Author: Mithila Varnan

  • रामलला की नगरी में फिर होगी गुरु-शिष्य परंपरा के अमृत महोत्सव की धूम, सफलता को ले 12 महीने तक चलने वाला विशेष पूजन शुरू

    रामलला की नगरी में फिर होगी गुरु-शिष्य परंपरा के अमृत महोत्सव की धूम, सफलता को ले 12 महीने तक चलने वाला विशेष पूजन शुरू

    हरिद्वार से हुई अयोध्या में 2026 के गुरु पूर्णिमा महोत्सव की घोषणा, अक्टूबर में कामाख्या में होगा विशेष साधना शिविर

    अयोध्या/हरिद्वार : प्रभु श्रीराम की पावन भूमि अयोध्या में एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा का अमृत महोत्सव गूंजने जा रहा है। 2026 में अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार, आजमगढ़ और निखिल मंत्र विज्ञान, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में चौथा गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्य रूप से आयोजित होगा।

    कारसेवकपुरम स्थित शिविर स्थल पर भूमि पूजन के साथ इसकी तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। खास बात यह है कि आगामी गुरु पूर्णिमा तक पूरे 12 महीने तक गुरु पूजन का अनवरत सिलसिला जारी रहेगा।

    इस महोत्सव की औपचारिक घोषणा हरिद्वार में हुई, जहां परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी की छत्रछाया में गुरुदेव डॉ. नंदकिशोर श्रीमाली जी ने गुरु पूर्णिमा शिविर के मंच से इसकी जानकारी दी।

    इसके साथ ही गुरुदेव ने 11-12 अक्टूबर, 2025 को कामाख्या धाम में विशेष साधना शिविर की भी घोषणा की है। साधकों के लिए यह शिविर आध्यात्मिक सिद्धियों का अद्भुत अवसर होगा।

    इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार, आजमगढ़ के अध्यक्ष श्री फौजदार सिंह ने कहा कि, “गुरुजी का प्रत्येक कार्य ईश्वरीय योजना का हिस्सा होता है। चौथी बार अयोध्या में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का सौभाग्य पाकर हम स्वयं को धन्य मानते हैं।”

    डॉ. दिनेश मिश्रा ने कहा कि, “कामाख्या शिविर साधकों के लिए अत्यंत दुर्लभ अवसर है। अयोध्या महोत्सव आध्यात्मिक पुनर्जन्म जैसा होगा।”

    कार्यक्रम में आजमगढ़, खुरहट, मऊ, अयोध्या सहित कई स्थानों से हजारों साधकों ने सहभागिता की। श्री फौजदार सिंह, डॉ. दिनेश मिश्रा, मीरा मिश्रा, सिद्धेश्वर शर्मा, रामाशंकर यादव, राममिलन सिंह, दिवाकर सिंह, मुसाफिर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजन को ऐतिहासिक बताया।

    इस पावन अवसर पर श्रीमती इंदुमती राय, श्रीमती राजकुमारी, सौम्या मिश्रा, शिप्रा यादव, कमलावती, विभा, उषा चौहान समेत अन्य भक्तगण भी उपस्थित रहे।

    गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 अयोध्या में साधना, आस्था और गुरु कृपा का संगम बनेगा। वहीं, कामाख्या धाम का शिविर साधकों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत साबित होगा।

    • Varnan Live Report.
  • गुरु पूर्णिमा पर प्रेम-नगर आश्रम में बही गुरु-शिष्य प्रेम की बयार, बोले गुरुदेव श्रीमाली- प्रेम करो, मोह नहीं

    गुरु पूर्णिमा पर प्रेम-नगर आश्रम में बही गुरु-शिष्य प्रेम की बयार, बोले गुरुदेव श्रीमाली- प्रेम करो, मोह नहीं

    हरिद्वार में निखिल मंत्र विज्ञान का नीलकंठ महादेव गुरु पूर्णिमा महोत्सव साधना शिविर उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न

    हरिद्वार। परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी (डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली) की दिव्य छत्रछाया में अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार एवं निखिल मंत्र विज्ञान के तत्वावधान में देवनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर रोड स्थित प्रेमनगर आश्रम में दो-दिवसीय नीलकंठ महादेव गुरु पूर्णिमा महोत्सव साधना शिविर गुरुवार को सोल्लास संपन्न हो गया। दो दिनों तक उत्साह और उमंग के माहौल में यहां गुरु पूर्णिमा पर गुरु और शिष्य के प्रेम की बयार बहती रही। देश-विदेश के कोने-कोने से हजारों की तादाद में पहुंचे साधकों और धर्मानुरागियों ने इस महोत्सव का आनंद लिया। शिविर के दूसरे दिन उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए गुरुदेव श्री नंदकिशोर श्रीमाली ने जीवन में प्रेम और आनंदरस पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा है, तो शिष्य पूर्णिमा भी है। यदि दो टूक शब्दों में कहा जाए कि गुरु पूर्णिमा क्या है, तो यह आत्म-प्रेम का दिवस है। गुरु और शिष्यों का आत्म-मिलन और इस आत्म-मिलन के अवसर पर जो गुरु के पास है, वह गुरु आपको प्रदान करते हैं। प्रदान करने की इच्छा रखते हैं और इस इच्छा को क्रियान्वित करते हैं, परिपूर्ण करते हैं।

    जीवन में मोह और प्रेम के अंतर को समझाते हुए गुरुदेव ने कहा कि संसार में किसी से भी खूब प्रेम करो। अथाह प्रेम करो, लेकिन मोह मत करो। क्योंकि, मोह हमेशा कष्ट ही देता है। प्रेम हमें आत्मनिर्भर बनाता है, मोह हमें गुलाम बना देता है। परंतु, जिस प्रकार पेड़ से मीठा फल पाने के लिए उस पौधे के वृक्ष बनने तक की प्रतीक्षा करनी पड़ती है, उसी प्रकार प्रेम का फल पाने के लिए प्रतीक्षा जरूरी है, जिसके लिए धैर्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रेम करोगे, तो अपने अंतर मन में कभी भी सूखे नहीं होगे। आपके भीतर प्रेम रस का भाव ही जीवन का सबसे बड़ा सौंदर्य है। सबसे अधिक प्रेम अंतर मन से करना चाहिए, क्योंकि अंतर मन में गुरु को विराजमान किया है। क्योंकि, गुरु की तुलना केवल ज्ञान से कर ही नहीं सकते हैं। गुरु कौन है? भुक्ति मुक्ति प्रदाता है। तो हमें संसार में, संसार को किस प्रकार से भोगना है, निर्लिप्त भाव से, वह भी सिखाते हैं। और, किस प्रकार से मुक्त होना है, वह भी सिखाते हैं।

    सीखने की ललक ही बनाएगी श्रेष्ठ
    गुरुदेव श्री श्रीमाली ने कहा कि यह गुरु पूर्णिमा आत्म-प्रेम दिवस है और आत्म-प्रेम का अर्थ एक ही है, मैं सीखने योग्य हूं। जब आप अपने आपको यह समझते हैं कि मैं सीखने योग्य हूं, तब आप अपने आपको और अधिक श्रेष्ठ, और अधिक श्रेष्ठ, और अधिक श्रेष्ठ बना सकते हैं। मुझे बहुत जानना है, मुझे बहुत सीखना है, मुझे बहुत कार्य करने हैं, मुझे श्रेष्ठ कार्य करने हैं, मुझे और कुछ देखना है, और अनुभव करने हैं, नए नए अनुभव लेने हैं। आत्मविश्वास की महत्ता रेखांकित करते हुए गुरुदेव ने कहा कि खुद पर विश्वास करना आत्म-प्रेम है। स्वयं पर विश्वास करना अर्थात मुझे बदलना है, मुझे और अधिक श्रेष्ठ होना है, मुझे और अधिक श्रेष्ठ होना है। तब हम अपना स्वयं का महत्व समझेंगे, स्वयं को मूल्यवान समझेंगे।

    भय प्रगति का सबसे बड़ा बाधक
    गुरुदेव ने यह भी कहा कि मनुष्य की प्रगति में सबसे बड़ा बाधक है-भय। कल की चिंताओं में मनुष्य भयभीत है। जबकि, गुरु शिष्य के वर्तमान को भविष्य के साथ जोड़ देते हैं। आप वर्तमान में जीयो, भविष्य अपने आप उन्नत हो जाएगा। इस अवसर पर विशेष रूप से गुरु पूजन हुआ और गुरुदेव ने शिष्यों को गुरुदीक्षा के साथ-साथ नीलकंठ महादेव, धूमावती सायुज्य बगलामुखी एवं काल सर्पदोष मुक्ति की शक्तिपात दीक्षा प्रदान की। साधना शिविर का समापन गुरु आरती, समर्पण स्तुति व महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। 

    चारों तरफ बना रहा उत्साहपूर्ण माहौल
    गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान प्रेम नगर आश्रम में लगातार दो-तीन दिनों तक उत्सव, उमंग और गुरु प्रेम का हर्षोल्लास छाया रहा। साधना शिविर के दौरान कार्यक्रम-स्थल के चारों तरफ और इर्द-गिर्द पीतांबरधारी शिष्यों की चहलकदमी लगी रही। शिविर में गुरुदेव से गुरु दीक्षा प्राप्त कर जहां हजारों की संख्या में नए साधक-साधिकाएं निखिल परिवार से जुड़े, वहीं विशेष शक्तिपात दीक्षाएं भी प्रदान की गईं। कार्यक्रम का संचालन निखिल मंत्र विज्ञान के संयोजक मनोज भारद्वाज ने किया। जबकि, इस क्रम में निखिल परिवार के गायक महेन्द्र सिंह मानकर और उनकी भजन मंडली की प्रस्तुति ने वातावरण में भक्ति-रस घोल दिया। आयोजन की सफलता में मनोज भारद्वाज के अलावा मुख्य रूप से गोपाल सैनी, अशोक खुराना, शैलेन्द्र शैली, संजय डोगरा, मनु शर्मा, फौजदार सिंह सहित निखिल मंत्र विज्ञान के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी विजय कुमार झा ने दी।

    • Varnan Live Report.
  • अधिकारियों की मनमानी के कारण अब तक बनी है विस्थापितों व बेरोजगारों की समस्या : देव शर्मा

    अधिकारियों की मनमानी के कारण अब तक बनी है विस्थापितों व बेरोजगारों की समस्या : देव शर्मा

    विधानसभा की सदाचार समिति के अध्यक्ष से मिले युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष

    बोकारो : युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और युवा लायंस फ़ोर्स के केंद्रीय अध्यक्ष देव शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ चास-बोकारो और चंदनकियारी के युवाओं की बेरोजगारी और विस्थापन की समस्याओं को लेकर कांग्रेस विधायक और झारखंड विधानसभा की सदाचार समिति के चेयरमैन रामचंद्र सिंह से मुलाकात की। श्री शर्मा ने पहले रामचंद्र सिंह को सदाचार समिति के चेयरमैन बनने पर बधाई दी और फिर बोकारो के स्थानीय मुद्दों को लेकर चिंता जताई।

    उन्होंने कहा –

    बोकारो में एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट होने के बावजूद यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। यहां तक कि पढ़े-लिखे युवाओं को भी नौकरी नहीं मिल रही है। हमारे जिले में लाखों लोग बेरोजगारी और भुखमरी से जूझ रहे हैं, जबकि कारख़ानों में काम करने के मौके न के बराबर हैं। बेरोजगारी की वजह से यहां के लोग दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।


    श्री शर्मा ने यह भी कहा कि- बोकारो स्टील प्लांट में वरीय अधिकारियों के आदेश पर सीआईएसएफ द्वारा प्रेम महतो की हत्या की गई और अब तक किसी भी बड़े अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस घटना से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने रामचंद्र सिंह से आग्रह किया कि प्रेम महतो के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं, ताकि आगे से अधिकारियों को इस तरह के अत्याचार करने से पहले सौ बार सोचना पड़े।


    श्री शर्मा ने आगे कहा कि बोकारो स्टील प्लांट स्वर्गीय इंदिरा गांधी का अभूतपूर्व योगदान था और उन्होंने उस समय स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिया था कि जब तक यह प्लांट रहेगा, बोकारो के स्थानीय और विस्थापित लोगों को रोजगार का पहला अधिकार होगा। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि इन विस्थापित गांवों के लोग न तो पंचायत में शामिल हैं और न ही निगम में। प्रशासन और संस्थानों की मनमानी के चलते स्थानीय लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विधायक रामचंद्र सिंह से यह भी कहा कि उनके द्वारा सदाचार समिति की अध्यक्षता संभालने से स्थानीय कांग्रेसियों और आम लोगों का मनोबल बढ़ा है और हमें उम्मीद है कि वे इन समस्याओं का समाधान करने में मदद करेंगे।

    • Varnan Live Report.
  • बीजीएच में अब आसान नहीं होगी इंट्री, विशेष पास वाले परिजन ही मिल सकेंगे अपने मरीज से

    बीजीएच में अब आसान नहीं होगी इंट्री, विशेष पास वाले परिजन ही मिल सकेंगे अपने मरीज से

    24 जून से शुरू हो रहा नई प्रणाली का परीक्षण, संक्रमण को देखते हुए लिया गया फैसला

    बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र के अधीन संचालित शहर के प्रमुखतम चिकित्सा केंद्र बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में अब आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक से युक्त विशेष पास वाले परिजन ही अस्पताल में भर्ती अपने मरीज से मिल सकेंगे। आगामी 24 जून से इसका परीक्षण शुरू हो रहा है। बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान के अनुसार, बीजीएच के इनडोर परिसर में प्रवेश आर.एफ. आई.डी. सक्षम पास के उपयोग के माध्यम से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा, जिसे पहले ही सभी अस्पताल कर्मचारियों (नियमित और संविदा सहित) और सभी इनडोर भर्ती रोगी के परिचारकों (मरीजों की देखभाल करनेवाले परिजन) को जारी कर दिया है।

    संचार प्रमुख के अनुसार, पार संक्रमण की घटनाओं को रोकने और कम करने तथा सुरक्षा के उद्देश्य से केवल एक परिचारक, जिसे भर्ती के सम्भ्य आर.एफ. आई.डी. पास जारी किया गया हो, उन्हें ही इनडोर विजिट की अनुमति दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में बीजीएच के उपयुक्त अधिकारी की अनुमति के साथ विशेष प्रयोजन यात्रा पास जारी किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा – आपका सहयोग हमें स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में अस्पताल के प्रदर्शन को बढ़ाने में मदद करेगा।

    उल्लेखनीय है कि आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) एक प्रकार की वायरलेस संचार प्रणाली है, जिसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल के ज़रिए किसी व्यक्ति, वस्तु या जानवर की पहचान की जाती है। इसमें विद्युत चुंबकीय या विद्युत-स्थैतिक तकनीक का उपयोग किया जाता है। चर्चा है कि संक्रमण के अलावा आए दिन होने वाले हंगामों के मद्देनजर भी बीजीएच में इस प्रकार की इंट्री का निर्णय कारगर साबित हो सकता है।

    – Varnan Live Report.

  • मेधाविता को प्रोत्साहन… पीएम श्री एसएस +2 उच्च विद्यालय कसमार में नवाजे गए प्रतिभाशाली विद्यार्थी

    मेधाविता को प्रोत्साहन… पीएम श्री एसएस +2 उच्च विद्यालय कसमार में नवाजे गए प्रतिभाशाली विद्यार्थी

    संवाददाता

    बोकारो ः पीएम श्री एसएस +2 उच्च विद्यालय कसमार में गुरुवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय प्रशासन ने झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा आयोजित 2025 की वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में विद्यालय के प्रथम दस स्थानों पर काबिज उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।


    समारोह की शुरुआत मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन, दीप प्रज्वलन और सरस्वती माता की प्रार्थना से हुई। कार्यक्रम का कुशल संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. रणजीत कुमार झा ने किया। इसके बाद विद्या, निखत, रिया, ज्योति और अन्य छात्राओं ने अपनी मधुर आवाज़ में स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया।


    विद्यालय के अंग्रेजी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अवनीश कुमार झा ने कार्यक्रम का परिचय दिया और अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान विद्यालय के टॉपर्स के अभिभावकों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।


    समारोह में कसमार थाना प्रभारी भजन लाल महतो, गर्री पंचायत की मुखिया गीता देवी और शिक्षा क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्वों ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित किया। थाना प्रभारी भजन लाल महतो ने सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, गर्री पंचायत की मुखिया गीता देवी ने टॉपर्स की सफलता को गर्व का विषय बताया। कसमार उत्तरी क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य अमरदीप महाराज ने विद्यार्थियों से अपने कर्तव्यों को निभाने और अपनी संस्कृति और मूल्यों का सम्मान करने की अपील की। विद्यालय के प्राचार्य फारुक अंसारी ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और टॉपर्स के सम्मान में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने विद्यालय को राज्य का सबसे उत्कृष्ट विद्यालय बनाने की प्रतिबद्धता जताई।


    समारोह में विद्यालय के सभी मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। साथ ही, ईको क्लब की गतिविधियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक रामबाबू शुक्ल के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को आभार व्यक्त किया।

    • Varnan Live Report.
  • बारिश के बीच डीसी खुद पहुंच गए जल-जमाव का जायजा लेने, अफसरों को दिया हालात सुधारने का निर्देश

    बारिश के बीच डीसी खुद पहुंच गए जल-जमाव का जायजा लेने, अफसरों को दिया हालात सुधारने का निर्देश

    संवाददाता
    बोकारो। बोकारो के नवपदस्थापित उपायुक्त अजय नाथ झा लगातार एक्शन मोड में दिख रहे हैं। गुरुवार को अपने दफ्तर से निकल वह बारिश के बीच जलजमाव से होने वाली परेशानियों का जायजा लेने खुद पहुंच गए। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच उपायुक्त शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर जलजमाव, गरगा डैम की स्थिति और शहरी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने बारिश की परवाह किए बिना स्वयं मैदान में उतरकर वास्तविक हालात की समीक्षा की और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। इस क्रम में उपायुक्त ने बोकारो स्टील सिटी क्षेत्र, चीराचास, पांडेय पुल, सोलागीडीह तालाब, आईटीआई मोड़, चास गुरुद्वारा रोड आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी, चास सुश्री प्रांजल ढांडा, जिला परिवहन पदाधिकारी वंदना शेजवलकर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, चास डा. प्रदीप कुमार, अंचलाधिकारी, चास दिवाकर दूबे, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

    उजागर हुईं गरगा डैम में सुरक्षा की खामियां, जताई चिंता


    निरीक्षण के दौरान उपायुक्त गरगा डैम भी पहुंचे, जहां जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने डैम का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बताया। निरीक्षण क्रम में डैम की सुरक्षा को लेकर कई कमियां उजागर हुईं। डैम के छह में से केवल दो गेट ही कार्यरत हैं और मरम्मत कार्य समय पर नहीं किए गए हैं। उपायुक्त ने इसे गंभीर मामला मानते हुए बीएसएल प्रबंधन एवं डैम की व्यवस्था देखरेख करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर मरम्मत से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को समर्पित करने, डैम की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी, ऑपरेशनल गेट आदि को तत्काल दुरुस्त करने को कहा। इसके लिए उन्होंने एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया।

    आपात स्थिति से निपटने पर दिया जोर

    उपायुक्त ने संभावित आपात स्थिति को लेकर पहले से तैयार रहने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जलस्तर बढ़ता है तो डैम का गेट खोलने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को समय रहते सतर्क किया जाए। उन्होंने चास बीडीओ/सीओ को माइकिंग कराकर सूचना देने की बात कहीं। साथ ही, उनके लिए सुरक्षित स्थल चिन्हित करने और उसे राहत केंद्रों के रूप में तैयार करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने तेनुघाट डैम के आस-पास के निचले इलाकों को लेकर भी संबंधित बीडीओ व सीओ को भी ऐसी तैयारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता को इसे सुनिश्चित कराने को कहा।

    गरगा नदी किनारे कचरे पर जताई नाराजगी
    उपायुक्त ने शहर के कई हिस्सों में कचरा फैले होने पर कड़ी नाराजगी जताई। पांडेय पुल के नीचे गरगा नदी के किनारे कूड़े के ढेर देखकर उन्होंने नगर निगम को अविलंब सफाई को लेकर निर्देश दिया। वहीं, जल जमाव की स्थिति से निपटने को लेकर नगर निगम चास, नगर परिषद फुसरो एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 24 से 48 घंटे के भीतर अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती कर नालियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तत्काल करने को कहा। उन्होंने सभी इकाइयों को जल निकासी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने का आदेश दिया, ताकि जलजमाव की स्थिति नहीं बने। उपायुक्त ने चास गुरुद्वारे का भी जायजा लिया, जहां जलजमाव की शिकायत गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा की गई थी। उपायुक्त ने चास नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर अविलंब नालियों की सफाई का निर्देश दिया।

    तालाबों के किनारे ड्रेस चेंजिंग रूम बनाने का दिया निर्देश
    निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पाया कि शहरी क्षेत्रों में स्थित तालाबों के आसपास बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, विशेषकर महिलाओं के लिए। उन्होंने चास स्थित सोलाहडीह तालाब के निरीक्षण क्रम में निर्देश दिया कि घनी आबादी क्षेत्र स्थित तालाबों के किनारे ड्रेस चेंजिंग रूम बनाएं। साथ ही, इन क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था भी की जाए, ताकि यह स्थल सुरक्षित और उपयोगी बन सके। चास नगर निगम प्रबंधन एवं सीएसआर नोडल अफसर को इस बाबत निर्देश दिया।

    गरगा डैम को पर्यटन के लिए विकसित करने पर दिया जोर
    गरगा डैम और उसके आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना पर भी उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उपायुक्त ने कहा कि गरगा डैम क्षेत्र में सुरक्षित पिकनिक स्थल और सेल्फी प्वाइंट बनाए जा सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों को मनोरंजन और रोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही जिले में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

    शहर को गंदा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
    उपायुक्त ने कहा है कि अपने घर को साफ रखने के लिए शहर को गंदा करना अनुचित है। सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शहरवासियों से सहयोग की अपील की। विशेषकर, सोसाइटी व अपार्टमेंट में रहने वाले आमजन कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें, ताकि उसकी नियमित साफ-सफाई हो सके। उपायुक्त ने गंदगी फैलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए निगम प्रशासन को जुर्माना वसूलने को कहा।
    उपायुक्त ने कहा कि हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। बारिश और संभावित आपदा की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी विभागों को सक्रिय रूप से काम करना है। आम नागरिकों से अपील है कि प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष 8986660333/06542-223705/247891/डायल 100/डायल 112 को सूचना दें।

    • Varnan Live Report
  • शिवराज का दावा- झारखंड में कम से कम 50 सीटों पर भाजपा की जीत तय, बढ़ सकता है आंकड़ा

    शिवराज का दावा- झारखंड में कम से कम 50 सीटों पर भाजपा की जीत तय, बढ़ सकता है आंकड़ा

    शशांक शेखर

    बोकारो। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री एवं झारखंड बीजेपी प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए की जीत सुनिश्चित है। पूर्ण बहुमत के साथ उनकी सरकार बनेगी। इस चुनाव में एनडीए कम से कम 50 सीटों पर जीत हासिल करेगी। जीत का यह आंकड़ा और बढ़ भी सकता है। बुधवार रात बोकारो में ‘मिथिला वर्णन’ से एक खास बातचीत में शिवराज ने ये बातें कहीं। झारखंड में अपनी चुनावी सभा को लेकर पहुंचे श्री चौहान चास के होटल वीणा रीजेंसी में इस संवाददाता से बात कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि पूरे राज्य में भाजपा के पक्ष में आंधी चल रही है।

    एक सवाल के जवाब में श्री चौहान ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार शुरू से ही भ्रष्टाचार में लिप्त रही है। जिस सरकार के मंत्री से लेकर संतरी के यहां ईडी की छापेमारी में नोटों के बंडल पर बंडल मिलते हों, उसे पाक-साफ कहने का दावा हास्यास्पद है।

    उन्होनें कहा कि भ्रष्टाचार-मुक्त झारखंड बनाना हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है। हमारी सरकार आएगी, तो स्वच्छ सरकार आएगी। जितने भी भ्रष्टाचारी हैं, सभी के विरुद्ध कार्रवाई होगी। उनके सीनियर आईएएस-आईपीएस अधिकारी, जिन्होंने राज्य को लूटने का काम किया है, उन सभी पर कार्रवाई होगी।

    सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 14 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे से गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के भरकट्ठा स्थित हाई स्कूल मैदान में जनसभा करेंगे। दोपहर 2:15 बजे से देवघर जिले के जिला कार्यालय में प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

    – Varnan Live Report.

  • नए सिरे से गठित होगी मिथिला सांस्कृतिक परिषद की कार्यकारिणी, 16 को मनेगा ‘कोजागरा महोत्सव’

    नए सिरे से गठित होगी मिथिला सांस्कृतिक परिषद की कार्यकारिणी, 16 को मनेगा ‘कोजागरा महोत्सव’

    संस्था की आमसभा में ध्वनिमत से कई प्रस्ताव पारित, अगली आमसभा 20 को

    बोकारो। बोकारो में मिथिला-मैथिली भाषा-भाषियों की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद की आमसभा रविवार को परिषद द्वारा संचालित सेक्टर 4ई स्थित मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के विद्यापति सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के पूर्व महासचिव एवं बीएसएल के सेवानिवृत्त वरिष्ठ सतर्कता पदाधिकारी सतीशचंद्र झा ने की। बैठक के दौरान सांगठनिक सशक्तिकरण, संस्थाहित तथा विद्यालय के उत्थान में आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया, साथ ही ध्वनिमत से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

        बैठक में विभिन्न वक्ताओं ने परिषद, मिथिला समाज तथा विद्यालय के हित में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात सर्वसम्मति से परिषद की वर्तमान कार्यकारिणी समिति के गठन को इसलिए अमान्य घोषित किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया, क्योंकि उक्त कार्यकारिणी का गठन नियमानुसार न तो पीठासीन पदाधिकारी मंडल की सहमति से हुआ था और न ही उसकी स्वीकृति आमसभा से ली गई थी। इसके लिए अब पीठासीन पदाधिकारी मंडल द्वारा महासचिव नीरज चौधरी के साथ मिलकर नई एवं वैध कार्यकारिणी का गठन करने एवं उसे आमसभा से अनुमोदित कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। उपस्थित लगभग 100 सदस्यों ने ध्वनिमत से ताली बजाकर इस पर अपनी सहमति जतायी।

        आमसभा की बैठक में परिषद के वित्त सचिव मिहिर मोहन ठाकुर द्वारा विद्यालय में हुई कथित वित्तीय अनियमितता के उठाये गए मामले की जांच को लेकर पांच सदस्यीय एक समिति के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें अध्यक्ष सतीश चंद्र झा सहित सुदीप कुमार ठाकुर, डीके ईश्वर, दिलीप कुमार झा एवं जयप्रकाश चौधरी शामिल किए गए। इसके साथ ही उक्त सभी निर्णयों के अनुमोदन एवं अन्य विषयों पर विचार-विमर्श को लेकर के परिषद की अगली आमसभा आगामी 20 अक्टूबर को पूर्वाह्न 10:30 बजे से आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा आगामी 16 अक्टूबर को मिथिलांचल का प्रमुख पारम्परिक त्योहार कोजागरा महोत्सव मनाने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लिए 10 सदस्यों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम का भार अरुण पाठक को दिया गया।

        इसके पूर्व, बैठक के आरंभ में परिषद के महासचिव नीरज चौधरी ने आमसभा में उपस्थित सभी अभ्यागतों का स्वागत करते हुए बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। पीठासीन पदाधिकारी मंडल के संयोजक विजय कुमार झा ने बैठक का विषय-प्रवेश कराया, वहीं वित्त सचिव मिहिर मोहन ठाकुर ने विद्यालय प्रबंधन समिति की कथित वित्तीय गड़बड़ी को आमसभा के पटल पर प्रस्तुत किया। बैठक को कृष्ण चंद्र झा, सुदीप कुमार ठाकुर, रवीन्द्र झा, गंगेश पाठक, सुनील मोहन ठाकुर, विनय कुमार झा, श्रवण कुमार झा, अनिल मोहन ठाकुर आदि ने भी संबोधित किया। जबकि, इस अवसर पर मुख्य रूप से परिषद के पूर्व महासचिव राजेंद्र कुमार, बटोही कुमर, पीठासीन पदाधिकारी मंडल के डॉ. दुर्गानंद मिश्रा, प्रो. जयराम झा सहित जेपी चौधरी, मिहिर कुमार झा राजू, दुर्गाचरण चौधरी, सुभद्र चौधरी, हरिश्चंद्र झा, गोविंद कुमार झा, चंद्रकांत मिश्रा, इंद्र कुमार झा, अविनाश झा अवि, श्रीमोहन झा, विश्वनाथ झा, रमण कुमार ठाकुर, संजय चौधरी, प्रकाश झा, विमलकांत झा, मनोज कुमार झा, मिंटू झा, संतोष कुमार मिश्र, रोशन कुमार तरुण आदि उपस्थित थे।

    – Varnan Live Report

  • ‘रंग षष्ठि: … नेशनल स्कूल आफ ड्रामा के हीरक नाट्य महोत्सव में दिख रहा अभिनय का बहुरंग

    ‘रंग षष्ठि: … नेशनल स्कूल आफ ड्रामा के हीरक नाट्य महोत्सव में दिख रहा अभिनय का बहुरंग

    मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया शुभारंभ, कहा- भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर

    बच्चा बाबू मिस्त्री

    नई दिल्ली : नेशनल स्कूल आफ ड्रॉमा, नई दिल्ली में इन दिनों नाट्य कला का बहुरंग लोगों का मन मोह रहा है। अवसर है हीरक जयंती नाट्य समारोह ‘रंग षष्ठि: का। एनएसडी के 60 वर्षों का इतिहास शानदार रहा है और इस आयोजन से जुड़कर कई दिग्गज कलाकार अपनी अभिनय-कला से लोगों को लुभा रहे हैं। हीरक जयंती नाट्य समारोह का शुभारंभ संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया। रानावि के अध्यक्ष परेश रावल ने आनलाइन माध्यम से जुड़कर मंत्री एवं प्रेक्षागृह में उपस्थित सभी सुधीजनों के समक्ष अपने वक्तव्य रखे।

    इस अवसर पर मंच पर पद्म सम्मान प्राप्त रानावि के पूर्व निदेशक प्रोफेसर रामगोपाल बजाज, सुप्रसिद्ध अभिनेता गोविंद नामदेव, जे.एस. उमा नंदूरी एवं रानावि निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी उपस्थित हुए। मंच संचालन सुप्रसिद्ध अभिनेता श्रीवर्धन त्रिवेदी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन रंगमंडल प्रमुख राजेश सिंह के द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल से जुड़े रहे सैकड़ों नामचीन कलाकार उपस्थित हुए। उद्घाटन समारोह के बाद ‘समुद्रमंथन’ नाटक का मंचन किया गया, जिसका निर्देशन चित्तरंजन त्रिपाठी ने किया।

    इस अवसर पर अपने संबोधन में संस्कृति मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में संस्थान की कालजई रचनाओं को लेकर यह आयोजन किया जा रहा है और ऐसे लोगों की उपस्थिति में किया जा रहा है, जिन लोगों के प्राण इस संस्थान में बसते हैं। उन सबको प्रणाम करते हुए इस ‘नाट्यशास्त्र’ के मंदिर को नमन किया। कहा कि एक बहुत लंबे उतार-चढ़ाव का दौर इस संस्थान ने विगत छह दशकों के इस कालखंड में देखा होगा। यह मुकाम हमें आत्म-अवलोकन का एक अवसर देता है और हमारे स्मृतियों के वीणा के तार को धंकृत करने का एक सौभाग्यपूर्ण आयाम भी प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा, ‘भारत जब एक बार फिर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, एक ऐसे मुकाम पर खड़ा है, जब पूरा विश्व भारत की तरफ एक बार फिर आशा की दृष्टि से देख रहा, हमें उन संपदा को नियोजित करके आने वाले समय में उपयोगी बनाना है। हमारी सास्कृतिक ताकत थी, जो हमारे जीवन में समाया था, उसका और उसके प्रति आदर का भाव ही भारत की संस्कृति को निरंतर प्रभाहमान बनाए रखा। आज एक बार फिर वही स्थिति बनी है जब भारत विश्वबंधु से विश्वगुरु बनने की तरफ अग्रसर है और विश्वगुरु केवल आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक ताकत के आधार पर बना जा सकता है। इस तरह की संस्थाओं ने हमारी सांस्कृतिक संपदा को जीवंत रखने का काम किया है। इस कालजयी संस्था को मेरी अनंत शुभकामनाएं।’

    – Varnan Live Report.

  • डॉ. गंगवार ने सरहद पार फिर बजाया DPS बोकारो का डंका, पेरिस में मिला European Excellence & Innovative Educator Award

    डॉ. गंगवार ने सरहद पार फिर बजाया DPS बोकारो का डंका, पेरिस में मिला European Excellence & Innovative Educator Award

    इंडो-यूरोप एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अभिनव शिक्षा एवं विकास में महती भूमिका के लिए फिर मिली अंतरराष्ट्रीय ख्याति

    बोकारो। विगत तीन दशक से भी अधिक समय से शिक्षा के जरिए राष्ट्रीय विकास में महती भूमिका निभाने वाले डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए एस गंगवार की अंतरराष्ट्रीय ख्याति व उपलब्धियों में एक और नया आयाम जुड़ गया है। उन्हें फ्रांस की राजधानी पेरिस में थेम्स इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा विश्व-प्रतिष्ठित यूरोपियन एक्सीलेंस एवं इनोवेटिव एजुकेटर अवार्ड से नवाजा गया है। नीति आयोग एवं ग्लोबल टॉक एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से सीईडी (सेंटर फॉर एजुकेशनल डेवलपमेंट) फाउंडेशन के तत्वावधान में थेम्स इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित इंडो-यूरोप एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत डॉ. गंगवार को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक अभिनव प्रयोगों, राष्ट्र व समाज की बेहतरी के लिए अटूट समर्पण, व्यापक अनुभव, उल्लेखनीय उपलब्धियों और अमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया। इंडो-यूरोप शिक्षा एवं नेतृत्व शिखर सम्मेलन के दौरान पेरिस के वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. राकेश मित्तल एवं ग्लोबल टॉक एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन डॉ. प्रियदर्शी नायक व अन्य प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में उन्हें सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, प्रमाण पत्र, स्मृति फलक एवं टाईनुमा सैश दिया गया।

    उल्लेखनीय है कि नीति आयोग, भारत सरकार एवं ग्लोबल टॉक एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से इंडो-यूरोप एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत डॉ. गंगवार को विद्यालय समुदाय में मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा भविष्य के शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए असाधारण समर्पण प्रमाण-पत्र से भी सम्मानित किया गया। उक्त विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत भारत के चुनिंदा विद्यालयों के नेतृत्वकर्ताओं के लिए यूरोप-भ्रमण का विशेष आयोजन किया गया था। उन्हें स्विट्जरलैंड,नीदरलैंड और पेरिस शहरों का भ्रमण कराकर यूरोप के शैक्षणिक परिदृश्यों से अवगत कराया गया। जबकि, थेम्स यूनिवर्सिटी, पेरिस में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान शिक्षाविदों को अलग-अलग कैटेगरी में सम्मानित किया गया।

    उक्त कार्यक्रम से लौटने के पश्चात बुधवार को विद्यालय में आयोजित एक विशेष एसेंबली के दौरान उक्त सम्मान की घोषणा की गई। घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अपने सम्मान से डीपीएस बोकारो, बोकारो इस्पात नगर तथा देश को गौरवान्वित करने की इस उपलब्धि पर विद्यालय का प्रत्येक सदस्य गर्व से अभिभूत दिखा। उप-प्राचार्य अंजनी भूषण, मनीषा शर्मा एवं शालिनी शर्मा ने संयुक्त रूप से पुष्पगुच्छ भेंटकर प्राचार्य को विद्यालय परिवार की ओर से बधाई दी।

    अपने उद्गार में प्राचार्य डॉ. गंगवार ने इसे सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के समेकित सहयोग का सुखद परिणाम बताया। विदित हो कि डॉ. गंगवार हाल ही में नॉर्वे की संसद में सम्मानित किए गए थे। इसके पूर्व दुबई, मॉरीशस, श्रीलंका, थाईलैंड और बांग्लादेश सहित अन्य जगहों पर भी आयोजित विभिन्न विश्वस्तरीय मंचों पर सम्मानित किए जा चुके हैं।

    – Varnan Live Report.