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  • जहां आते हैं लोग रोगमुक्त होने, वहीं बीमारियों को बुलावा

    जहां आते हैं लोग रोगमुक्त होने, वहीं बीमारियों को बुलावा

    संवाददाता
    बोकारो :
    भांति-भांति की बीमारियों से ग्रसित लोग जिस जगह पर डॉक्टरों से अपना इलाज कराने आते हैं और दवाइयां खरीदते हैं, वही जगह आज बीमारियों का केंद्र बन चुका है। हम बात कर रहे हैं बोकारो के सेक्टर-4 स्थित लक्ष्मी मार्केट की, जहां इन दिनों बारिश के मौसम में स्थिति काफी खतरनाक और नारकीय सी हो चुकी है। पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था या कहें तो कोई भी व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि पिछले दो-तीन दिनों की बारिश के चलते यहां बाढ़ सी हालत उत्पन्न हो गई है। ऐसे में बीमार मरीजों का डॉक्टर को तो पहुंच पाना काफी मुश्किल हो गया है। जवान तो किसी तरह आ भी जाएं, लेकिन खास तौर से बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानई होती है। घुटने भर-भर पानी से पार होकर उन्हें दवा दुकानों और डॉक्टरों तक जाना पड़ता है।
    जल-जमाव और कीचड़ के चलते यहां रास्ता भी काफी खतरनाक और हादसों को आमंत्रित करने वाला बन चुका है। आये दिन लोग बाइक समेत फिसलकर गिर जाया करते हैं। बारिश खत्म होने के बाद भी लगातार दो-तीन दिनों तक यहां पानी की स्थिति जस की तस रहती है। वजह एक ही है कि जल-निकासी की कोई उपयुक्त व्यवस्था नहीं की जा सकी है। दो-तीन दिनों के बाद जब पानी सूख जाता है तो कीचड़ से निकलने वाली सड़ांध और दुर्गंध हमेशा लोगों को परेशान करने के साथ-साथ उन्हें बीमार बनाने का भी खतरा लेकर आती है। सूत्रों के अनुसार जिस जगह से जल की निकासी व्यवस्था होनी थी, वहां पक्का निर्माण कर दिया गया है, जिसके चलते हैं यह विकराल स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।
    मार्केट के दवा व्यवसायियों का कहना है कि इस संबंध कई बार उनलोगों ने सामूहिक रूप से बोकारो स्टील प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई भी कारगर कदम उठाया नहीं जा सका है। दवा व्यवसायी सह युवा समाजसेवी अंकित कुमार ने कहा कि लक्ष्मी मार्केट का यह मेडिसिन कोरिडोर लोगों को रोगमुक्त बनाने में दशकों से अग्रणी भूमिका निभाता रहा है, लेकिन जलजमाव की इस विकट स्थिति के कारण आज यही जगह बीमारियों को बुलावा दे रहा है। वरिष्ठ अतीन्द्र सिंह ने भी प्रबंधन से इस मामले में यथाशीघ्र सकारात्मक कदम उठाए जाने की मांग की है, ताकि मार्केट में आने वाले मरीजों को दिक्कत न हो। उन्होंने स्थानीय विधायक एवं सांसद से भी इस दिशा में अपने स्तर से आवश्यक कदम उठाए जाने की आग्रह किया है।

    • Varnan Live Report.

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  • जनसम्पर्क-कर्मियों ने बतायी सरकार की जनकल्याणकारी योजनायें

    जनसम्पर्क-कर्मियों ने बतायी सरकार की जनकल्याणकारी योजनायें

    संवाददाता
    बोकारो : केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जिले के हर एक व्यक्ति तक पहुंचाकर उनको इन कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने व लाभ लेने के लिए प्रेरित करने की आकांक्षा के साथ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बोकारो ने अपने वृहद जन जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे चरण के चौथे दिन नावाडीह प्रखंड के गोनियाटो पंचायत एवं पलामू पंचायतों में स्थित पंचायत भवन में जागरूकता शिविर लगाकर ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाया गया। इस वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे चरण के चौथे दिवस पर मुख्यमंत्री जनसंवाद के बोकारो जिला समन्वयक अरविंद कुमार ने जनसंवाद केंद्र की कार्यशैली के बारे में विस्तृत जानकारी सभी उपस्थित ग्रामीणों को उपलब्ध करायी। ग्रामीणों को कहा कि मुख्यमंत्री जनसंवाद आपके शिकायतों के समाधान हेतु एक अनोखा माध्यम है। जनसंवाद केंद्र सीधा मुख्यमंत्री के निगरानी में संचालित होता है तथा इस मंच से प्राप्त मामलों की समीक्षा मुख्यमंत्री स्वयं ’सीधी बात’ कार्यालय आयोजित कर करते हैं।
                 जिला समन्वयक ने मुख्यमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना आयुष्मान भारत योजना, 108 द्वारा एंबुलेंस सेवा के अलावा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, महिलाओं के लिए एक रुपये में जमीन-रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित लगभग 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जन- कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपस्थित सभी ग्रामीणों को देते हुए उनको इन इस योजना से जुड़कर लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया। मौके पर गोनियाटो पंचायत के मुखिया गणेश सोरेन, पलामू पंचायत के उप मुखिया भागीरथी महतो, पलामू पंचायत के सचिव भरत लाल स्वर्णकार, ग्राम रोजगार सेवक ईश्वर साव, पंचायत सदस्य, पंचायत सचिव, स्वयंसेवक, सेविका, सहायिका सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
    – Varnan Live Report.
  • अनंत हैं विज्ञान की सीमाएं : महेश त्रिपाठी | जिलास्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

    अनंत हैं विज्ञान की सीमाएं : महेश त्रिपाठी | जिलास्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

    संवाददाता
    बोकारो : प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी विभाग के तत्वावधान में साईंस फाॅर सोसायटी, बोकारो, विज्ञान जागरण समिति, झारखण्ड व चिन्मय विद्यालय, बोकारो द्वारा 27वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस एवं 21वें बाल अधिकार कांग्रेस 2019 को लेकर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को किया गया। स्थानीय चिन्मय विद्यालय में आयोजित इस वर्ष एन.सी.एस.सी का मुख्य विषय ‘‘साईंस टेक्नोलाॅजी एंड इन्वोवेशन फाॅर क्लीन, ग्रीन एंड हेल्थी नेशन’’ तथा सी.आर.सी. का मुख्य विषय ‘‘राईट टू हेल्थ’’ अथवा ‘‘राईट टू इनावाॅरमेन्ट प्रोटेक्शन’’ है। इस कार्यशाला में जिले के 52 स्कूलों के बाल वैज्ञानिक एवं बाल अधिकारी एवं शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि महेश त्रिपाठी, सचिव चिन्मय विद्यालय, बोकारो थे। अपने संबोधन में श्री त्रिपाठी ने कहा कि विज्ञान की सीमाएं अनंत हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय में नन्हें वैज्ञानिकों को आराम से खोजा जा सकता है। नन्हें वैज्ञानिकों के सोच को नई उड़ान मिलती है। प्रभारी प्राचार्य एके झा ने आगंतुकों का स्वागत किया। साइंस फाॅर सोसायटी, बोकारो के महासचिव, राजेन्द्र कुमार ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की गतिविधियाँ पर विस्तृत प्रकाश डाला।
                     कार्यशाला के दौरान डाॅ टी पाचाल (प्रोजेक्ट मोर्फोलौजी) राजेन्द्र कुमार (प्रोजेक्ट राइटिंग, प्रेजेन्टेशन स्कील) एवं अरुण कुमार द्वारा प्रोजेक्ट की तैयारी एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। डाॅ टी पांचाल ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नई खोज की भावना को विकसित करना है। कार्यक्रम सफल बनाने में एस.एफ.एस के एस.पी. सिंह, एस के राय, जे.पी. पांडेय, पी. ज्येतिर्यमय, संजय कुमार, पीआरके वर्मा एवं चिन्मय विद्यालय के गोपाल चंद्र मुंशी (पर्यवेक्षक), शैवाल गुप्ता, संजीव कुमार, देव ज्योति बराल, सोनाली गुप्ता, तवशरण मारवाह, पूजा, नेहा, प्रणीता, डाॅ शुभ्रा मुखोपाध्याय, कंचन, मनोरंजन मित्रा आदि का प्रमुख योगदान रहा। ज्ञात हो कि जिलास्तरीय 27वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस एवं 21वें बाल अधिकार कांग्रेस 2019 आयोजन चिन्मय विद्यालय, सेक्टर-5, बोकारो में होगा। तिथि की घोषणा बाद में होगी।
    – Varnan Live Report,
  • प्रीति बनीं मिथिला महिला समिति की ‘सावन क्वीन’, जयंती रहीं ‘फर्स्ट रनर-अप’

    प्रीति बनीं मिथिला महिला समिति की ‘सावन क्वीन’, जयंती रहीं ‘फर्स्ट रनर-अप’

    संवाददाता
    बोकारो। बोकारो की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद की इकाई मिथिला महिला समिति की ओर से शुक्रवार को सेक्टर- 4 स्थित मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के सभागार में सावन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डाली सजाओ प्रतियोगिता व सावन क्वीन प्रतियोगिता के साथ-साथ गीत-नृत्य में समिति की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर प्रीति राय को सावन क्वीन के खिताब से नवाजा गया। जयंती पाठक फर्स्ट रनरअप व नीलू झा सेकंड रनरअप रहीं। वहीं, डाली सजाओ प्रतियोगिता में किरण मिश्रा, पूनम मिश्रा, मीरा मिश्रा, अलका झा व पुष्पा रानी कर्ण ग्रुप को प्रथम स्थान मिला।
    कजरी की प्रस्तुतियों से मोहित हुए लोग
    sawan queen2
    इसके पूर्व समारोह का उद्घाटन समिति की वरिष्ठ सदस्याओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। तत्पश्चात् समिति की सचिव उषा झा व कोषाध्यक्ष संगीता मिश्रा ने गणेश वंदना प्रस्तुत किया। इसके बाद कजरी ‘सखि हे सावन बहुत सुहावन…’ गीत की सुमधुर प्रस्तुति जयंती पाठक, पूनम मिश्रा, प्रीति राय, संगीता मिश्रा, उषा झा व नीलू झा ने की। रानी दास ने कजरी, भारती झा, ममता झा ने मैथिली नचारी गीत की संुदर प्रस्तुति से सबको आनंदित किया। प्रतियोगिताओं की निर्णायक मंडली में पूनम मिश्रा, आशा झा, अलका झा, अमिता झा, किरण मिश्रा, लीला झा शामिल थीं। कार्यक्रम का संचालन संगीता मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उक्त महिलाओं के अलावा मुख्य रूप से इंदिरा झा, मीरा मिश्रा, चन्दा झा, कंचन झा, पूनम सिंह आदि उपस्थित थीं।
    – Varnan Live Report.
  • खुशी के माहौल को गमगीन बना चल बसीं सुषमा स्वराज, जाते-जाते दे गयीं बधाई और कर गयीं अभिनंदन

    खुशी के माहौल को गमगीन बना चल बसीं सुषमा स्वराज, जाते-जाते दे गयीं बधाई और कर गयीं अभिनंदन

    दिल्ली ब्यूरो 
    नई दिल्ली।
    पूरा देश एक तरफ जहां कश्मीर से धारा 370 के हटने को लेकर जश्न में डूबा था, वहीं दूसरी तरफ भारतीय राजनीतिक फलक का ध्रुवतारा, आयरन लेडी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज देशवासियों को गम के आंसू बहाकर चिरनिंद्रा में सो गयीं।मंगलवार रात दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उनका निधन हो गया। 67 वर्षीय सुषमा स्वराज को हार्ट अटैक आने पर एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां पांच-पांच वरीय डाक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया गया, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके निधन की खबर जैसे ही पहले मीडिया में आयी कि लोगों ने इसे अफवाह समझा, फिर थोड़ी ही देर बाद इसकी पुष्ट खबरें आने के बाद समूचे देश में शोक-संवेदनाओं का तांता लग गया।सूत्रों के अनुसार खबर लिखे जाने तक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और डॉ हर्षवर्धन एम्स अस्पताल में मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के अन्य नेता भी कुछ ही देर में एम्स पहुंचने वाले बताये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लगभग आधा दर्जन ट्वीट कर अपनी शोक-संवेदना व्यक्त कीं। उन्होंने इसे निजी क्षति बताते हुए भारत के लिये उनके अविस्मरणीय योगदान की चर्चा की है-

    सुषमा स्वराज- एक परिचय

    सुषमा स्वराज भारतीय राजनीति का एक बहुत बड़ा चेहरा थीं। साल 2009 में वह भाजपा द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं। इस नाते वह भारत की पंद्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही थीं। इसके पहले भी वो केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में रह चुकी थीं और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही थीं। हरियाणा के अम्बाला छावनी में जन्मीं सुषमा स्वराज ने एसडी कॉलेज अम्बाला छावनी से बीए और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री हासिल की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और आपातकाल का पुरजोर विरोध करने के बाद वह सक्रिय राजनीति से जुड़ गयीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में साल 2014 में वो भारत की पहली महिला विदेश मंत्री बनीं। 

    सुषमा स्वराज ने मंगलवार, 6 अगस्त को ही लोकसभा से जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक पास होने पर मोदी सरकार को बधाई देते हुए अपनी मृत्यु के तीन घंटे पहले अपने आखिरी ट्वीट में लिखा था, “प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक अभिनंदन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।” इसके पूर्व आज दिन में गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में कड़े तेवर की भी उन्होंने अपने ट्वीट से सराहना की थी। 

    ये थे सुषमाजी के आखिरी ट्वीट-

    THE LAST TWEET
    “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” पर अभिनंदन कर चली गयीं सुषमा जी…
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  • बोकारो स्टील प्लांट में नये उद्यान का शुभारम्भ, CEO ने किया उद्घाटन व पौधरोपण

    बोकारो स्टील प्लांट में नये उद्यान का शुभारम्भ, CEO ने किया उद्घाटन व पौधरोपण

    संवाददाता
    बोकारो : बीएसएल के सीईओ पवन कुमार सिंह ने शनिवार को अधिशासी निदेशक (संकार्य) परिसर के समीप नये विकसित जीएम (मैकेनिकल) उद्यान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अधिशासी निदेशक मुकुल प्रसाद, आरसी श्रीवास्तव, आर कुशवाहा एवं वीके पाण्डेय, महाप्रबंधक प्रभारी (वित्त एवं लेखा) डीके साहा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
    जीएम (मैकेनिकल) उद्यान के उद्घाटन के बाद सीईओ श्री सिंह एवं मौके पर उपस्थित सभी अधिशासी निदेशकगण ने अधिशासी निदेशक (संकार्य) परिसर के समीप रोड संख्या-2 मेरिडियन में वृक्षरोपण भी किया। इस उद्यान को विकसित करने में सीईडी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अहम योगदान रहा।

    • Varnan Live Report.
  • मधुश्रावणी संपन्न, शिव-पार्वती पूजन से नवविवाहिताओं ने ली सुखद गृहस्थ-जीवन की सीख

    मधुश्रावणी संपन्न, शिव-पार्वती पूजन से नवविवाहिताओं ने ली सुखद गृहस्थ-जीवन की सीख

    संवाददाता
    बोकारो। मिथिलांचल पारंपरिक त्यौहारों में से एक है मधुश्रावणी, जो नवविवाहिताओं के लिये जीवन की एक सीख से कम नहीं है। 15 दिवसीय नवसुहागिनों के इस महाव्रत का समापन शनिवार को विधिवत हो गया। एक पखवाड़े के इस कार्यक्रम में नवविवाहिताओं ने शिव-पार्वती की विशेष पारम्परिक पूजा के माध्यम से सुखद गृहस्थ जीवन की सीख ली। उल्लेखनीय है कि बोकारो में बड़ी तादाद में मिथिलावासी रहते हैं और प्रत्येक वर्ष यहां मधुश्रावणी पूजा पूरे धूमधाम व उल्लास के साथ मनायी जाती है। इस वर्ष भी यहां कई मैथिल परिवार में नवविवाहितों ने इस व्रत को संपन्न किया। उनके घर एवं आसपास के इलाके में फूल लोढ़ने वाली नवविवाहिताओं की चहल-पहल और मधुश्रावणी गीतों से वातावरण मुग्ध बना रहा। उल्लेखनीय है कि श्रावण माह में नवविवाहिता अपने पति के दीर्घायु होने एवं घर में सुख समृद्धि की कामना करती है पूरे व्रत के दौरान नवविवाहितायें गौरी-शंकर की विशेष पूजा-आराधना करती हैं। नवविवाहिता को शिवजी पार्वती समेत मैना पंचमी, मंगला गौरी, पृथ्वी जन्म, पतिव्रता, महादेव की कथा, गौरी की तपस्या, शिव-विवाह, गंगा-कथा एवं बिहुला कथा जैसे 14 खंडों की कथा सुनाई जाती है। इन कथाओं के माध्यम से शंकर-पार्वती के जीवन, पति-पत्नी के बीच होने वाली नोंक-झोंक, रूठना-मनाना, प्यार मनुहार जैसी बातों का जिक्र होता है, ताकि नवदंपति इनसे सीख लेकर अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सकें।

    क्या है विशेष पारंपरिक विधि-विधान

    madhushrawani in kharka

    मधुश्रावणी पूजा शुरू होने से पहले दिन नाग-नागिन व उनके पांच बच्चे (बिसहारा) को मिंट्टी से गढ़ा जाता है। साथ ही हल्दी से गौरी बनाने की परंपरा है। 13 दिनों तक हर सुबह नवविवाहिताएं फूल और शाम में पत्ते तोड़ने जाती हैं। इस पर्व में नवविवाहिता नयी दुल्हन की तरह सज-संवरकर तैयार हो सखियों संग हंसी-ठिठोली करती हर दिन डाला लेकर निकलती हैं। वहीं पंडित जी की कथा मनोयोग से सुनती हैं। पर्व समापन दिन नवविवाहिता के पति फिर से सिंदूरदान करते हैं और विवाहिता के पैर में टेमी (रुई की बत्ती) दागते हैं। इस त्यौहार के साथ प्रकृति का भी गहरा नाता है।

                 मिट्टी और हरियाली से जुड़ी इस पूजा के पीछे का आशय पति की लंबी आयु होती है। यह पूजा नवविवाहिताएं अक्सर अपने मायके में ही करती हैं। पूजा शुरू होने से पहले ही उनके लिए ससुराल से श्रृंगार पेटी आ जाती है, जिसमें साड़ी, लहठी (लाह की चूड़ी), सिन्दूर, धान का लावा, जाही-जूही (फूल-पत्ती) होता है। मायकेवालों के लिए भी तोहफे होते हैं। सुहागिनें फूल-पत्ते तोड़ते समय और कथा सुनते वक्त एक ही साड़ी हर दिन पहनती हैं। पूजा-स्थल पर अरिपन (रंगोली) बनायी जाती है। फिर नाग-नागिन, बिसहारा पर फूल-पत्ते चढ़ाकर पूजा शुरू होती है। महिलाएं गीत गाती हैं, कथा पढ़ती और सुनती हैं। ऐसी मान्यता है कि माता गौरी को बासी फूल नहीं चढ़ता और नाग-नागिन को बासी फूल-पत्ते ही चढ़ते हैं। मैना (कंचू) के पांच पत्ते पर हर दिन सिन्दूर, मेंहदी, काजल, चंदन और पिठार से छोटे-छोटे नाग-नागिन बनाए जाते हैं। कम-से-कम सात तरह के पत्ते और विभिन्न प्रकार के फूल पूजा में प्रयोग किए जाते हैं।

    • Varnan Live Report.
  • मेयर की अगुवाई में चास से विदा हुआ विशाल डाकबम जत्था

    मेयर की अगुवाई में चास से विदा हुआ विशाल डाकबम जत्था

    – Our Correspondent.
    चास (बोकारो)। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी सावन के पवित्र मास में बोल बम के नारे के साथ 450 डाक बम एवं 250 सेवा दल कार्यकर्ताओं का विशाल जत्था शनिवार को चास से महापौर भोलू पासवान के नेतृत्व में सुल्तानगंज के लिये रवाना हुआ। डाक बम सेवा समिति के तत्वावधान में जत्था सुल्तानगंज के लिए गाजे-बाजे के साथ भोला बाबा को जलाभिषेक करने के लिये विदा हुआ। इस वर्ष समिति द्वारा मेयर की निगरानी में आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सभी श्रद्धालु भक्तिभाव में डुबकी लगाते नाचते-गाते कांवरिया निकले। शोभायात्रा में भगवान शिव-पार्वती, सीता-राम राधा-कृष्ण आदि की आकर्षक एवं मनमोहक झांकी भी निकाली गई जो बूढ़ा बाबा शिव मंदिर से महावीर चौक होते बाइपास रोड, चेकपोस्ट होते हुए राम मंदिर तक गई। वहां मंदिर में आशीर्वाद लेकर सभी लोग वहीं से बस एवं छोटी गाड़ियों से बाबा नगरी को प्रस्थान किए। यह जत्था वापस छह तारीख को लौटेगा। तब तक वहां की पूरी व्यवस्था समिति की ओर से की जायेगी, जिसका नेतृत्व चास नगर निगम के मेयर भोलू पासवान अध्यक्ष होने के नाते करेंगे।
                     इस अवसर पर मेयर ने कहा-  प्रत्येक वर्ष हम सभी चास से डाक बम को लेकर बाबा नगरी जाते हैं, जिनका रेजिस्ट्रेशन मात्र 51 रुपये में पिछले कुछ माह से चल रहा था। हर वर्ष हम सभी मित्र एवं अभिभावक लोग मिलकर सावन मास में बाबा नगरी जल चढ़ाने डाक बम एवं सेवा दल के साथ जाते हैं। किन्ही को कोई परेशानी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि सभी लोग सकुशल अपने घर वापस आ सके। इस कार्यक्रम की तैयारी पिछले लगभग एक माह से चल रही थी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय सिंह, राजकिशोर पोद्दार, टुनटुन मिश्र, प्रताप सिंह बाबू, अनिल गोयल, विकास सहाय, अर्चना सिंह, अभिजीत मोदक, राजेश यादव, संतोष कुमार सोनी, प्रेम पासवान, अजीत कुमार गुड्डू, शंकर प्रसाद सिंह, उमेश प्रसाद, सचित भगत, सुनील सिंह, वीरेन्द्र राम, बी. राम, अशोक शर्मा, पंकज यादव, सचिन दुबे, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे।
    – Varnan Live Report.
  • स्वामी चिन्मयानंदजी एक असीम ज्ञानमय विराट व्यक्तित्व : महेश त्रिपाठी

    स्वामी चिन्मयानंदजी एक असीम ज्ञानमय विराट व्यक्तित्व : महेश त्रिपाठी

    संवाददाता
    बोकारो। स्थानीय चिन्मय विद्यालय में आधुनिक भारत के महान वेदांती महामानव परमपूज्य गुरूदेव स्वामी चिन्मयानंद महाराज का 27वां महापरिनिर्वाण दिवस आराधना दिवस के रूप मे शनिवार को पूरे भक्ति भाव के साथ सोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर गुरूदेव को समर्पित कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः काल सर्वप्रथम चिन्मय सप्तर्षि भवन में विशाल सभागार में परमपूज्य स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती आचार्या चिन्मय मिशन केन्द्र बोकारो के निर्देशन में विद्यालय सचिव महेश त्रिपाठी ने संपूर्ण विश्व के कल्याण हेतु गुरूदेव की पूजा की एवं उनके पादूका का पूजन किया गया। उनके साथ विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भी चिन्मय अष्टोत्तर शतनाम का पाठ किया और गुरूदेव के चरणों में अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।
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    सबसे निराले ढंग से चिन्मय विद्यालय के नन्हें विद्यार्थियों ने परम पूज्य गुरूदेव की आराधना की। विद्यालय के तपोवन सभागार में बच्चों ने गुरूदेव के चित्र पर माल्यार्पण किया और बड़े ही सुरूचिपूर्वक तरीके से स्वामीजी के चित्र का फूलों से श्रृंगार किया। उन्होने भजन-कीर्तन किया एवं श्रीमद्भगवदगीता के प्रथम अध्याय का समवेत स्वर में पाठ भी किया।
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    वहीं, युवाओं ने खेल में अपनी क्षमता दिखाकर गुरूदेव को नमन किया। परमपूज्य गुरूदेव का कहना था कि युवाओं में असीम सृजनात्मक क्षमता हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें उपयोगहीन न मानकर उन्हें उनकी क्षमता से परिचित कराकर उनकी क्षमता को मानव समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए सदुपयोग किया जाए। इस अवसर विद्यालय के मैदान में फुटबाॅल, कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नर सेवा ही नारायण सेवा है सम्यक ज्ञान ही परम ब्रह्म  है।
                       गुरूदेव के इस दृष्टिकोण को पूरा करने हेतु विद्यालय प्रबंधन ने मानव सेवा आश्रम में बच्चों के बीच अन्न, फल, एवं चाकलेट का वितरण किया गया। इसके बाद डा. रोशन शर्मा, देवज्योति बराल, विजय गोप, पंकज मिश्र, मोहन साव, एसएन झा एवं विद्यालय छात्र सेवा समिति के सदस्यो ने उत्क्रमित विद्यालय चीरा चास में जाकर छात्रों के बीच नवीन पुस्तको का वितरण किया। इस अवसर पर परम पूज्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती ने बच्चों को परम पूज्य गुरूदेव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से अवगत कराया तो विद्यालय सचिव महेश त्रिपाठी ने स्वामी चिन्मयानंद को पूर्ण रूप से असीम ज्ञानमय विराट व्यक्तित्व बताया।
    – Varnan Live Report.
  • ‘चोर’ लिखित तख्तियों पर भड़का विवाद, BDO संग प्रदर्शनकारियों की नोंक-झोंक

    ‘चोर’ लिखित तख्तियों पर भड़का विवाद, BDO संग प्रदर्शनकारियों की नोंक-झोंक

    विशाल अग्रवाल
    गोमिया (बोकारो) : गोमिया प्रखंड परिसर में शुक्रवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब बीडीओ मोनी कुमारी एवं प्रदर्शनकारी आपस में हीं उलझ गये। इसके कारण पूरा प्रखंड कार्यालय परिसर रणक्षेत्र और हंगामे के केन्द्र में तब्दील रहा। महुआटांड़ पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में जनवितरण प्रणाली (पीडीएस सिस्टम) की वर्तमान व्यवस्था से आहत और आक्रोशित होकर प्रखंड परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में प्रखंड के बीडीओ, सीओ चोर है, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चोर है, जिला आपूर्ति पदाधिकारी चोर है, सभी मुखिया चोर है नारा लिखित तख्तियां लहरा रही थीं। चोर वाले नारे को ले सुनकर बीडीओ मोनी कुमारी बाहर निकलीं और प्रखंड प्रशासन के खिलाफ नारा लिखित तख्तियों पर एेतराज जताया। बीडीओ ने चोर लिखे शब्दों पर सफाई मांगी। कहा कि क्या सबूत है कि प्रखंड प्रशासन चोर है? मामला इतना बढ़ा कि थाना-पुलिस तक के पहुंचने की नौबत आ गई। बीडीओ द्वारा डांटने के बाद विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी भड़क गये एवं उनके बीच काफी देर तीखी नोंक-झोंक व बहस शुरू हुई। मौके पर पहुंचे आईईएल थाना प्रभारी तुलसी सिंह के बीच-बचाव के बाद मामला सुलझाया गया। थाना प्रभारी सिंह ने प्रदर्शनकारी ग्रामीण नेता बाबूलाल मरांडी को समझाया कि बिना कारण और सबूत के किसी सरकारी पदाधिकारी को चोर नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए पहले उक्त लिखित तख्तियों को यहां से हटाओ तब जाकर मामला शांत हुआ।

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    अनियमितता का आरोप
    नारालिखित तख्तियां हटाये जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड कार्यालय परिसर में सभा की। यहां प्रदर्शनकारी नेता मरांडी ने कहा कि जन वितरण प्रणाली में घोर अनियमितता बरती जा रही है। संपन्न लोगों को इसका लाभ दिया जा रहा है, जिस कारण योग्य लाभुक खाद्यान्न का उठाव नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि राशन कार्डधारियों का अनाज जनवितरण प्रणाली के स्थानीय दुकानदार आसीन सोरेन के यहां से मिलना चाहिए। साथ ही जन वितरण प्रणाली दुकानदार कविता बाला डे के यहां आनाज स्थानांतरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गोमिया के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर राशनकार्ड बनाने में अनियमितता बरतने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। बाद में प्रदर्शन कर रहे लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए बीडीओ कार्यालय पहुंचा तथा बीडीओ को अपना सातसूत्री मांगपत्र सौंपा। मौके पर सुभाष हांसदा, विनोद हांसदा, सोहन घांसी, सबा अहमद, सुखलाल सोरेन, जिरवा देवी, सुनीता देवी, यशोदा देवी आदि ने भी अपने विचार रखे।

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