जानलेवा बनी खतरे में पड़ी जमापूंजी

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सहारा ने बनाया बेसहारा… एजेंट और निवेशकों में भुगतान को ले संशय, बोकारो में एक और मौत

विजय कुमार झा
बोकारो : अपनी उम्र भर की गाढ़ी कमाई भविष्य के लिए संजोकर रखने वाले हजारों-हजार लोगों की उम्मीदें आज दम तोड़ती नजर आ रही हैं। जिस जमापूंजी को उन्होंने अपने आने वाले कल के लिए हिफाजत में समझकर सहारा इंडिया में निवेश किया था, वह खतरे में है। लोगों को उनके पैसे मिलेंगे भी या नहीं, यह अपने-आप में एक बड़ा सवाल बन गया है।

वैसे तो देशभर में सहारा इंडिया में निवेश करनेवाले लोगों की हालत खस्ता है, लेकिन बोकारो में जिस कदर आए दिन खतरे में पड़ी इस जमापूंजी के कारण मौत के मामले सामने आ रहे हैं, वह वास्तव में चिंतनीय है। पिछले दिनों जिले के बेरमो से सहारा के एक और एजेंट की मौत का मामला सामने आया। सहारा इंडिया कंपनी के अभिकर्ता मकोली नीचे धौड़ा निवासी राजकुमार चौहान (40) का ब्रेन हेमरेज होने से रांची स्थित मेडिका अस्पताल निधन हो गया। राजकुमार की बहन फूल कुमारी देवी सहित अन्य परिजनों का दावा है कि राजकुमार से लोग फोन करके पैसा दिलाने की मांग करते थे। कुछ लोग घर पर भी आकर पैसों की मांग करने लगे थे, इसलिए उन्हें ज्यादा टेंशन हो गया था। अपने घर की बहन, मां, भाई, पिताजी सहित उनके ससुर, साला सभी का पैसा डूबा हुआ था। सिर्फ राजकुमार की बहन का 9 लाख रुपए डूबा हुआ है। घर के लोग परेशान नहीं करते थे, लेकिन बाहर के लोग कहते थे कि पैसा डूबा है तो आप व्यवस्था करके दीजिए, जहां जाते थे, वहां लोग उन्हें परेशान करते थे। कहा, लगभग एक वर्ष से पुराना काम का कमीशन तक नहीं मिल रहा है। राजकुमार पूरी तरह टूट चुके थे। वह अपने पीछे दो पुत्री तथा दो पुत्र छोड़ गए हैं।

पहले एजेंट कर चुके हैं आत्महत्या
कुछ माह पूर्व खलारी के एक एजेंट ने आत्महत्या कर ली थी। इसी तरह, बोकारो जिले में पिछले वर्ष 14 नवंबर को सहारा इंडिया द्वारा भुगतान नहीं होने से परेशान सहारा इंडिया के अभिकर्ता आईईएल थाना क्षेत्र गवर्नमेंट कॉलोनी लाल फ्लैट समीप निवासी गणेश नोनिया (45) नामक एजेंट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह 25 लाख रुपए ग्राहकों की देनदारी का भुगतान नहीं होने से अवसाद में थे। गणेश अपने पीछे तीन बेटी और एक 12 साल का बेटा सहित पत्नी को छोड़ गए थे।

अकेले बेरमो में 200 करोड़ बकाया
बकाए रकम की बात करें तो अकेले बेरमो क्षेत्र में ही लगभग 200 करोड़ रुपए की जमापूंजी का भुगतान बकाया है। इसमें सिर्फ फुसरो इलाके से लगभग 80 करोड़ रुपए की लोगों की देनदारी बाकी है। शेष पैसे गोमिया सेक्टर व अन्य छोटे छोटे फ्रेंचाइजी के हैं। सहारा इंडिया द्वारा पैसे का भुगतान लगभग बंद कर दिया गया है।

बिहार-झारखंड के कई जिलों का नियंत्रण बोकारो से
वरीय अभिकर्ताओं के अनुसार सहारा इंडिया के बोकारो जोन से बोकारो जिला सहित बिहार-झारखंड के कई जिलों का नियंत्रण होता है। इनमें भागलपुर, पूर्णिया, धनबाद, देवघर, गोमिया तथा बगोदर शामिल हैं। सीनियर एजेंटो ने देनदारी का भुगतान न होने के पीछे सहारा के क्षेत्रीय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि रीजनल आॅफिस के अधिकारी व कर्मी अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में मुख्यालय में पैसा भुगतान का डिमांड जोरदार ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण भुगतान नहीं हो रहा है। बता दें कि आए दिन सेक्टर-4 स्थित बोकारो जोन के कार्यालय में इसे लेकर हंगामे भी होते रहे हैं।

इधर, झारखंड में ढ़ाई लाख से भी ज्यादा लोगों के 3 हजार करोड़ रुपए संकट में

रांची : सहारा इंडिया की विभिन्न योजनाओं में झारखंड के तकरीबन ढ़ाई लाख से भी ज्यादा लोगों के लगभग 3 हजार करोड़ रुपये फंसे हैं। जमा योजनाओं की पॉलिसी मैच्योर्ड होने के बाद भी लगभग दो वर्ष से भुगतान पूरी तरह बंद है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में स्थित सहारा के दफ्तरों में हर रोज बड़ी तादाद में पॉलिसी की राशि के भुगतान की मांग लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। रांची, हजारीबाग, रामगढ़, बेरमो, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर सहित कई शहरों में निवेश करने वाले लोगों ने सहारा के दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन भी किया है, लेकिन इन शाखाओं के प्रबंधकों और कर्मियों के पास कोई जवाब नहीं है। कंपनी के लिए काम करने वाले 60 हजार से भी ज्यादा कर्मी हर रोज हो रहे हंगामों से परेशान हैं। निवेशकों का कहना है मैच्योरिटी की राशि का भुगतान न होने से किसी का इलाज के अभाव में निधन हो गया तो किसी के बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी तक रुक गई। बेरमो के रामदास साव के मुताबिक, उन्होंने अपने जीवन की पूरी कमाई 20 लाख रुपये सहारा इंडिया में जमा किए, लेकिन उन्हें एमआईएस तक का भुगतान नहीं किया जा रहा। हजारीबाग के शिवपुरी निवासी संतोष कुमार के एक लाख रुपये फंसे हैं और वह दो साल से परेशान हैं। बेरमो के बबलू गुप्ता और उनकी पत्नी राजकुमारी भारती का कहना है कि पैसे न मिलने की वजह से उन्हें अपनी बेटी का विवाह स्थगित करना पड़ा। इसी तरह प्रदीप कुमार भगत ने भी 21 लाख रुपये जमा किए हैं, लेकिन उन्हें ब्याज तक की रकम नहीं दी जा रही है।

भुखमरी की कगार पर हैं कर्मी, 12 लाख कार्यकर्ता आत्महत्या को विवश
कंपनी के कमीशन एजेंट और कर्मचारियों का कहना है कि जमाकर्ताओं का भुगतान नहीं होने से हालत बहुत खराब है। वे भुखमरी की कगार पर हैं। खुद के घर में खाने-पानी के लाले पड़े हैं, ऊपर से जमाकर्ता उनसे अपना पैसा मांग रहे हैं। जबकि, सहारा कर्मियों को पिछले कई सालों से वेतन ही नहीं मिला है। भुगतान नहीं होने के कारण आये दिन सहारा कर्मचारियों और एजेंट मारे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार पूरे देश में करीब 12 लाख कार्यकर्ता और 13 करोड़ जमाकर्ता प्रभावित और बेरोजगार हैं। यह पूरे देश की आबादी का बड़ा हिस्सा है। सहारा इंडिया परिवार के मामले का निस्तारण नहीं हाने से यह सभी बेरोजगार, प्रभावित, परेशान और भुखमरी की कगार पर हैं। इसकी वजह से हजारों लोग आत्महत्या कर चुके हैं। इन्हें परिवार का भरण-पोषण करने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा, इसलिए आत्महत्या करने को मजबूर हैं। ये अलग बात है कि तनाव चरम सीमा पर है, परंतु जिंदगी से मुंह मोड़ना भी सही नहीं ठहराया जा सकता।


कंपनी के अधिकारियों पर चल रहे कई मुकदमे, 10 साल से जारी है कानूनी लड़ाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार जमाकर्ताओं द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के कई मामलों में सहारा कर्मचारियों जमानत पर हैं। सहारा के कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पिछले दिनों कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र में सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहित कई शीर्ष डायरेक्टर पर मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। कुछ महीने पहले सहारा के जोनल कार्यालय काकादेव में एजेंटों ने जमा कर्ताओं का भुगतान नहीं होने पर दफ्तर में ताला डाल दिया था, जिसके चलते रात भर कर्मचारी कार्यालय में बंद रहे थे। खबरों के अनुसार सहारा इंडिया की पिछले दस साल से कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है। इस वजह से देश में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

फैक्ट्स… 1978 में हुई थी सहारा इंडिया की स्थापना

सहारा इंडिया परिवार हमारे भारत देश की बहु-व्यापारिक अर्थात कई व्यापार में अपना पैसा लगाने वाली कंपनी है। वित्तीय सेवाओं, फाइनेंस हाउसिंग फाइनेंस, म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा, फिल्म निर्माण, खेल, पर्यटन, नगर विकास आदि क्षेत्रों में फैला हुआ है। सहारा इंडिया परिवार का हेड-क्वार्टर अर्थात मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में स्थित है। इसके संस्थापक एवं मालिक सुब्रत रॉय ने 1978 में इसकी स्थापना की थी। आज सहारा इंडिया परिवार में लगभग 1.2 मिलियन वेतनभोगी कर्मचारी, सलाहकार, फील्ड वर्कर, एजेंट और व्यावसायिक सहयोगी शामिल हैं, लेकिन सभी बदहाल हैं।

– Varnan Live Report.

बोकारो के संतोष बने मिशन मोदी अगेन के झारखंड प्रदेश मंत्री, कहा- 2024 में फिर कामयाब होगा मिशन

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बोकारो। ‘मिशन मोदी’ की टीम फिर 2024 में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए तैयार हो गई है। पिछले लोकसभा चुनाव में भी मिशन मोदी ने देश के कोने कोने में अपनी टीम गठित कर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बहुत मेहनत की थी और उसका नतीजा सामने है। अब फिर 2024 में मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए ‘मिशन मोदी’ की टीम ने कमर कस ली है। इस बार डेमोक्रेसी डेवलपमेंट ट्रस्ट के तहत राम गोपाल काका, राष्ट्रीय अध्यक्ष के कंधों पर यह जिम्मेदारी है। झारखंड में इस मिशन को सफलीभूत करने के लिए उन्होंने एक सभा में बोकारो के संतोष सिंह को ‘मिशन मोदी अगेन’ का झारखंड प्रदेश मंत्री बनाकर उन्हें इस राज्य की जिम्मेदारी दी है । गौरतलब है कि संतोष सिंह पहले भी बोकारो जिला अध्यक्ष के रूप में काफी सक्रियता के साथ अच्छा काम कर चुके हैं। मिशन मोदी को उन्होंने बोकारो में एक खास पहचान दिलाई है। प्रदेश मंत्री बनाए जाने पर संतोष ने अपने उच्चतर पदधारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में मिशन मोदी एक बार फिर कामयाब होगा और भारत विश्वपटल पर एक नए स्वरूप में, नए तेवर में नजर आएगा।

उन्होंने कहा कि अपनी नई जिम्मेदारी को वह पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। संतोष भाजपा किसान मोर्चा में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। प्रदेश मंत्री का नया दायित्व दिए जाने पर संतोष को ‘मिशन मोदी’ के प्रदेश के संरक्षक अरविंदर सिंह खुराना, प्रदेश महामंत्री घनश्याम पांडे एवं मीरा शर्मा के साथ अन्य कई लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। संतोष सिंह ने कहा कि वह भाजपा के लिए समर्पित हैं और मिशन मोदी के द्वारा घर-घर में मोदी जी के कार्य और योजनाओं को पहुंचाने के लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया है कि इस बार भी जीत मोदी जी की ही होगी।

– Varnan Live Report.

DPS चास में छात्र परिषद का चुनाव संपन्न, SDO ने कहा- स्कूल से ही मिलती है जिम्मेदारियों की सीख

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संवाददाता
बोकारो : डीपीएस चास में विद्यालय के योग्य छात्र-युवा प्रतिभाओं पर विशिष्ट जिम्मेदारियों को निभाने और प्रतिबद्धता, आत्मविश्वास व सक्षमता के साथ विद्यालय का नेतृत्व करने के उद्देश्य से बैज अलंकरण कार्यक्रम प्रतिस्थापन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सत्र 2022-23 के लिए गठित छात्र-परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों ने अपनी जवाबदेही की गरिमा को सच्चाई और ईमानदारी के साथ पूरा करने का संकल्प लिया। छात्र-परिषद का गठन निर्वाचन की प्रक्रिया द्वारा संपन्न हुआ था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी बोकारो दिलीप प्रताप सिंह शेखावत थे। 11वीं कक्षा के सक्षम झा हेड बॉय तथा वैभवी गुंजन हेड गर्ल, कक्षा- 11वीं के सौरव पांडेय वाइस हेड बॉय तथा कक्षा नौवीं की वैष्णवी रंजन वाइस हेड गर्ल, कक्षा नवीं की अन्वी राज को लिटरेरी सेक्रेटरी (साहित्य सचिव), कक्षा ग्यारहवीं के अनुज कुमार को स्पोर्ट्स सेक्रेटरी खेल सचिव  तथा कक्षा नवीं के रक्षित राज को कल्चरल सेक्रेटरी (सांस्कृतिक सचिव) चुना गया। उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। 

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने विद्यालय छात्र परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में दी गई छोटी-छोटी जिम्मेदारियां ही हमें जीवन की सीख देती हैं। लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी व संकल्प से प्रयत्न करने से ही सफलता हासिल की जाती है।प्रत्येक विद्यार्थी में प्रतिभा होती है जो अनुकूल परिवेश पाकर निखरती है। अपने संदेश में विद्यालय की चीफ मेंटर डॉ. हेमलता एस. मोहन ने नवनिर्वाचित छात्र-परिषद् के सदस्यों को बधाई दी और विद्यालय में छात्र-परिषद के महत्त्व पर प्रकाश डाला। डीएस मेमोरियल सोसायटी के सचिव सुरेश कुमार अग्रवाल, विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या दीपाली भुस्कुटे ने भी निर्वाचित सदस्यों को उनकी नई भूमिकाओं और बड़ी जिम्मेदारियों के लिए चयनित होकर आने पर बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन नौवीं कक्षा की संचिता व सौरव कुमार पांडेय ने की। राष्ट्रगान के साथ  समारोह संपन्न हुआ।

– Varnan Live Report.

विषम परिस्थितियों से लड़कर ही हम जीवन में बन पाते हैं दक्ष : गंगवार

DPS बोकारो में त्रिदिवसीय ‘साहित्योत्सव’ आयोजित, विद्यार्थियों ने दिखाई बौद्धिक व तार्किक क्षमता

बोकारो : शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में साहित्यिक गुणों का विकास करने के उद्देश्य से डीपीएस बोकारो में आयोजित तीनदिवसीय साहित्योत्सव (लिटरेरी फेस्ट) का समापन शुक्रवार को हुआ। इसके तहत विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार की स्पर्धाओं में अपनी कुशल बौद्धिक व तार्किक क्षमता का परिचय दिया। बोधी- द इनलाइटनमेंट नामक इस आयोजन के पहले दिन मोर इंफॉर्मेशन, मोर कंफ्यूजन विषय पर अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। पक्ष के प्रतिभागियों ने जहां अधिक सूचना को ज्ञानार्जन और बौद्धिक क्षमता के संवर्धन के साथ-साथ निर्णय-निर्धारण में सहायक बताया, वहीं विपक्ष के प्रतिभागियों ने इसे मानसिक उलझन और अल्पज्ञान के रूप में खतरनाक बताया।

प्रतियोगिता में चेनाब हाउस की श्रुति सिंह को प्रथम स्थान मिला। झेलम हाउस के राहुल कुमार सिंह व सतलज की अनमोली सिंह ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा जमुना सदन के आकाश राज  व गंगा हाउस की आद्या मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दूसरे दिन विषम परिस्थितियां ही हमारा मार्गदर्शन करती हैं विषय पर हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें पक्ष के प्रतिभागियों ने जहां परिस्थितियों से लड़कर और आगे बढ़कर सफलता व सौभाग्य मिलने की बात कही। वहीं, विपक्ष ने विषम परिस्थितियों को विवेकशून्यता, परेशानी और पराजय का कारण बताया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ए.एस. गंगवार ने विषम परिस्थिति को सम में बदलने की कला सीखने पर जोर दिया। कहा कि जीवन संघर्षों से भरा हुआ है। विषम परिस्थितियों से लड़कर ही हम दक्ष बन पाते हैं, इसलिए परिस्थितियों के सामने या तो टूट जाओ, बिखर जाओ या निखर जाओ। प्रतियोगिता में झेलम सदन की श्रेष्ठा रूपम द्विवेदी प्रथम रहीं। जमुना सदन के हर्ष राज व गंगा सदन के आर्या गौतम संयुक्त रूप से द्वितीय तथा झेलम सदन के दिव्यांशु आचार्य व जमुना हाउस की संजीवनी कुमारी ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

अंतिम दिन शुक्रवार को स्पेलिंग कंपटीशन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने शब्दों की पहेलियां सुलझाईं और पूछे जाने वाले जटिल अंग्रेजी शब्दों के स्पेलिंग बताए। प्रतियोगिता में गंगा सदन की टीम प्रथम स्थान पर रही। सतलज और चेनाब सदन क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे।

– Varnan Live Report.

PM had a clear message about the national Heroes

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Any one listening to the national address by PM Modi will clearly see the message he is trying to convey to the countrymen about the national heroes. He is clearly giving the message that the dominance of Nehru and Congress in the entire freedom struggle discourse has changed and he is going to accord appropriate place to each and everyone from every corner of the country.

His reverence started with Mahatma Gandhi Netaji Bose, Ambedkar and Savarkar as the first line of people to be mentioned. After that he went back in history to remember people like Mangal Pandey, Tatya Tope to Bhagat Singh, Asfaqullah khan and Ramprasad Bismil. He moved to mention the women freedom fighter and then came to mention the makers of post independence India starting from Dr Rajendra Prasad and Nehru and Patel. His choice of order is brilliantly thought through – no deifying anyone and not ignoring anyone.

In the Amrit Mahotsav, it is also important that the historical mis-alignments are corrected.

पारस एचईसी अस्पताल की उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवा अब बोकारो में भी, ओपीडी सेवा शुरू

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अच्छी स्वास्थ्य सुविधा से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव : डॉ. सुहास

बोकारो। पारस एचईसी अस्पताल, रांची की ओर से बोकारो के लोगों के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बोकारो में ओपीडी सेवा की शुरुआत की गई है। नया मोड़ स्थित वेलमार्क अस्पताल में न्यूरोसर्जरी, किडनी रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी एवं मिनिमल इनवेसिव सर्जरी, इंटरनल मेडिसिन मूत्र रोग के वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध की जा रही है। महीने के हर पहले और तीसरे शनिवार को बोकारोवासी इस विशेष सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।नस – ब्रेन सम्बन्धी रोग, किडनी की बीमारी, पित्ताशय में पथरी, हर्निया, बवासीर, प्रोस्टेट सम्बन्धी रोग आदि के इलाज के लिए लोगों को अब कहीं दूर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आउटरीच ओपीडी से संपर्क करने तथा नामांकन के लिए हेल्पलाइन नंबर- 90318 22852 /929799 1020 पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। बुधवार को यहां एक प्रेसवार्ता में पारस हेल्थ्केयर ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुहास आराध्ये ने कहा कि पारस एचईसी अस्पताल में न्यूरोसर्जरी, किडनी रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी एवं मिनिमल इनवेसिव सर्जरी, इंटरनल मेडिसिन मूत्र रोग संबंधी हर बीमारी का सफल इलाज उपलब्ध है।उन्होंने कहा – पारस अस्पताल का हमेशा से ही प्रयास रहा है कि किस तरह अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधा हरेक नागरिक तक पहुंचाई जा सके और एक स्वस्थ्य भारत का निर्माण हो। अच्छी स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और पारस इसी उद्देश्य से इस तरह के सेवाएं और समय समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, जिससे हर एक नागरिक एक स्वस्थ्य जीवन व्यतीत कर सके।
मेडिकल डायरेक्टर एवं वाइस चेयरमैन (न्यूरोसाइंस विभाग, पारस एचईसी हॉस्पिटल) डॉ. संजय कुमार ने इस मौके पर कहा कि पारस एचईसी अस्पताल, रांची एक विश्वसनीय चिकत्सकों की बड़ी टीम के साथ उच्च एवं नयी तकनीक से लैस एक ऐसा हेल्थकेयर सर्विस देना चाहता है, जिससे कि लोगों का अपने डॉक्टरों एवं अपने राज्य पर भरोसा बढ़े। मौके पर फैसिलिटी डायरेक्टर (पारस एचईसी अस्पताल, रांची) डॉ. नितेश कुमार ने कहा – “हमारा हमेशा से यही प्रयास रहा है कि झारखंडवासियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा उनके राज्य में ही उपलब्ध हो, ताकि उन्हें कहीं भी न जाना पड़े और इसी मकसद से हमने बोकारो में ऐसे मल्टी स्पेशलिटी ओपीडी की शुरुआत की है।
मौके पर वेलमार्क अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सतीश कुमार, हृदय रोग विशेषज्ञ एवं प्रबंधक अरविन्द कुमार सिंह, पारस एचईसी अस्पताल रांची की ओर से डॉ. मेजर रमेश दास (जनरल सर्जन), डॉ. नरेंद्र कुमार भोंसले (कार्डियक सर्जन), डॉ. आशुतोष कुमार ठाकुर (डाईबेटोलॉजिस्ट), डॉ. सौमिक चटर्जी (यूरोलोजिस्ट), डॉ. कुमार विशाल (ऑर्थो सर्जन) उपस्थित थे।

– Varnan Live Report.

‘दलदल’ में हेमंत सरकार… 5 IAS, 4 IPS संदेह के घेरे में, फोन कॉल डिटेल डीआरआई और इंटेलीजेंस के पास

झारखंड में तोड़फोड़ की सियासत : अपनों की साजिश, भ्रष्ट राजनीतिज्ञों और अफसरों के कारण बढ़ीं मुश्किलें

-: शशांक शेखर :-

रांची/पटना/बोकारो : एक पुरानी कहावत है कि जो शीशे के घर में रहते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते और यदि फेंक भी दिया, तो योग्य प्रतिद्वंदी उन्हें कदापि माफ नहीं करते। भले ही वो बारंबार किसी के पैर पर गिर पड़े। झारखंड के मामले में आज यह बिल्कुल प्रासंगिक दिख रहा है, जहां की सरकार भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद तथा गैर-जिम्मेदाराना कार्यों के कारण दिनो-दिन दलदल में फंसती जा रही है। घोर भ्रष्टाचारी राजनीतिज्ञों और अफसरों के कारण राज्य की हेमंत सरकार पर अब खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। खास तौर से जिन तथाकथित अपनों के सहयोग से राज्य में हेमंत सरकार बनी, उनमें से ही कई लोग सरकार गिराने की साजिश में लगे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद हावड़ा में तीन विधायकों की करोड़ों रुपए के साथ पकड़े जाने के बाद यह साजिश और ज्यादा स्पष्ट हो चुकी है। दूसरी ओर, भाजपा भी अपना अंदर ही अंदर अपनी बिसात बिछाने में लगी है। कुल मिलाकर, अपनों की साजिश, भाजपा की सुनियोजित योजना और सरकार में शामिल नेताओं और अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी कार्रवाई के कारण सरकार पर खतरा लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को यह कैसे हुआ, आइए समझते हैं क्रमवार-

दृश्य -1 : हावड़ा में बड़ी कार्रवाई

विधायकों के पास से बरामद रुपए।

हावड़ा से एक एसयूवी गाड़ी, जिसमें झारखंड कांग्रेस के इरफान अंसारी, राजेश कच्छप तथा नमन विक्सल कोंगाड़ी, तीनों विधायक तेजी से हावड़ा से झारखंड की ओर निकल पड़े। उसी वक्त हावड़ा की एसपी स्वाति भंगालिया को किसी ने सूचना दी कि पांच अज्ञात लोग करोड़ों रुपए लेकर हावड़ा से झारखंड की ओर भाग रहे हैं। बिना देर किए इस गाड़ी को पांचला थाना क्षेत्र के रानी हाटी मोड़ के पास रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन गाड़ी चालक ने जबरदस्ती अपनी गाड़ी बढ़ा दी। उसके 300 मीटर आगे जाते ही तीन अन्य गाड़ियों ने उसका पीछा कर उसे रोक लिया।

एसपी के अनुसार झारखंड की इस गाड़ी में पांच लोग सवार थे, जिसमें झारखंड के तीन कांग्रेसी विधायक राजेंद्र कच्छप, नमन विक्सन कोंगाड़ी और डा. इरफान अंसारी भी मौजूद थे। इन तीनों को रोक लिया गया और तहकीकात के बाद उनलोगों को हावड़ा में कोर्ट में पेशी के बाद 10 दिनों की रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

बोकारो के नईम की गाड़ी से हो रहा था ‘खेल’

बोकारो के ठेकेदार की इसी गाड़ी से रुपये बरामद हुए।

पश्चिम बंगाल में जिस गाड़ी में झारखंड कांग्रेस के तीन विधायक पैसे के साथ पकड़ाये, वो गाड़ी बोकारो के ठेकेदार नईम अंसारी की बताई जा रही है। टोयोटा कंपनी की वह गाड़ी (जेएच 09 एक्यू 0016) नईम अंसारी के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। ठेकेदार की गाड़ी पर जामताड़ा विधायक का बोर्ड लगाकर तीनों विधायक पश्चिम बंगाल में सफर कर रहे थे।

दृश्य- 2 : पटना में विधायकों की आतुरता

शनिवार-रविवार का अर्ध प्रहर। झामुमो के छह विधायक तथा कांग्रेस के चार विधायक पटना में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने को आतुर दिखे, जिन्हें बिहार भाजपा के वरिष्ठ महासचिव अपने साथ ले जा रहे थे। सूचना के अनुसार देर रात उनकी मुलाकात नड्डा से हुई। उसके बाद अमित शाह से भी उनके मिलने की सूचना है। उन विधायकों को यह सूचना पहुंचाई गई कि वो असम के मुख्यमंत्री से संपर्क में रहें। बाकी सारा काम हो जाएगा। उनकी समस्याएं हल कर दी जाएंगी। सूत्रों के अनुसार हावड़ा प्रकरण के पूरे मामले के तार भी असम से जुड़ने की बातें सामने आ रही हैं। इस मामले में खबर लिखे जाने तक कांग्रेस के ही एक विधायक बड़ा खुलासा करने की तैयारी में लगे थे।

दृश्य- 3 : 171 करोड़ के निवेश का खुलासा

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) तथा इनकम टैक्स विभाग को शनिवार को मुख्यमंत्री के खासम-खास पंकज मिश्रा, उनके दाहिने हाथ दाहू यादव और अभिषेक कुमार की मिलीभगत से अवैध रूप से जारी व्यवसाय- जहाज परिचलन तथा विभिन्न संपत्तियों के निवेश में 171 करोड़ रुपए  से अधिक की संपत्ति का पता चला। सख्ती से पूछताछ में पंकज रो पड़े। साहेबगंज में जहाज परिचालन में दाहू यादव को अवैध रूप से जहाज चलाने की अनुमति मोबाइल फोन पर बातचीत में पंकज मिश्रा और अभिषेक प्रताप ने कांके रोड स्थित एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ के घर से निर्गत किया था। डीआरआई को मोबाइल कॉल डिटेल में इसका पता चला है। इसका अलावा अवैध खान तथा पत्थर तथा बालू खनन में भी करोड़ों की उगाही की गई है। डीआरआई से प्राप्त सूचना के अनुसार तीन वरिष्ठ राजनीतिज्ञ सहित पांच आईएएस और चार पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत प्रत्यक्ष दिखती है, जिन्होंने अपना निवेश कोलकाता, नोएडा, बेंगलुरू, मुंबई, पुणे, रांची, धनबाद, जमशेदपुर तथा हैदराबाद में कर रखा है। यद्यपि पंकज और अभिषेक ने डीआरआई से बचने की कोशिश की, लेकिन उनके द्वारा दिए गए 10 वर्षों के आईटी रिटर्न ने यह साफ साबित कर दिया कि हजारों कमाने वाले ये शख्स आज करोड़ों के मालिक कैसे बन गए, यह तहकीकात का विषय है। इस पर आयकर विभाग और डीआरआई का अन्वेषण जारी है। इस मुद्दे पर वह बार-बार रो पड़े कि मैं गरीब आदमी फंस गया हूं। ये सारी संपत्ति मेरे पास कैसे आ सकती है। वहीं, दाहू यादव अब तक फरार बताया जा रहा है।

खास बातचीत : बीजेपी अध्यक्ष का दावा- देश के 18 राज्यों में हमारी सरकार, अगली बारी झारखंड व तेलंगाना की

शनिवार देर रात ‘मिथिला वर्णन’ से एक खास बातचीत में रात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा ने यह साफ कर दिया कि भाजपा झारखंड में भी अपनी सरकार बनाने को लेकर किस कदर कोशिश में लगी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश के 18 राज्यों में भाजपा की सरकार है, जिनमें महाराष्ट्र अभी-अभी शामिल हुआ है और अब अगली सरकार झारखंड और तेलंगाना की होगी। बंगाल में 39 प्रतिशत मत भाजपा को आया है।
    नड्डा ने कहा – हम 3 फीसदी समर्थन से आज 38 फीसदी तक पहुंच गए हैं। हमें लगातार जनता का समर्थन मिल रहा है और दक्षिण में तेलंगाना में भी अपनी सरकार बनाएंगे। हमारी ताकत यह है कि विपक्ष भी अब हमें जीतने वाली मशीन मानने लगे हैं। देश की सुरक्षा में अशांति पैदा करने वाले और परिवारवाद करने वाले दलों के खिलाफ भाजपा का अभियान चलता रहेगा। जब तक उनकी खराब नीतियों को नेस्तनाबूत नहीं कर दिया जाएगा, तब तक भाजपा शांत नहीं बैठेगी। इधर, गृहमंत्री अमित शाह का भी कहना है कि भाजपा राष्ट्रवादी पार्टी है और किसी भी स्थिति में राष्ट्रविरोधी, परिवावारवाद चलानेवाले लोगों और घातक तत्वों को माफ नहीं किया जाएगा।

– Varnan Live Exclusive.

डीपीएस बोकारो के बच्चों ने भारतीय त्योहारों पर आधारित नृत्यों से बिखेरी सतरंगी छटा

बोकारो ः डीपीएस बोकारो में जारी कल्चरल वीक के तहत गुरुवार को सेक्टर-5 स्थित प्राइमरी इकाई में अंतर सदन समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारतीय त्योहार विषयवस्तु पर आधारित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की सतरंगी छटा बिखेरी। रंग-बिरंगे परिधानों और आकर्षक रूप-सज्जा के साथ बच्चों ने अपनी भाव-भंगिमा और संवाद प्रेषण से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुआत दुर्गापूजा पर आधारित नृत्य के साथ हुई, जिसमें बच्चों ने महिषासुर वध के प्रसंग का जीवंत प्रस्तुतीकरण किया। इसमें उन्होंने बांग्ला संस्कृति की सुंदर छटा बिखेरी। इसके बाद जन्माष्टमी आधारित नृत्य में श्री कृष्ण जन्मोत्सव और तत्पश्चात होली पर आधारित प्रस्तुति में मथुरा और ब्रज की झलक दिखाई। इसके बाद गणेश चतुर्थी पर आधारित नृत्य में बच्चों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का सुंदर चित्रण किया।

इसी प्रकार रामनवमी संबंधी समूह नृत्य में प्रतिभागियों ने श्रीराम के जन्म और उनकी लीला को बखूबी दर्शाया। समापन पंजाब के प्रसिद्ध त्योहार बैशाखी पर आधारित लोकनृत्य के साथ हुआ। इसमें बच्चों ने धन-धान्य से परिपूर्ण खेत-खलिहान और पंजाबी संस्कृति का अनुपम प्रस्तुतीकरण किया और किसानों की महत्ता का भी संदेश दिया।

इन प्रस्तुतियों में जहां पार्श्व-संगीत और मंच की सजावट बेहतरीन रही, वहीं लय-ताल पर बच्चों का सुंदर सामंजस्य भी अपने-आप में अनूठा रहा। दर्शक दीर्घा में बैठे बच्चे भी पूरे उत्साह और जोश से लबरेज हो कार्यक्रम का आनंद लेते रहे और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

रावी सदन को मिला प्रथम स्थान
निर्णायक मंडली के मूल्यांकन के आधार पर प्रतियोगिता में दुर्गापूजा पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति के लिए रावी सदन को प्रथम स्थान मिला। प्रतियोगिता में गंगा और झेलम को संयुक्त रूप से द्वितीय, चेनाब हाउस को तृतीय, सतलज को चतुर्थ और जमुना सदन को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ।

प्रतियोगिता में हार-जीत नहीं, भाग लेना महत्वपूर्ण : ए एस गंगवार
इसके पूर्व प्राइमरी विंग स्थित भरत मुनि भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त कुलदीप चौधरी की धर्मपत्नी अपर्णा शुभ्रा एवं विद्यालय के प्राचार्य ए.एस. गंगवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्राचार्य ने बच्चों की प्रस्तुतियों को सराहते हुए कहा कि प्रतियोगिता में हार-जीत मायने नहीं रखती, प्रतिभागिता अहम है। उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने की आदत डाल अपना ज्ञान विकसित करने का भी संदेश दिया। प्राचार्य ने मिसाइल-मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पांच प्रेरणाप्रद पंक्तियों- मैं सबसे अच्छा हूं, मैं यह कर सकता हूं, भगवान हमेशा मेरे साथ हैं, मैं एक विजेता हूं और आज का दिन मेरा दिन है, को रोज सुबह खुद से बताने का संदेश भी बच्चों को दिया। मुख्य अतिथि श्रीमती शुभ्रा ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों को सराहनीय बताया।

– Varnan Live Report.

Mullah will trade medievalism for Islam

What has Islam been expanding for over last 14 centuries? Only to expand Arab Medievalism around the world.

If we look at beginning of 20th century, entire Islamic world was in poverty. Indian Muslims were in wretched conditions and no better than Hindus by mid of 20th century and that also after being in the ruling position for around 300 between 15th century to 18th century.

They destroyed libraries, burnt books, ravaged temples which were sheet of knowledge and killed learned men and captured scientists and philosophers of their time in order to propagate Islam.

In last 1400 Islamic world has not produced even one original idea, one single invention or invented any new technology. They have survived through looting the existing ones from where ever they expanded and destroying the existing one with others.

It is still doing the same and if they have their freewill, they will trade Arabian medieval living to expand Islam

For last 1400 years the entire Muslim world is stuck in this Islamic Paradox Pentagon

Narrative warfare against Sanatan is similar to horse riding, temple rager invaders

The war on Sanatan which started thousand years ago is going on. This is the only un-finished agenda for entire Abrahamic faith.

It started with horse riding barbarians travelling through the deserts and the cold mountains entering this land to loot, plunder, ravage temples, kill people and rape and enslave women. It also continued with medieval Europeans travelling in boats and crossing the rough seas in their pre-historic boats.

The world has benefitted over thousand years from the riches of Indian civilization. The entire pomp and show of Khalifa of Bhaghdad was funded by Indian money. Entire industrial revolution in Europe was funded by revenue from Indian artisans, traders, farmers and technicians. Still the same Abhrahamic world has been out to destroy the Sanatan traditions and philosophy.

In order to completely destroy this civilization, the modern warfare is the warfare of narrative. over last 75 years they have been able to break the foundation of the sanatan world. They have infiltrated the very foundation of this civilization – The knowledge base. They have corrupted the knowledge assets, mis-guided the learned men and created a large section of its people who are anti-sanatan. They have been able to infiltrate deep within and create a large section of anti-sanatani group within the sanatani community. All of this has been successful through the war of narrative, falsification of ancient history and ancient knowledge. Hindus have stopped reading their traditional texts and knowledge at the behest of the same modernist who spend frequent and regular visit to their churches and madarsas and masjids. They profess secularism to the world, however they themselves gyrate their lives around Bible or Qoran.

99% of Hindus do not even read one of their religious books and say they are secular. 100% of Muslim reads Qoran and offers Namaz and says they are not secular every day five times a day.

This war of narratives is the new war and Sanatanis need to come together to fight it otherwise time is ticking before they will be wiped out completely.