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बोकारो पहुंचे शंकराचार्य, धर्मावलंबियों ने किया स्वागत
बोकारो : पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती गुरुवार रात बोकारो पहुंचे। राजधानी एक्सप्रेस से पहुंचे शंकराचार्यजी का यहां बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में पहुंचे धर्मावलंबियों ने जोरदार स्वागत किया। इस क्रम में पूरा स्टेशन परिसर जय जगन्नाथ और शंकराचार्यजी की जय-जयकार से गुंजरित हो उठा।
बता दें कि शंकराचार्य की ट्रेन अपने निर्धारित समय से लगभग 11 घंटे विलंब से पहुंची। इसके कारण बोकारो क्लब में पूर्व निर्धारित उनकी धर्मसभा नहीं हो सकी। रात लगभग साढ़े आठ बजे यहां स्टेशन पर आगमन के बाद पीठाधीश्वर को 118, लोहांचल में लाया गया। वहां रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे से वे जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसमें सीधे आमलोगों से वे धर्म-संस्कृति को लेकर रू-ब-रू होंगे और उनकी जिज्ञासाएं भी मिटाएंगे।शंकराचार्य के स्वागत के दौरान ललन सिंह, राम अयोध्या सिंह, ओम पांडेय, शैलन्द्र पांडेय, अजय चौधरी दीपक, साकेत सिंह, बचन सिंह, अश्विनी सिंह, प्रो. अनिल सिंह, डॉ. महेन्द्र सिंह, विपिन ठाकुर आदि मौजूद रहे।– Varnan Live Report. -

भाजपा को भाजपा ने ही हराया : नरसिंह
बोकारो : झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार के पीछे कहीं न कहीं अपने ही कारण बने हैं। भाजपा को भाजपा ने ही हराया है। पार्टी का भितरघात ही इस पराजय का मूल कारण बना। यह कहना है मनु विश्वकर्मा कल्याण समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष नरसिंह शर्मा का। चुनाव परिणाम के बाद पत्रकारों से एक बातचीत में श्री शर्मा ने कहा कि यकीनन देश में भाजपा अच्छा काम कर रही है, मगर भाजपा कार्यकर्ताअाें ने सही तरीके से जनता के बीच विकास की बात नहीं रख सके।
इतना ही नहीं, रघुवर दास के व्यवहार से अधिकांश कार्यकर्ता काफी खफा थे। खास तौर से टिकट बंटवारे को लेकर जिस प्रकार कई समर्पित कार्यकर्ताओं व नेताओं की उपेक्षा की गई, वह सब भितरघात का कारण बना और अंततः यही सत्ता खोने की वजह भी साबित हुई। अगर भाजपा को झारखंड में फिर से अपने रुतबा पाना है तो सबका सम्मान करना करना होगा। जनमैत्री, कार्यकर्ताओं के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार आदि अहम कारक हैं। शर्मा ने हेमंत सोरेन को नई सरकार अपनी शुभकामनाएं देते हुए राज्य का विकास सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
- Varnan Live Report.
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बढ़ती कनकनी में बच्चों को राहत, DC के आदेश से क्या हुआ स्कूलों का नया समय, पढ़ें
संवाददाता
बोकारो। बढ़ती ठंड और राहत से बोकारो के स्कूली बच्चों को प्रशासन ने राहत दी है। उपायुक्त मुकेश कुमार ने सभी स्कूलों की कार्यावधि बदलने का सख्त निर्देश जारी किया है। नया समय पूर्वाह्न 9:00 से अपराह्न 3:00 करने का होगा। यह आदेश 20 दिसम्बर से ही प्रभावी हो जाएगा। स्कूल जाने वाले सभी छोटे-छोटे बच्चों और उनकी माताओं को अहले सुबह ठंड में उठकर स्कूल जाने के लिए तैयार होना पड़ता है। शीत ऋतु में इस व्यवस्था से बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानियों का तो सामने करना पड़ ही रहा है, साथ-साथ यह स्थिति किसी अप्रिय घटना को भी आमंत्रण दे रही है। अतः वर्तमान में कड़ाके की ठंड के मद्देनजर उपायुक्त मुकेश कुमार ने दिनांक 20.12.19 से दिनांक 14.01.20 तक जिले के अंतर्गत सभी सरकारी व निजी विद्यालयों के कार्यावधि को पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक करने हेतु निर्देश पत्र जारी कर दिया है। ऐसा कोई भी विद्यालय (सरकारी या निज़ी) जो उपायुक्त महोदय के इस निर्देश का सख्ती से अनुपालन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध निश्चित तौर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- Varnan Live Report.
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बच्चों में पोषण की गड़बड़ी विकारों का कारण : डा. मनीष
संवाददाताबोकारो थर्मल : बोकारो थर्मल के राजाबाजार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 15 में गुरुवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत केंद्र के बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में बेरमो के डाॅ कुमार मनीष ने केंद्र के 35 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डाॅ कुमार मनीष ने कहा कि देश में जन्म लेने वाले सौ बच्चों में से 6-7 बच्चे जन्म संबंधी विकार से ग्रस्त होते हैं। हा कि जन्म संबंधी विकारों के कारण नवजातों की मृत्यु इसके कारण होती है। पोषण संबंधी विभिन्न कमियों की वजह से बच्चे विभिन्न प्रकार के विकारों से ग्रस्त होते हैं। शुरूआती बालपन में विकासात्मक अवरोध भी बच्चों में पाया जाता है। यदि इन पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो यह स्थायी विकलांगता का रूप धारण कर सकती है। कहा कि बच्चों में कुछ प्रकार के रोग बेहद आम है। जैसे दांत, हृदय संबंधी अथवा श्वसन संबंधी रोग। यदि इनकी शुरूआती पहचान कर ली जाय तो उपचार संभव है। इन परेशानियों की शुरूआती जांच और उपचार से रोग को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है.जिससे अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आती और बच्चों में सुधार होता है। शिविर मेें जांच के दौरान 6 वर्षीय अर्श की भी जांच की गयी और उसकी माता को आवश्यक निर्देश देते हुए रिम्स या रिनपास में ले जाकर इलाज करवाने की सलाह दी गयी। बच्चे की मां ने डाॅक्टर को बताया कि उसका इलाज एवं दवा चल रहा है। मौके पर केंद्र की सेविका तबस्सुम आरा, सहायिका जुलेखा खातून सहित बच्चों की मां मौजूद थीं।– Varnan Live Report. -

बच्चों का स्वर्णिम भविष्य बनाने में शिक्षकों की भूमिका अहम : होरो
संवाददाताजरीडीह (बोकारो) : बालीडीह स्थित होली क्रॉस बाल निकेतन स्कूल में गुरुवार को 38वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी के छोटे-छोटे बच्चे ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बालीडीह के फादर विजय होरो ने किया। रंगारंग प्रस्तुतियों में बच्चों ने कव्वाली, जुबि-डुबि, पंजाबी, हरियाणवी गीतों पर नृत्य पेश किए। बच्चों के द्वारा प्रभु यीशु के जन्म पर आधारित नाटक भी प्रस्तुत किया। इस दौरान अतिथि फादर विजय होरो ने कहा कि बच्चे स्कूल की शोभा बढ़ाते हैं। वे अपने समाज, राज्य एवं देश का भविष्य होते हैं। माता-पिता को बच्चों का पहला शिक्षक माना जाता है, जो बच्चों को स्कूल जाना सिखाते है। बच्चों के स्वर्णिम भविष्य को कैसे सुधारा एवं संवारा जाए, उसमें शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। शिक्षक और शिष्य का रिश्ता पवित्र होता है। स्कूल की प्राचार्य सिस्टर केविन ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे कार्यक्रमों में भाग जरूर लेना चाहिए। इससे उनका मनोबल बढ़ता है। मंच संचालन शिक्षिका गीता व एलिन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मिस गुलाब, लिली, फांस्ता, कांता, रुथ, सुमन, सुजाता, एलिन, नूतन, कंचन, सावित्री, सीमा, एनी पीटर, गीता, शांति, बज्जू, स्वीटी का सराहनीय योगदान रहा।– Varnan Live Report. -

03 जनवरी को तय होगी Global Active City के कार्यक्रमों की रूपरेखा, होगा विचार-विमर्श
संवाददाताबोकारो। खेल जगत की सर्वोच्च अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति की ओर से संरक्षित महत्वाकांक्षी वैश्विक मिशन ग्लोबल एक्टिव सिटी नेटवर्क का हिस्सा बनाए जाने के बाद अब इसके तहत बोकारो में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं। इसी सिलसिले में आगामी 03 जनवरी को अपराह्न 12.30 बजे से उपायुक्त मुकेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में रखी गई है। बैठक में ग्लोबल एक्टिव सिटी का देश में पहला पार्टनर बनाए जाने को लेकर बोकारो के सभी प्रमुख संगठनों और पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, इसके तहत आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। जिला खेल पदाधिकारी पीवीएन सिंह ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है। उन्होंने बोकारो स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक (कार्मिक व प्रशासन), निदेशक प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं), सिविल सर्जन, बोकारो, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, डीपीएस बोकारो के प्राचार्य सह राधाकृष्ण सहोदया विद्यालय काम्प्लेक्स, बोकारो के अध्यक्ष, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, एनसीसी और एनएसएस के कमांडेंट, बोकारो चैम्बर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष, बोकारो स्टील प्लांट के खेल पदाधिकारी, बोकारो जिला ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष व सचिव तथा बोकारो योगा केन्द्र के प्रमुख पत्र जारी करते हुए उक्त बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है।उल्लेखनीय है कि बोकारो को खेल जगत की सर्वोच्च संस्था अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की ओर से संरक्षित एवं समर्थित महत्वपूर्ण न्युक्लियस मिशन ग्लोबल एक्टिव सिटी नेटवर्क से जोड़ा गया है। बोकारो इस्पात नगर यह स्थान पाने वाला भारत का पहला और एशिया का दूसरा शहर है। अंतरर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति परिवार की ओलंपिक शिक्षा संबंधित राष्ट्रीय इकाई भारतीय पीयरे डी कुरबटीन समिति (आईपीसीए) के कार्यकारिणी समिति सदस्य एवं बोकारो के अंतरराष्ट्रीय वालीबॉल प्रशिक्षक सह क्रीड़ा विशेषज्ञ जयदीप सरकार ने बोकारो को आईओसी के ग्लोबल एक्टिव नेटवर्क से जोड़े जाने के बाद यहां खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक, एकेडमिक, साहित्य, कला-संस्कृति आदि के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार हो सकेगा। इससे न केवल खेल के क्षेत्र में एक अनुकूल माहौल बनेगा, बल्कि हर तरह से एक पॉजिटिव एनवायरनमेंट का निर्माण संभव हो सकेगा।– Varnan Live Report. -

DGGI Mumbai busts major IGST refund racket, arrests one
Mumbai : The Directorate General of Goods and Services Tax Intelligence -Mumbai Zonal Unit (DGGI-MZU) has arrested one Shri Tejas Desai on Saturday (December 14, 2019) for fraudulently availing input tax credit of Rs. 41.15 crores without any supply of goods and services and only on the strength of bogus invoices. The arrested person had claimed Rs. 38.55 crores as IGST refund against exports.
In a press note issued by Seema Jere Bisht, Principal Additional Director General, DGGI –MZU, it has been stated that in the all India DGGI operation conducted on 11.09.19, three exporters were allotted to DGGI Mumbai for investigation. According to PIB Sources, DGGI Mumbai searched their premises on 11.09.19 and found that they were bogus entities and created merely for the purpose of availing refund in a fraudulent manner. To unearth modus operandi and to nab the mastermind, DGGI Mumbai launched an operation, by following the money trail of the IGST refund obtained, several searches were conducted all over India on the premises of CHA, many companies, key persons , forex dealer, commission agent and freight forwarders and several statements were recorded. It was revealed that Shri Tejas Desai, a resident of Surat, who is also director/promotor/operator of 15 companies connived with several persons, for availment, utilization of Input Tax Credit of Rs. 41.15 crores and further availment of IGST refund of Rs. 38.55 crores on the strength of bogus/fake invoices. Shri Tejas Desai was arrested on Saturday and produced before Additional Chief Metropolitan Magistrate Court in Mumbai. He has been remanded to 14 days judicial custody by the Court. It was also gathered that he is a habitual offender and hadbeen arrested by Central Excise Department, Surat in 2005 for export rebate fraud and by DRI, Mumbai in 2007 for over valuation of exports.
The accused person created a complex web using multiple layers of transactions, through Custom House Agents, freight forwarders, forex dealers, individuals and commission agents and made exports from using different IECs and different bank accounts. It was a major racket that involved persons who helped in creation of dummy exporters, entities involved in movement of refund proceeds in multiple layers, forex dealers and companies and persons who finally encashed it in cash form and returned it to the mastermind. Shri Tejas Desai was actively controlling these transactions at all levels. Further investigation is under progress.
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जानिए अदरक के ये अचूक घरेलू नुस्खे
रोजाना चाय और कई तरह की मसालेदार सब्जियों में डाले जाने वाला अदरक आपकी सेहत को बेहतरीन फायदे देता हैं। अदरक को केवल चाय और खाना पकाने में ही नहीं इस्तेमाल किया जाता। इसके कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे भी है, जिन्हें आजमाने से आपकी कई अन्य परेशान करने वाली सेहत समस्याओं को दूर किया जा सकता है। आइए, जानते हैं –
1). प्रतिदिन सब्जियों में अदरक का उपयोग करने से शरीर के होने वाले वात रोगों से मुक्ति मिलती है।
2). कब्ज, गैस बनना, वमन, खांसी, कफ, जुकाम आदि में इसका प्रयोग किया जाता है।
3). अदरक का सुखाया रूप सौंठ कहलाता है।
4). अदरक का ताजा रस पीने से मू?त्र संबंधी रोगों का निवारण होता है।
5). अदरक एवं गुड़ मिलाकर मट्ठे के साथ पीने से पीठ व कमर दर्द में आराम मिलता है।
6). अदरक का रस शहद में मिलाकर लेने से क्षय रोग में फायदा होता है।
7). हिचकी चलने पर अदरक का टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से आराम मिलता है।
8). अगर किसी व्यक्ति को खांसी के साथ कफ भी हो गया हो तो उसे रात को सोते समय दूध में अदरक डालें और उबालकर पिएं। यह प्रक्रिया करीबन पंद्रह दिनों तक अपनाएं। इससे सीने में जमा कफ आसानी से बाहर निकल आएगा। इससे रोगी को खांसी और कफ दोनों आराम भी महसूस होगा। इस बात का ध्यान रखें कि रोगी को अदरक वाला दूध पिलाने के बाद पानी न पीने दें।
(साभार : जीवन मंत्र)
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अपने भीतर की शक्तियों से जोड़ता है तंत्र : गुरुदेव श्री नंदकिशोर श्रीमाली
शिव और शक्ति का मिलन, नये का सृजन और पुराने का संहार का द्योतक है और प्रत्येक क्षण सृष्टि में यह हो रहा है। प्रत्येक पल कुछ नया निर्माण हो रहा है। पुराना समाप्त हो रहा है। यह क्रिया सृष्टि में चल रही है और यही क्रिया हमारे भीतर भी चल रही है।

Gurudev Sri Nand Kishore Shrimali. शास्त्र एक बात कहते हैं-
हम सब शिव हैं, शिवोहम् …, अहम् शिव…, मैं शिव हूं…, मैं शिव हूं… और साधक, शैव साधक, शक्ति साधक यह अच्छी तरह से जानता है कि वह शिवांश ही नहीं, शिव का स्वरूप है, और हम सबके भीतर शिव और शक्ति के संयोग का पर्व है महाशवरात्रि…। यह जो प्रत्येक मनुष्य के भीतर नये का सृजन और पुरातन के संहार की क्रिया है, उसे पूर्ण करने की विद्या जिस व्यक्ति को आती है, उसे गुरु कहते हैं। गुरु आपके जीवन में श्रद्धा और विश्वास के शिव बनकर आते हैं और आपके मन के शिव के साथ जुड़ जाते हैं।
गुरु गीता में लिखा है-
हेतवे जगतामेव संसारार्णव हेतवे
प्रभवे सर्व विद्यानाम् शम्भवे गुरुवै नम:
इस संसार सागर में चलने और इससे पार होने की क्रिया सिर्फ शिव और शक्ति को ही आती है, क्योंकि इस संसार की रचना शिव और शक्ति ने मिलकर की है, और जिसने रचना की है, उसे पार करने का मार्ग भी प्रदान करते हैं। तभी यह कहा गया है-
शम्भवे गुरुवै नम:…
उस गुरु को नमन है, जो शिव स्वरूप हैं, उस शिव को नमन है, जो वास्तव में गुरुओं के गुरु हैं।
बड़ा ही विचित्र है यह संसार, सभी इस संसार में चलना चाहते हैं। इसमें आनन्द लेना चाहते हैं और इससे पार भी उतरना चाहते हैं। अपनी नाव चलाना भी चाहते हैं तो निश्चित रूप से कोई न कोई विद्या होगी, जिससे इस संसार सागर में आनन्द से यात्रा कर सकें। कोई डूबना नहीं चाहता। कोई मरना नहीं चाहता। कोई पीड़ा नहीं चाहता। इस महान विद्या का नाम है- तंत्र, और इस तंत्र का सबसे पहले उल्लेख ऋग्वेद में आया है, जो ब्रह्मा के मुख से उच्चरित हुए, और ऋग्वेद में कहा गया है कि- तंत्र वह है, जिससे ज्ञान बढ़ता है।
ज्ञान चैतन्यभियते तंत्रम्
बड़ा ही खतरनाक विषय है तंत्र, ऐसा सब लोगों का सोचना है। ऐसा करो, पहले अपने मन में तंत्र के बारे में जो कुछ भी आपने सोच रखा है, उसे मिटा दो, हटा दो।
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तंत्र में दो शब्द- तन + त्र, तन का अर्थ है- प्रचुर मात्रा में हगरा ज्ञान और त्र का अर्थ है- सत्य। तो सरल बात यह है कि- वह ज्ञान, जिसका सम्बन्ध सत्य से है, वह तंत्र है। …और इस संसार में जो सत्य है, वह शिवत्व है, और जिसमें शिव है, वह सुन्दर है। सीधा-सादा अर्थ है कि- तंत्र देखा, परखा, जांचा सत्य का पूर्ण विस्तार के साथ ज्ञान है, जो सत्य है, सुन्दर है। शिवरात्रि मना रहे हैं अर्थात् शिव और शक्ति का संयोग पर्व मना रहे हैं।
शिव अपनी बात कहते हैं, पार्वती अर्थात् शक्ति उनकी बात सुनती हैं। सृष्टि के सृजक तो शिव और शक्ति ही हैं, और इन दोनों के बीच एक संवाद होता है कि मनुष्य किस प्रकार भव सागर से पार निकले। किस प्रकार इस संसार की यात्रा करे।
इस तंत्र के दो भाग हैं। प्रथम- निगम तंत्र, जिसमें पार्वती शिव से, शक्ति शिव से प्रश्न पूछती हैं। वेदों में जो लिखित है वह बताती हैं, उसके बारे में पूछती हैं, और दूसरे भाग में शिव पार्वती को विभिन्न विद्याओं का रहस्य स्पष्ट करते हैं। एक-एक प्रश्न का उत्तर देते हैं। व्याख्या करते हैं और कहा गया है कि- इस संवाद को सर्वप्रथम विष्णु ने सुना और उन्होंने इसे आगम और निगम नाम दिया।
इसी आगम तंत्र के कई भाग हैं- वामाचार, दक्षिण पंथ, कौलाचार, रुद्रयामल तंत्र।
वेद तो बहुत पहले उच्चरित हो गये थे, जिसमें प्रकृति जन्य देव वायु, अग्नि, आकाश, जल, भूमि, इन्द्र आदि का विवेचन था। लेकिन, इसका जीवन से क्या सम्बन्ध है, वह सम्बन्ध शिव ने पार्वती को समझाया। यह शिव पार्वती का संवाद बड़ा ही गूढ़ है। शक्ति प्रश्न पूछती हैं कि- मेरा क्या उपयोग है। मैं आपसे संयुक्त हूं, इसका क्या अर्थ है। कैसे आप और मैं जुड़कर संहार और सृजन करते हैं?
तंत्र की एक परिभाषा और है-
।। तन्यते विस्तार्यते ज्ञानम् अनेन इत तंत्रम्।।
तंत्र का अर्थ ज्ञान का विस्तार है, और यह ज्ञान इस पर आचरण करने वाले की रक्षा करता है। स्वयं का ज्ञान और वह स्वयं आपकी रक्षा करता है। केवल और केवल तंत्र ही आपको अपने भीतर की शक्तियों से जोड़ता है, जिससे आप नवीन सृजन करते हैं, निर्माण करते हैं। अपने शरीर का भी, अपने मन का भी, अपने विचारों का भी, अपने कार्यों का भी और अपनी एक-एक कोशिका का भी।
(साभार : निखिल मंत्र विज्ञान)प्रिय पाठक, आपको हमारा लेख कैसा लगा, इस पर अपनी राय नीचे कमेन्ट बाक्स में लिख हमें कृतार्थ करें।धन्यवाद।
