बोकारो में गणपति महोत्सव की धूम, जगह-जगह हो रहे भव्य आयोजन

0
440

संवाददाता
बोकारो :
गणेश चतुर्थी का पर्व बोकारो, चास एवं आसपास के इलाके में गणपति महोत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शहर में जगह-जगह भव्य पंडाल बनाकर प्रथम पूज्य देव गणपति की पूजा अर्चना शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में नगर के सेक्टर नौ स्थित गायत्री मंदिर के समीप श्री सिद्धिविनायक मंडली की ओर से आलोक मैदान में भव्य गणेश पूजनोत्सव का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य डॉ प्रकाश सिंह ने फीता काटकर तथा पूजन संपन्न कर किया।

इस अवसर पर डॉ प्रकाश ने भगवान गणेश की पूजा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जीवन में अध्यात्म एवं भक्ति को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि भक्ति से ही शक्ति मिलती है। मौके पर श्री सिद्धिविनायक मंडली परिवार से जुड़े दर्जनों लोग उपस्थित थे। इसके अलावा नगर के सेक्टर-4 स्थित सिटी सेन्टर, सेक्टर- 2 में पोस्ट आफिस के समीप गणेश मंदिर एवं अन्य स्थानों पर भी गणेश महोत्सव की धूम मची है। सेक्टर- 2 में हर साल की भांति इस बार भी भव्य मेला लगाया गया है।

  • Varnan Live Report.
Previous articleबोकारो में तीज पर्व की धूम, मंदिरों में उमड़ी सुहागिनों की भीड़
Next articleउजड़े लोगों के पुनर्वास को आगे आये जनप्रतिनिधि, पर शुरू हुआ ये नया बखेड़ा
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply