Author: Mithila Varnan

  • जन-समर्थन मिला तो बदली जाएगी जिले की सूरत : देवेश चन्द्र ठाकुर

    जन-समर्थन मिला तो बदली जाएगी जिले की सूरत : देवेश चन्द्र ठाकुर

    सीतामढ़ी : जन-सम्पर्क में सबसे आगे चल रहे NDA उम्मीदवार



    कार्यालय संवाददाता
    सीतामढ़ी : बिहार के सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2024 के 5वें चरण के लिए होने वाले नामांकन के पूर्व से ही भीषण गर्मी के इस मौसम में जिले में राजनीतिक तापमान भी बढ़ता जा रहा है। इस क्षेत्र से भाजपा-जदयू गठबंधन (राष्ट्रीय जनतंत्रिक गठबंधन) ने बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चन्द्र ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद (इंडी गठबंधन) की ओर से पूर्व सांसद अर्जुन राय प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इस बीच यदि हम चुनाव प्रचार और जन-सम्पर्क अभियान की बात करें तो इसमें राजग उम्मीदवार देवेश चन्द्र ठाकुर सबसे आगे चल रहे हैं।


    बोखड़ा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में एनडीए प्रत्याशी श्री ठाकुर ने जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहीं पाग दुपट्टा पहनाकर तो कहीं फूल मालाओं से उनका जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें चार लाख मतों से जीत का आशीर्वाद दिया गया। भाउर पंचायत स्थित रविन्द्र शाही मार्केट में आयोजीत कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुखिया सुनील पासवान ने लोगों से उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। इस दौरान सटेढ़ गांव स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेश चन्द्र ठाकुर ने कहा कि यदि उन्हें आम लोगों का स्नेह व समर्थन मिला तो जिले की सूरत बदली जाएगी। कहा कि उन्होंने
    वे शुरू से ही हमेशा जात पात से ऊपर उठकर राजनीति की है। इसी का प्रतिफल है कि वह पहली बार 2002 में तिरहुत स्नातक क्षेत्र से विधान पार्षद बने। तबसे आज तक उन्हें सभी जाति व धर्म के लोगों का समर्थन मिलता रहा है और वह पूरी ईमानदारी के साथ काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों के सहयोग व समर्थन से जिले के विकास के साथ देश स्तर पर सीतामढ़ी की पहचान दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वहीं, अखिल बिहारी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल पाठक ने कहा कि देवेशचन्द्र ठाकुर सांसद चुनकर संसद में जाएंगे और जिले का मान देश स्तर पर बढ़ाएंगे। उन्होंने आने वाले दिनों में देवेशचंद्र ठाकुर को सहयोग व समर्थन की अपील लोगों से की। इससे पहले महिसौथा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अखिलेश पटेल एवं पूर्व जिप सदस्य संजय कुमार झा समेत कई लोगों ने फूल माला, पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर एनडीए प्रत्याशी श्री ठाकुर का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिलेश पटेल ने की, जबकि मंच संचालन जदयू प्रखंड अध्यक्ष कमोद कुमार बसंत ने किया।

    कार्यक्रम को एमएलसी रेखा कुमारी, पूर्व मंत्री रंजू गीता, पूर्व एनडीए प्रत्याशी रेखा गुप्ता, भाजपा नेता देवेंद्र साह, जदयू जिलाध्यक्ष सतेन्द्र कुशवाहा, रविंद्र शाही, संजय झा, समाजसेवी जावेद अख्तर, हाफ़िज़ अंसार, मुखिया सुनील पासवान, राम किशोर साह सिकंदर यादव, शम्भू सहनी, पूर्व जिला पार्षद संदीप कुमार पटेल, पूर्व मुखिया मदन मोहन झा, भाजपा नेता अशोक चौधरी, पवन साह, प्रवीण पाठक, कौशल पाठक, चन्द्रमोहन पटेल एवं उर्मिला देवी के अलावा कई लोगों ने संबोधित किया।

    वहीं, चकौती पंचायत में मुखिया अशोक कुमार, विजय झा, बशिष्ठ बाबू, अख्तर बाबू ओसामा, दिलीप ठाकुर, मोहमद तनवीर, बिक्की सहित दर्जनों लोगों ने स्वागत किया। दूसरी ओर, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता व किसान आंदोलन से जुड़े नेता गोविन्द नारायण पाठक, पुपरी राजबाग क्षेत्र के नगर पार्षद धर्मेंद्र पाठक सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खड़का, हरिनगर आदि गांवों में लोगों से मिलकर श्री ठाकुर को समर्थन देने की अपील की।

    – Varnan Live Report.

  • बोकारो स्टील प्लांट की गैस पाइप लाइन में लगी आग, धुआँ निकलने से मची अफरातफरी

    बोकारो स्टील प्लांट की गैस पाइप लाइन में लगी आग, धुआँ निकलने से मची अफरातफरी


    बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट की गैस पाइप लाइन में अचानक आग लग जाने और धुएं का गुब्बार निकलने की घटना के बाद प्लांट में चौतरफा अफरातफरी मच गई। आनन फानन में सीआईएसएफ के सुरक्षा कर्मियों ने प्लांट गेट खोल दिया और अन्दर काम कर रहे कर्मचारी बाहर भागने लगे। घटना शनिवार सुबह की है।

    हादसे के बाद पूरे शहर और आसपास के इलाके में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के तुरंत बाद सीआईएसएफ और अग्निशमन विभाग के दस्ते ने आग पर काबू पा लिया। घटना की सूचना मिलते ही बोकारो स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक (संकार्य) बी के तिवारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

    हादसे के बाहर निकलते मजदूर।

    बोला प्रबंधन- गैस रिसाव नहीं, हालात काबू में

    इधर, बोकारो स्टील प्लांट के प्रमुख, संचार मणिकांत धान ने बताया कि प्लांट के मिक्स्ड गैस पाइप लाइन, जिससे हॉट स्ट्रिप मिल के री हीटिंग फ़रनेस में गैस सप्लाई की जाती है, उसमें आज सुबह पहले से ही तय प्रोग्राम के अनुसार मेंटेनस का काम चल रहा था। पाइप लाइन बंद थी और इसमें कोई गैस नहीं थी।

    घटनास्थल पर मौजूद ईडी व अन्य।


    मेंटेनस के तहत एक compensator भी चेंज किया जाना था, जिसके लिए पाइप लाइन में कटिंग एवं वेल्डिंग का काम हो रहा था। वेल्डिंग से निकलने वाली चिंगारी से पाइप लाइन के अंदर जमा naptha, sulphur इत्यादि जो ज्वलनशील होता है, उसमें आग लग गई और काफ़ी धुआँ निकल आया, जो पाइप लाइन के माध्यम से हॉट स्ट्रिप मिल तक फ़ैल गया। इसके कारण थोड़े समय के लिए अफरा तफरी हुई।

    जीरो गैस रिसाव का प्रमाण दिखाते अधिकारी।


    उन्होंने बताया कि पाइप लाइन से किसी प्रकार के गैस की लीकेज नहीं हुई है और कोई घबराने की बात नहीं है। आग बुझा दी गई है।
    हमारे वरीय अधिकारी घटनास्थल पर स्वयं मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गैस एनालाईज़र मशीन द्वारा भी जाँच में भी कोई गैस लीकेज नहीं मिला है।

    डीसी ने कहा- प्रशासन अलर्ट

    जायजा लेते जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी।

    उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव के अनुसार लगभग दो दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। डीडीसी और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी वहाँ मौजूद हैं। प्लांट के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर तैनात हैं। सीआईएसएफ और फायर ब्रिगेड को सतर्क रखा गया है। प्रबंधन से घटना की रिपोर्ट मांगी गई है। जिला प्रशासन अलर्ट है। घबराने की कोई बात नहीं है।

    अस्पताल प्रबंधन बोला- 21 लोग ऑब्जर्वेशन में, हालत स्थिर

    बोकारो जनरल अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि बोकारो इस्पात संयंत्र में धुंएँ के संपर्क में आए कुल 21 कर्मचारी, जिनमें कुछ संविदा कर्मी भी शामिल है, उन्हें एहतियात के तौर पर ऑब्ज़र्वेशन हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति सामान्य और स्टेबल है और चिकित्सक लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

    – Varnan Live Report.

  • जहां जलती हुई लकड़ी से भगवान शिव को लगी थी पिटाई, जानिए क्यों

    जहां जलती हुई लकड़ी से भगवान शिव को लगी थी पिटाई, जानिए क्यों

    भक्त की भक्ति के आगे नौकर बन गए थे देवाधिदेव महादेव

    प्रवीण कुमार झा, वरिष्ठ लेखक व समीक्षक (E-mail: Praveenfnp@gmail.com)

    भगवान शिव की कोई जलती लकड़ी से पिटाई करे ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता लेकिन, यह बात बिल्कुल सच है। बात कुछ 1360 ई. के आस-पास की है। उन दिनों बिहार के मिथिला क्षेत्र में विस्फी गांव में एक कवि हुआ करते थे। कवि का नाम विद्यापति था। कवि होने के साथ-साथ विद्यापति भगवान शिव के अनन्य भक्त भी थे। इनकी भक्ति और रचनाओं से प्रसन्न होकर भगवान शिव को इनके घर नौकर बनकर रहने की इच्छा हुई।


    भगवान शिव एक दिन एक जाहिल गंवार का वेश बनाकर विद्यापति के घर आ गये। विद्यापति को शिव जी ने अपना नाम उगना बताया। विद्यापति की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, अतः उन्होंने उगना को नौकरी पर रखने से मना कर दिया। लेकिन, शिवजी मानने वाले कहां थे। सिर्फ दो वक्त के भोजन पर नौकरी करने के लिए तैयार हो गये। इस पर विद्यापति की पत्नी ने विद्यापति से उगना को नौकरी पर रखने के लिए कहा। पत्नी की बात मानकर विद्यापति ने उगना को नौकरी पर रख लिया।
    एक दिन उगना विद्यापति के साथ राजा के दरबार में जा रहे थे। तेज गर्मी के वजह से विद्यापति का गला सूखने लगा। लेकिन आस-पास जल का कोई स्रोत नहीं था। विद्यापति ने उगना से कहा कि कहीं से जल का प्रबंध करो अन्यथा मैं प्यासा ही मर जाऊंगा। भगवान शिव कुछ दूर जाकर अपनी जटा खोलकर एक लोटा गंगा जल भर लाए।
    विद्यापति ने जब जल पिया तो उन्हें गंगा जल का स्वाद लगा और वह आश्चर्य चकित हो उठे कि इस वन में जहां कहीं जल का स्रोत तक नहीं दिखता यह जल कहां से आया। वह भी ऐसा जल जिसका स्वाद गंगा जल के जैसा है। कवि विद्यापति उगना पर संदेह हो गया कि यह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि स्वयं भगवान शिव हैं अतः उगना से उसका वास्तविक परिचय जानने के लिए जिद करने लगे।
    जब विद्यापति ने उगना को शिव कहकर उनके चरण पकड़ लिये तब उगना को अपने वास्तविक स्वरूप में आना पड़ा। उगना के स्थान पर स्वयं भगवान शिव प्रकट हो गये। शिव ने विद्यापति से कहा कि मैं तुम्हारे साथ उगना बनकर रहना चाहता हूं लेकिन इस बात को कभी किसी से मेरा वास्तविक परिचय मत बताना।


    विद्यापति को बिना मांगे संसार के ईश्वर का सानिध्य मिल चुका था। इन्होंने शिव की शर्त को मान लिया। लेकिन एक दिन विद्यापति की पत्नी सुशीला ने उगना को कोई काम दिया। उगना उस काम को ठीक से नहीं समझा और गलती कर बैठा। सुशीला इससे नाराज हो गयी और चूल्हे से जलती लकड़ी निकालकर लगी शिव जी की पिटाई करने। विद्यापति ने जब यह दृश्य देख तो अनायास ही उनके मुंह से निकल पड़ा ‘ये साक्षात भगवान शिव हैं, इन्हें जलती लकड़ी से मार रही हो।’ फिर क्या था, विद्यापति के मुंह से यह शब्द निकलते ही शिव वहां से अन्तर्धान हो गये।


    इसके बाद तो विद्यापति पागलों की भांति उगना -उगना कहते हुए वनों में, खेतों में हर जगह उगना बने शिव को ढूंढने लगे। भक्त की ऐसी दशा देखकर शिव को दया आ गयी। भगवान शिव, विद्यापति के सामने प्रकट हो गये और कहा – “अब मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकता। उगना रूप में मैं जो तुम्हारे साथ रहा उसके प्रतीक चिन्ह के रूप में अब मैं शिव लिंग के रूप विराजमान रहूंगा।” – इसके बाद शिव अपने लोक लौट गये और उस स्थान पर शिव लिंग प्रकट हो गया। उगना महादेव का प्रसिद्ध मंदिर वर्तमान में मधुबनी जिला में भवानीपुर गांव में स्थित है।

  • पूर्व CM बाबूलाल का दावा- झारखंड में सभी सीटें जीतेगी भाजपा

    पूर्व CM बाबूलाल का दावा- झारखंड में सभी सीटें जीतेगी भाजपा

    कानून-व्यवस्था ठप होने और पुलिस पर सरकार के लिए वसूली का जड़ा आरोप

    विजय कुमार झा
    बोकारो ः ‘अब लोकसभा चुनाव की घोषणा होने में कुछ एक ही दिन बचे हैं। भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव के दृष्टिकोण से काफी पहले से तैयारी कर रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में झारखंड में 14 में से 12 सीटें मिली थीं। इस बार हम सब लोग लगे हुए हैं कि 14 में से 14 सीटें एनडीए गठबंधन की झोली में जाए। इसके लिए पार्टी की ओर से अनेक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।’ यह बातें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कही। श्री मरांडी गुरुवार को धनबाद में लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक में जाने से पूर्व बोकारो में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

    मोदी सरकार की गिनाई उपलब्धियां
    श्री मरांडी ने पिछले दस वर्षों के दौरान मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आवास हो, गरीबों के घर में शौचालय हो, गरीबों को स्वास्थ्य सुविधा, आयुष्मान कार्ड, मुफ्त में राशन, घरों तक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना, किसानों के खाते में साल में छह हजार रुपया भेजना सहित कई ऐसे कार्य, जो मोदी सरकार ने देश के लिए किये हैं, वे बेमिसाल हैं। देश की सीमा सुरक्षित की गई है, देश के अन्दर भी जो सुरक्षा का अभाव पैदा हुआ था, 2014 से पहले देश की क्या हालत थी, हम सबको पता है और आज क्या है, हम सभी देख रहे हैं। देश के अन्दर विगत दस वर्षों में जो इन्फ्रास्ट्रक्चर बना, वह अद्भुत है। चाहे सड़क हो या हवाई अड्डा हो, रेलवे हो चाहे विकास के जितने पैमाने हों, चारों ओर बहुत तेजी से काम हो रहा है। दुनिया में भी भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। दुनिया की कई एजेंसियों के सर्वे के अनुसार धरती पर जो सबसे लोकप्रिय नेता हैं, वे भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण योजना और देश को आत्मनिर्भर बनाने के जो काम मोदी सरकार ने किये हैं, उन मुद्दों को लेकर हम जनता के बीच जा रहे हैं। गांव चलो अभियान, लाभार्थी सम्पर्क, युवा, महिला सभी को पार्टी के साथ मजबूती से जोड़ने के कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं। 

    राज्य में सिर्फ नेतृत्व बदला, काम का रंग-ढ़ंग नहीं
    श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में जिस प्रकार से हेमंत सोरेन और चम्पई सोरेन के नेतृत्व में साढ़े चार साल सरकार चली, नेतृत्व बदला है, लेकिन काम का कोई रंग-ढ़ंग नहीं बदला है। साढ़े चार वर्षों में जिस प्रकार से इन लोगों ने राज्य को लूटा है, वह सबके सामने हैं। उसके कारण पूर्व के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी आज जेल में हैं। आज भी जिस प्रकार से ताबड़तोड़ पैसे लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल चल रहा है, तो लगता नहीं है कि सरकार ने अपने आपको सुधारा है। राज्य में विधि-व्यवस्था बद से बदतर स्थिति में है, कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि आज चम्पई सोरेन जी के नेतृत्व में इस प्रकार की सरकार है। पुलिस का काम होता है चोरों को पकड़ना, उसे सजा दिलाना, लेकिन यहां तो सरकार ने पुलिस को वसूली में लगा दिया है। …और वसूली तो अपराधियों से हो सकती है पैसे की, चोरों से ही इस तरह वसूली हो सकती है। क्योंकि, पुलिस और कहां से पैसा लाएगी? इसलिए राज्य की यह जो हालत है, इन हालातों को लेकर के ही जनता के बीच हम जाएंगे। 

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर सोरेन परिवार पर साधा निशाना
    उन्होंने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला आया है। 1993 में शिबू सोरेन जी ने पैसा लिया था नरसिंह राव की सरकार को बचाने के लिए। फिर मामला कोर्ट में चला। सुप्रीम कोर्ट तक चला। पांच जजों की संविधान बेंच बैठी। उन्होंने ये नहीं कहा कि इन्होंने पैसा नहीं लिया, बल्कि यह कहा कि सांसदों को विशेष अधिकार है। इसलिए इन्हें छोड़ दिया। फिर 2012 के राज्यसभा चुनाव में सीता सोरेन ने पैसा लिया। एक से प्रस्तावक बनने के लिए पैसा लिया, एक से फर्स्ट प्रिफरेंस वोट देने के लिए पैसा लिया, एक से सेकेंड प्रिफरेंस वोट देने के लिए पैसा लिया। मामला लोअर कोर्ट से होते हुए हाईकोर्ट गया। हाईकोर्ट में उन्होंने कहा कि मेरे ससुर जी को यह रिलीफ मिली है तो मुझे भी मिलनी चाहिए। हाईकोर्ट ने उसे नहीं माना और उनके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया तो फिर वह सुप्रीम कोर्ट गईं। सुप्रीम कोर्ट में सात जजों की बेंच ने अभी-अभी सर्वसम्मत निर्णय दिया है कि कोई भी एमएलए या एमपी विधानसभा में या लोकसभा में पैसे लेकर वोट करते हैं या पैसे लेकर प्रश्न भी पूछते हैं तो उनके ऊपर जांच होगी, वह आपराधिक मामला ही माना जाएगा। 

    सिर्फ लूटने के लिए राजनीति में है सोरेन परिवार 
    पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल भेजने के मामले में भाजपा पर लग रहे आरोपों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में श्री मरांडी ने कहा- यह परिवार तो केवल लूटने के लिए ही राजनीति में है। पैसा कमाने के लिए ही एमएलए-एमपी बनता है। शिबू सोरेन के ऊपर आरोप, उसके बाद हेमंत सोरेन जेल में हैं ही। अब सीता सोरेन का मामला भी आप सबके सामने है। यह परिवार ही पूरा लूटने के लिए है। अब रोने से क्या होगा? आदिवासी हैं तो क्या, आपको लूटने की छूट दी जाएगी? उन्होंने कहा- एमएलए-एमपी बनते हैं जनता की सेवा के लिए। इसलिए नहीं बनते हैं कि हम अपने नाम से जमीन कर लें, अपने नाम से खदान कर लें, पत्नी के नाम से हम जमीन कर लें। आज की तारीख में पूरे झारखंड में सबसे अधिक जमीन अगर किसी के पास है तो शिबू सोरेन परिवार के पास है। …और उन्होंने ये सब जमीन ली तो आदिवासियों की, संथालों की, मुंडा की, उरांव की… और नाम बदल-बदलकर लिया है। इसलिए उनका यह आरोप बिल्कुल निराधार है। इस वार्ता के दौरान श्री मरांडी के साथ बोकारो के विधायक एवं विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण, जिला भाजपा अध्यक्ष जयदेव राय, पूर्व जिला अध्यक्ष रोहित लाल सिंह, जिला भाजपा के महामंत्री संजय त्यागी, कमलेश राय, कृष्ण कुमार मुन्ना, त्रिलोकी सिंह, के के बोराल, इन्द्र कुमार झा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

    – Varnan Live Report.

  • मिथिला सांस्कृतिक परिषद के निर्वाचन में दिखा लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास, नीरज महासचिव, तो मिहिर बने वित्त सचिव

    मिथिला सांस्कृतिक परिषद के निर्वाचन में दिखा लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास, नीरज महासचिव, तो मिहिर बने वित्त सचिव

    बोकारो में मिथिलांचलवासियों ने उत्साहपूर्वक किया मतदान, उमड़ी रही वोटरों की भीड़

    बोकारो। लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के क्रम में बोकारो में मिथिलांचलवासियों की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद का निर्वाचन रविवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर मैथिलों ने जिस उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया, वह एक प्रकार से लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास दिखा। नगर के सेक्टर- 4ई में परिषद द्वारा संचालित मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल में मतदान के लिए दिनभर मतदाताओं की भीड़ उमड़ी रही। विद्यालय के सभागार में दो बूथ बनाए गए थे, जिसमें कुल 781 वोटरों ने परिषद के महासचिव तथा वित्त सचिव पद पर प्रत्याशी के चयन हेतु अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

    मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ चुनाव

    जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी धनंजय कुमार गिरि, सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ अवर प्रमंडल, चास (बोकारो) तथा पुलिस बल की मौजूदगी के बीच मतदान सुबह 9.00 बजे शुरू हो गया। शुरुआत में तो इक्के-दुक्के वोटर आए, लेकिन लगभग 10.30 बजे के बाद वोटरों की तादाद बढ़ने लगी और देखते ही देखते उनकी लंबी कतार लग गई। मतदाता आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि पहचान-पत्र लेकर आए तथा अपने पसंदीदा प्रत्याशी के समर्थन में मताधिकार का प्रयोग किया।

    अलग-अलग रंगों के थे बैलेट पेपर

    निर्वाचन के लिए दो अलग-अलग रंगों (नीला व पीला) के बैलेट पेपर तथा दो बैलेट बॉक्स रखे गए थे। वोटरों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मुहर लगाई और बक्से में अपना मतपत्र गिराया। संध्या 5.00 बजे पूर्व निर्धारित समयानुसार मतदान का समय समाप्त हो गया और उसके बाद मतगणना का सिलसिला शुरू हुआ, जो देरशाम तक चलता रहा। पीठासीन पदाधिकारी विजय कुमार झा (संयोजक), अनिमेष कुमार झा, डॉ. दुर्गानंद मिश्र, प्रो. जयराम झा, समरेंद्र झा व प्रमोद कुमार झा तथा पर्यवेक्षक डॉ. निकेत चौधरी ने प्रत्याशियों द्वारा उनकी ओर से रखे गए मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में विधिवत सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराया। वोट डालने वाले मतदाताओं की उंगलियों पर गहरे इंक का निशान भी लगाया गया, जिसने लोकसभा और विधानसभा चुनाव की यादें ताजा कर दीं। मतदाताओं का उत्साह ऐसा था कि शारीरिक रूप से लाचार कई वोटर भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। चुनाव के सफल संपादन में मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के कर्मियों ने भी अहम भूमिका निभाई।

    मतदान केंद्र के बाहर दिनभर गहमागहमी

    मिथिला सांस्कृतिक परिषद के चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर सुबह से गहमागहमी शुरू हो गई। मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के मोड़ से लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सामने तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। वहां दो पंडाल बनाए गए थे, जिनमें प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके समर्थक दिनभर जम रहे। हर आते-जाते लोग यह चुनावी मेला देख सहसा ठहर-सा जा रहे थे। अंदर मतदान केंद्र से होने वाली अनाउंसिंग को लेकर उम्मीदवार और उनके समर्थक काफी चौकन्ना दिखे। काउंटिंग पूरी होने तक प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे करते दिखे और मतदान की समीक्षा का दौर देर तक चलता रहा।

    कुल छह उम्मीदवार थे चुनावी मैदान में


    मिथिला सांस्कृतिक परिषद, बोकारो के निर्वाचन में महासचिव तथा वित्त सचिव पद के लिए कुल छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में खड़े थे। महासचिव के लिए अमरेंद्र कुमार झा, कृष्ण चंद्र झा तथा नीरज चौधरी, जबकि वित्त सचिव पद के लिए गंगेश कुमार पाठक, मिहिर मोहन ठाकुर और विनय कुमार झा उम्मीदवार के रूप में खड़े थे।

    जीत के बाद होलियाना जश्न का माहौल

    मिथिला सांस्कृतिक परिषद की मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद संध्या 5.00 बजे से देर शाम तक मतपत्रों की गिनती चली। इसमें नीरज चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कृष्ण चन्द्र झा को 274 मतों के अंतर से परास्त किया। श्री चौधरी को कुल 518 तथा श्री झा को 244 मत मिले। जबकि, अमरेन्द्र कुमार झा को सिर्फ तीन वोट मिले। इसी प्रकार, वित्त सचिव पद पर मिहिर मोहन ठाकुर ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी विनय कुमार झा को 298 मतों के भारी अंतर से हराया। मिहिर को कुल 510 और विनय को 212 वोट मिले। जबकि, इस पद के एक अन्य उम्मीदवार गंगेश कुमार पाठक ने 46 मत प्राप्त किया। विजयी रहे उम्मीदवारों को पीठासीन पदाधिकारियों, पर्यवेक्षक तथा मजिस्ट्रेट ने निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपते हुए जीत की शुभकामनाएं दीं।

    समाज को एकसूत्र में बांधना होगी प्राथमिकता : चौधरी

    मिथिला सांस्कृतिक परिषद के चुनाव में महासचिव पद पर विजयी रहे नीरज चौधरी ने कहा कि मिथिलांचलवासियों को एकसूत्र में बांधकर रखना तथा समाज का सांस्कृतिक, पारंपरिक, शैक्षणिक व आर्थिक विकास सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। परिषद और मिथिला एकेडमी को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाना, आपसी भेदभाव दूर करते हुए समाज को वृहतर बनाना, परिषद प्रांगण में महाकवि विद्यापति का स्मारक-निर्माण आदि की दिशा में भी उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जीत के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर तथा अबीर-गुलाल लगाकर उनका भव्य अभिनंदन किया।

    -Varnan Live Report.

  • बोकारो प्रेस क्लब के अहाते में चोरी व तोड़फोड़, FIR दर्ज

    बोकारो प्रेस क्लब के अहाते में चोरी व तोड़फोड़, FIR दर्ज

    बोकारो। बोकारो जिला प्रशासन की ओर से बोकारो हवाई अड्डा के समीप, एसपी आवास तथा उषा पेट्रोल पम्प के मध्य निर्माणाधीन बोकारो प्रेस क्लब के अहाते से सोमवार की देर रात अज्ञात बदमाशों ने चोरी व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। इस संबंध में मंगलवार को बोकारो प्रेस क्लब के महासचिव शशांक शेखर ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।

         अपनी प्राथमिकी में शशांक शेखर ने कहा है कि बोकारो प्रेस क्लब का भवन निर्माण किये जाने हेतु 25 डिसमिल जमीन का आवंटन जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। इस जमीन की तार से घेराबंदी कर उसमें दरवाजा लगाने का काम हाल ही में जिला प्रशासन के निर्देशन में पूरा हुआ है। साथ ही दरवाजे के पास बोकारो प्रेस क्लब का साइन-बोर्ड भी लगाया गया है।

          विगत (दिनांक 1 जनवरी, 2024 की) रात अज्ञात लोगों ने बोकारो प्रेस क्लब परिसर के भीतर बड़ा दरवाजा बनाने के लिए रखे गए लोहे की चोरी कर ली। साथ ही, दरवाजे को क्षतिग्रस्त करने की भी कोशिश की। असामाजिक तत्वों ने दरवाजे के पास लगे बोकारो प्रेस क्लब के साइनबोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। श्री शेखर ने पुलिस से बोकारो एसपी आवास एवं उषा पेट्रोल पम्प में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच कर इस मामले में संलिप्त असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, भविष्य में बोकारो प्रेस क्लब की सम्पत्ति को संरक्षित रखने में सहयोग प्रदान करने का भी आग्रह किया है।

    – Varnan Live Report.

  • धीरज साहू की बेहिसाब नकदी झारखंड से लूटा गया पैसा, हेमंत सरकार को देना होगा जवाब : अमर बाउरी

    धीरज साहू की बेहिसाब नकदी झारखंड से लूटा गया पैसा, हेमंत सरकार को देना होगा जवाब : अमर बाउरी

    नेता प्रतिपक्ष ने हर क्षेत्र में राज्य सरकार को बताया विफल

    बोकारो : ‘कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों से जिस तरह से नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं, इससे झारखंड एक बार फिर देश दुनिया में बदनाम और शर्मसार हुआ है। झारखंडी कभी भी ऐसे लोगों को माफ नहीं करेंगे। यह निश्चित रूप से कालाधन ही है, जिसे गरीबों का खून चूसकर कांग्रेस ने अपने शासनकाल में ऐसे धनाढ्य पूरे देश के अंदर तैयार किए हैं।’ उक्त बातें झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने इस संवाददाता से हुई एक खास बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के धन कुबेर चुनाव एवं अन्य कार्यों में गलत तरीके से इस राशि का खर्च करते हैं। राज्य में चूंकि गठबंधन की सरकार चल रही है, यह निश्चित रूप से झारखंड का ही पैसा है, जो झारखंड के लोगों से लूटा गया है, इस सरकार से जवाब लेना होगा और हमलोग जवाब लेकर रहेंगे।

    ‘लचर विधि-व्यवस्था ही सरकार की उपलब्धि’

    श्री बाउरी ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार सभी क्षेत्रों में ऐतिहासिक रूप से विफल साबित हुई है। इसकी असफलता झारखंड के साढे तीन करोड़ लोगों के लिए बहुत भारी पड़ रही है। 15 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है और पहली बार इस सरकार को वैधानिक रूप से जनता के तमाम सवालों का सीधा जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि जहां तक विधि-व्यवस्था की बात है, जेल के अंदर हत्या हो जाना, जेल के बाहर पुलिस की हत्या हो जाना, महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। यही इस सरकार की उपलब्धि है। इस तरह की घटनाएं आए दिन हो रही हैं।

    युवाओं के साथ हो रहा भद्दा मजाक, दिखाएंगे आईना

    युवाओं के साथ भद्दा मजाक हो रहा है। अंतिम समय में परीक्षाओं को रद्द कर दिया जा रहा है। जो पहले से नियोजित हैं, उन्हें भी निकालकर बाहर किया जा रहा है। कई ऐसे लोग उन्हें मिले हैं, जो पहले से छोटे-छोटे अनुबंध के आधार पर नियोजित थे, आज सरकार ने उन्हें निकाल दिया है। कुल मिलाकर यह सरकार, जो भ्रष्टाचारी है, कदाचारी है, अनाचारी है, इसके जाने का समय हो गया है। इसको बाहर का रास्ता दिखाने के लिए झारखंड की जनता तैयार है। हमलोग भी इसे आईना दिखाने का काम करेंगे।

    – @varnanlive report.

  • ESL Vedanta में नौकरी की मांग हुई हिंसक, भिड़ंत में सुरक्षाकर्मियों व पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल, प्रबंधन बोला- ये निंदनीय

    ESL Vedanta में नौकरी की मांग हुई हिंसक, भिड़ंत में सुरक्षाकर्मियों व पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल, प्रबंधन बोला- ये निंदनीय

    लगातार दो दिन से स्थिति तनावपूर्ण, प्लांट के कर्मी भी बदहाल

    बोकारो : ईएसएल वेदांता में नियोजन की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन होता रहा है। लेकिन, सोमवार का आंदोलन गेट जाम, प्रदर्शन और नारेबाजी से बढ़कर हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। आंदोलनकारियों और सुरक्षाकर्मियों में हिंसक भिड़ंत हो गई। दोनों तरफ से जमकर रोड़ेबाजी और लाठियां भांजी गईं। ईएसएल वेदांता के गेट पर जेबीकेएसएस के प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना में सियालजोरी ओपी प्रभारी ललन पासवान सहित करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी, कंपनी के गार्ड और ग्रामीण घायल हो गए। बताया जाता है कि जेबीकेएसएस के लोग नौकरी, रोजगार, क्षेत्रीय विकास सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। लगभग साढ़े बारह बजे भागाबांध आरएम एचएस गेट में आंदोलनकारी और सुरक्षाकर्मी जाम को लेकर आमने-सामने हो गए। इस दौरान कपंनी के गार्ड व पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से रोड़ेबाजी लाठियां चलने लगी। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन में इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। खबर लिखे जाने तक जाम जारी है। इस आंदोलन के कारण प्लांट के कर्मी भी बदहाल हैं। बीती रात लगभग दो हजार स्टाफ नाश्ते के लिए लाइन में लगे रहे। हालात संभालने में चार घण्टे लग गए।

    निषेधाज्ञा के बाद भी गेटजाम, धरना-प्रदर्शन

    मालूम हो कि ईएसएल वेदांता में आंदोलन की पूर्व सूचना के आलोक में चास के अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने 27 नवंबर को ही इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। कंपनी के 47 खाता रोड तथा RMHS गेट रोड से पांच किलोमीटर के दायरे में भादवि की धारा 144 लगा दी थी। इसके बाद भी जाम लगाया गया और धरना-प्रदर्शन हुआ। इसे लेकर प्रबंधन ने निंदा व्यक्त की है। कहा कि ये गलत है। बातचीत से समस्याओं का समाधान होना चाहिए।

    सीओ की गाड़ी पर पथराव, कई वाहनों से शीशे टूटे

    प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण इतना उग्र हो गए कि चंदनकियारी सीओ की गाड़ी पर उन्होंने पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना में ओपी प्रभारी ललन पासवान को सिर पर और होमगार्ड जवान किरण कुमारी की आंख में चोट लगी है। उनका बोकारो जनरल (बीजीएच) में इलाज चल रहा है। इसके अलावा, कई सुरक्षाकर्मी और कुमाटांड़ की लक्ष्मी देवी, मधुनिया के दिलीप महतो और अर्जुन महतो भी घायल हो गए। इस मामले को लेकर ईएसएल वेदांता की ओर से सियालजोरी थाना में ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की प्रक्रिया की जा रही थी। इधर, शाम लगभग 4 बजे कुछ लोग फिर उग्र हो गए, ब्रिज गेट पर एक पुलिस वाहन (चास मुफस्सिल) पर हमला कर दिया। इससे वाहन का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। गश्त के दौरान एक पुलिस कर्मी के सिर और उंगली पर चोट लगी।

    प्रबंधन ने की निंदा, कहा- बातचीत से हो समस्या-समाधान

    इधर, ईएसएल वेदांता प्रबंधन ने घटना के संबंध में अपना बयान जारी करते हुए कहा कि मुद्दों पर बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान होना चाहिए। स्थानीय लोगों ने कानून अपने हाथ में ले लिया। पुलिस और हमारे सुरक्षाकर्मियों पर लाठियों और पत्थरों से हमला किया है। इसमें कई पुलिसकर्मी और सुरक्षा गार्ड घायल हो गए हैं। प्लांट गेट के बाहर निजी, सरकारी और पुलिस वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रबंधन इसकी निंदा करता है। कंपनी की ओर से अनंघा जोशी द्वारा बयान में प्रबंधन का दावा है कि 13 जून, 2023 को ईएसएल, जेबीकेएसएस और थाना प्रभारी, सियालजोरी/ बनगड़िया के बीच त्रिपक्षीय चर्चा के सभी 13 बिन्दुओं में से 90 फीसदी का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया है। इस्पात कारखाने के निर्माण के लिए जिनलोगों ने अपनी-अपनी जमीन दी थी, उनमें से हरेक को पर्याप्त और न्यायोचित रूप से क्षतिपूर्ति कर दी गई है। कोई भी जमीनदाता छूट न जाय, यह सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने समय लिया है। यदि कोई मामला बचा रह गया होगा, तो समझौते के अनुसार उसका निपटारा कर दिया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि एक संगठन के रूप में ईएसएल अपने परिचालन क्षेत्र के आसपास के सभी समुदायों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। बातचीत के द्वारा सभी समस्याओं का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकता है।

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  • भागोsss चीता आया… बोकारो के चंदनकियारी में दिखे Panthers, DFO बोले तेंदुआ, लोगों की नींद हराम

    भागोsss चीता आया… बोकारो के चंदनकियारी में दिखे Panthers, DFO बोले तेंदुआ, लोगों की नींद हराम

    झालबरदा जंगल में देखे गए आदमखोर, भटककर आने की आशंका

    पुलिस घूम-घूमकर लोगों को कर रही सावधान, आसपास है आबादी वाला इलाका

    संजय भारद्वाज
    चंदनकियारी। बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत बरमसिया में रविवार देर शाम दो चीते घूमते देखे गए। प्रत्यक्षदर्शी इसे जहां चीता बता रहे हैं, वहीं जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) रजनीश कुमार ने तेंदुआ होने की पुष्टि की है। इसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। रातभर लोग खौफ के मारे सो न सके। आदमखोर पशुओं को जहां देखा गया, वहां आबादी वाला इलाका ही है, जिससे लोगों में भारी दहशत है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दो चीते चंदनकियारी की तरफ ही बढ़ रहे थे।


    बरमसिया के झालबरदा स्थित डुगरीटांड़ जंगल के समीप झालबरदा ग्राम निवासी बबन तिवारी नामक एक व्यक्ति ने बाजार से खरीदारी के बाद घर लौटने के क्रम में चीतों को देखा। चूंकि रास्ता जंगल से होकर ही गुजरता है, इसलिए उस मार्ग में उसने चीतों को देखा। चीता देखकर उसके होश उड़ गए। वह लौटकर बरमसिया की ओर आ गया और हो-हल्ला करने लगा। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस घूम-घूमकर लोगों को सतर्क करने में लगी हुई है।


       बाद में कुछ और लोगों ने दो चीतों को देखा, जिसके आधार पर बरमसिया ओपी प्रभारी चंचल कुमार ने बताया कि चीते डुंगरीटांड़ से होते हुए कोड़िया की तरफ जा रहे थे।
    ग्रामीणों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के झालदा व कसमार के बीच सेवाती घाटी के घने जंगल में अक्सर ही चीता देखे जाने की बात बताई जाती है। उक्त क्षेत्र यहां से नजदीक व रास्ते में जंगल झाड़ी से सटा है, इसलिए आशंका है कि चीते वहीं से भटककर आए होंगे। फिलहाल पुलिस द्वारा आसपास के ग्रामीणों को इससे सावधान रहने की चेतावनी दी जा रही है। इधर, डीएफओ रजनीश कुमार का कहना है कि वन विभाग इस मामले को लेकर सतर्क व सजग है। डीएफओ ने तेंदुआ होने की पुष्टि की है।

    (संलग्न फ़ोटो सांकेतिक है, साभार- गूगल)

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  • पटना प्रशासन की दबंगई, मुंशी प्रेमचंद के 97 साल पुराने अखबार के दफ्तर को बुलडोजर लगाकर तोड़ा

    पटना प्रशासन की दबंगई, मुंशी प्रेमचंद के 97 साल पुराने अखबार के दफ्तर को बुलडोजर लगाकर तोड़ा

    हाईकोर्ट का जजमेंट आने से पहले ही छुट्टी के दिन की एकतरफा कार्रवाई, चीफ जस्टिस से अब न्याय की अपील

    विशेष संवाददाता
    पटना। शनिवार का दिन पटना प्रशासन के लिए दबंगई के रूप में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। प्रशासन ने न्यायालय में मामला विचाराधीन होने तथा स्टेटस होने के बाद भी मुंशी प्रेमचंद के 97 वर्ष पुराने हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘चाणक्य’ के कार्यालय को बुलडोजर लगवाकर तोड़ दिया। हाईकोर्ट द्वारा स्टेटस-को देने के बावजूद भवन को तोड़े जाने की कार्रवाई निंदा का विषय बनी हुई है। छुट्टी के दिन इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश से अपील की गई। लीव पिटिशन अपील (एलपीए) केस नंबर 528/22 मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट में मामला विचाराधीन है।

    इसके बाद भी प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए दबंगई दिखाकर देश के सबसे पुराने हिंदी साप्ताहिक अखबार ‘चाणक्य’ के दफ्तर को बुलडोजर से ध्वस्त करवा दिया। पटना के बुद्ध मार्ग में जीपीओ के सामने 1951 से अवस्थित था। ज्ञातव्य है कि इस संबंध में अखबार की प्रधान संपादक शैलजा बाजपेयी ने पूर्व में ही इस भवन पर हाईकोर्ट से स्टेटस-को ले रखा था। बाद में हाईकोर्ट के जज सत्यव्रत वर्मा की डबल बेंच द्वारा भी मामले को यथास्थिति में बनाए रखा गया था। इस बीच शुक्रवार को 11 अगस्त 2023 को चीफ जस्टिस की बेंच में इस पर डेढ़ घंटे सुनवाई चली तथा जजमेंट को रिजर्व कर लिया गया। फैसला आने के पूर्व ही शनिवार सुबह लगभग 10 बजे प्रशासन ने यह तोड़फोड़ अचानक शुरू कर दी।

    पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल के दंडाधिकारी प्रभात रंजन ने दल-बल के साथ पहुंचकर यह कार्रवाई की। उन्हें कोर्ट के कागजात दिखाए गए, लाख उनसे आग्रह किया गया, लेकिन उन्होंने एक न मानी और कार्यालय तोड़वा दिया। इस संबंध में जिलाधिकारी तथा पटना नगर निगम के आयुक्त से भी यह अपील की गई कि क्योंकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और जजमेंट आना बाकी है, अतः कोर्ट का आदेश आने तक यह कार्रवाई रोकी जाय, परंतु किसी ने न सुनी। मजिस्ट्रेट प्रभात ने कहा कि उनके आकाओं ने जजमेंट आने से पूर्व ही ऑफिस तोड़ने का निर्देश दिया है। 12 मई 2019 को भी इस भवन को बिना कोर्ट के नोटिस के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त किया गया था।

    – Varnan Live Report.