विकास का माध्यम है ध्यान : मोहनलाल जी बोथरा

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बोकारो। चास के कुलदीप टॉकीज कंपलेक्स में पर्यूषण पर्व के अवसर पर जैन तेरापंथ सभा, चास-बोकारो की ओर से आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में लगातार ज्ञान-गंगा प्रवाहित हो रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को ध्यान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बाहर से पधारे जैन उपासक श्री मोहनलालजी बोथरा ने मानव जीवन में ध्यान और अध्यात्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ध्यान विकास का माध्यम है। ध्यान धर्म की एक एक श्रृंखला है। केवल इंद्रिय चेतना में धर्म को जाना नहीं जा सकता. अतिन्द्रिय चेतना के स्तर पर जाने के लिए ध्यान ही माध्यम है। बाह्यध्यान से अंतर-जगत में जाने से अंतरदृष्टि का विकास होता है। उन्होंने कहा कि चित्त को किसी एक लक्ष्य पर स्थिर करना है ही ध्यान कहलाता है। वैराग्य, तत्व-विज्ञान, समचित्तता तथा निग्रंथता आदि की प्राप्ति में उन्होंने ध्यान की भूमिका पर प्रकाश डाला और इन्हें ध्यान का उद्देश्य बताया। उन्होंने भगवान महावीर, बुद्ध, पैगम्बर, राजा जनक आदि के प्रसंगों की चर्चा करते हुए इनकी महत्ता बतायी। इसके बाद अब तीन सितंबर को संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा और चार सितंबर को क्षमापना दिवस के साथ इस नौदिवसीय पर्यूषण पर्व का समापन होगा। मौके पर अंजली छलानी, मनोज छलानी, निकिता चोपड़ा, सुनीता कोठारी, अनिल बैद, सज्जन जैन, सुरेश बोथरा, शांतिलाल लोढा, प्रकाश, विनोद चोपड़ा, संजय बांठिया, अरिहंत बांठिया, चन्दन बांठिया, कनक जैन, ललिता चोपड़ा, शशि बांठिया, अंकिता चोपड़ा, बजरंग, अभय, राजेश कोठारी, मदन, जयचंद, सुशील बैद आदि मौजूद थे।

  • Varnan Live Report.

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