है 2022 तक हर गरीब को पक्का मकान मिले और इन उजाड़े गये लोगों को भी पक्का घर मिले, इसके लिये वह मुख्यमंत्री तथा इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से बात भी करेंगे। उन्होंने तत्काल स्थानीय प्रशासन तथा बीएसएल प्रबंधन से इस दिशा में कार्रवाई करने का आग्रह किया। विधायक ने यह भी कहा कि उन्हें 12ई स्कूल के सामने वाली खाली जमीन उपयुक्त लगी, क्योंकि यह शहर से किनारे है। प्रशासन या प्रबंधन चाहे तो कहीं और भी पुनर्वास की व्यवस्था कर सकता है, लेकिन करे जरूर।

Varnan Live Report.

प्रिय पाठक, आपके सुझाव एवं विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। आग्रह है कि नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपना मन्तव्य लिख हमें बेहतरी का अवसर प्रदान करें।

धन्यवाद!

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.