Author: Mithila Varnan

  • हेमंत सोरेन हाजिर हों… ED ने 14 को पेश होने का दिया समन, CMO में हड़कंप

    हेमंत सोरेन हाजिर हों… ED ने 14 को पेश होने का दिया समन, CMO में हड़कंप

    मायावती और जगनमोहन रेड्डी जैसा कहीं न हो हश्र, सवालों के घेरे में झारखंड CID की भूमिका

    ED Summons Hemant Soren

    शशांक शेखर की विशेष रिपोर्ट

    रांची। जमीन घोटाले के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने आगामी 14 अगस्त को हाजिर होने का समन जारी किया है। अगर वह हाजिर नहीं हुए, तो संभवतः उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। आगामी 31 अगस्त को मुंबई में होने वाली I.N.D.I.A.(Indian National Developmental Inclusive Alliance) की बैठक से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हेमंत सोरेन को घेरने की तैयारी में है। ईडी ने अपने समन में यह दर्शा दिया है कि या तो नवीन पटनायक, मायावती या वाईएस जगनमोहन रेड्डी की तरह एनडीए के समक्ष नतमस्तक हो जाएं या जमीन व अकूत संपत्ति इकट्ठा करने के मामले में अपने कथित भ्रष्टाचार के चलते गिरफ्तारी के लिए तैयार हो जाएं।

    ED द्वारा जारी समन की प्रति- पेज -1
    ED द्वारा जारी समन की प्रति- पेज -1
    ED द्वारा जारी समन की प्रति- पेज - 2
    ED द्वारा जारी समन की प्रति- पेज – 2

    विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जेल में बंद जमीन घोटाले से संबंधित तीन लोगों ने इस मामले में सरकारी गवाह बनने की पेशकश की है और झारखंड सीआईडी टीम इस मामले में भयंकर कमजोर साबित हुई है, जिसने मुख्यमंत्री कार्यालय को कई जगहों पर गुमराह करने की कोशिश की। यह समन जमीन मुख्य रूप से भूमि घोटालों से संबंधित हैं, लेकिन इसके अलावा चार ऐसे व्यवसायी, जिनकी अकूत संपत्ति रांची, कोलकाता, दिल्ली, बेंगलुरु तथा विदेशों में भी है, उन्होंने भी मुख्यमंत्री को गुमराह किया।

    इस संवाददाता से बात करते हुए एक वरीय ईडी अधिकारी ने कहा कि यहां तो भ्रष्टाचार का दलदल है। जहां भी हाथ डालो, वहीं भ्रष्टाचार है। रांची में 31 एकड़ जमीन, जिसमें आईएएस अधिकारी भी सम्मिलित हैं, संथाल परगना में दर्जनों एकड़ जमीन तथा वैसे आईपीएस अधिकारी, जिनके विरुद्ध कई आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं, उनको वरिष्ठ पदों पर मुख्यमंत्री को बैठाना अब महंगा पड़ेगा। ईडी के अधिकारी के द्वारा दी गई सूचना के अनुसार रांची, जमशेदपुर, दुमका, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग के जमीन घोटाले कहीं-न-कहीं मुख्यमंत्री की ओर इंगित करते हैं, जिनमें उनके सिपहसालार के फोन रिकॉर्ड ईडी के पास मौजूद हैं। आगामी 14 अगस्त 2023 को यदि सीएम ईडी के पास अपनी उपस्थिति किसी कारणवश नहीं दर्ज करा पाते हैं, तो दूसरी तिथि दी जाएगी। लेकिन, 31 अगस्त के पहले वह अपनी ईमानदारी साबित नहीं कर सके, तो उनके लिए यह खतरे की घंटी साबित हो सकती है। विदित हो कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकारी कार्रवाई का सामना कर चुके वाईएस जगनमोहन रेड्डी, मायावती जैसे कई नेता आज मोदी के समक्ष नतमस्तक हैं। ईडी की सख्ती कहीं-न-कहीं हेमंत सोरेन को भी घेरने की कोशिश में है।

    – http://deshvarnan.wordpress.com Report.

  • पत्रकार-हित को ले तत्पर रहेगा JJA, बोकारो इकाई गठित

    पत्रकार-हित को ले तत्पर रहेगा JJA, बोकारो इकाई गठित

    बोकारो। भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) की राज्य इकाई झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (जेजेए) की बैठक रविवार को बोकरो इस्पात नगर के सेक्टर-4, सिटी सेन्टर स्थित होटल हिलटॉप के सभागार में विजय कुमार झा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें संगठन की बोकारो जिला इकाई का गठन किया गया। बैठक में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शाहनवाज हसन एवं प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अमर कान्त मुख्य रूप से उपस्थित थे।

    बैठक में सर्वसम्मति से जिला कमेटी के गठन के लिए पांच सदस्यीय समन्वय समिति बनाई गई। समन्वय समिति को यह दायित्व सौंपा गया कि वह बोकारो जिला कमेटी का विधिवत गठन सर्वसम्मति से यथाशीघ्र कर प्रदेश कमेटी को सूचित करे। समन्वय समिति के संयोजक विजय कुमार झा तथा सदस्य अशोक विश्वकर्मा, आशीष कुमार सिन्हा, मृत्युंजय मिश्रा एवं विनय कुमार तिवारी बनाये गये। बैठक में संगठन को मजबूत करते पत्रकार हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने पर विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में शाहनवाज हसन और अमर कान्त के अलावा विजय कुमार झा, अशोक विश्वकर्मा, आशीष सिन्हा, मृत्युंजय मिश्रा, विनय कुमार तिवारी, नीरज सिंह, हरेराम भारती, रिपुसूदन पाठक, अफरोज राणा, रवि कुमार वर्मा, राजेश कुमार वर्मा, किंकर, मनोज शर्मा, कौस्तुभ कुमार मलयज, नरेश कुमार आदि उपस्थित थे।

    Varnan Live Report.

  • नई शुगर जांच मशीन लांच होने पर डीलक्स मेडिकल ने लगाया मुफ्त बीपी व शुगर जांच शिविर

    नई शुगर जांच मशीन लांच होने पर डीलक्स मेडिकल ने लगाया मुफ्त बीपी व शुगर जांच शिविर

    डीलक्स मेडिकल ने लगाया मुफ्त बीपी व शुगर जांच शिविर

    बोकारो। नगर के सेक्टर चार स्थित लक्ष्मी मार्केट में दवा के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान डीलक्स मेडिकल की ओर से शुक्रवार को एक बार पुनः सामाजिकता का निर्वहन किया गया। अपने सामाजिक दायित्व की कड़ी में प्रतिष्ठान के संचालक सह युवा समाजसेवी अंकित सिंह के नेतृत्व में निशुल्क बीपी व शुगर जांच शिविर का आयोजन किया गया। एक प्रसिद्ध बीपी व शुगर मॉनिटर निर्माता कंपनी द्वारा नई अपग्रेडेड मशीन लॉन्च किए जाने के उपलक्ष्य में यह फ्री कैंप लगाया गया। अंकित ने बताया कि इस अवसर पर ऑफर के रूप में एक हफ्ते के लिए मात्र 551 रुपए में 10 स्ट्रिप के साथ शुगर मापने की मशीन दी जा रही है।

    डीलक्स मेडिकल ने लगाया मुफ्त बीपी

    डीलक्स मेडिकल – 127 में 35 शुगर के मरीज मिलना चिंताजनक : अंकित

    डीलक्स मेडिकल प्रतिष्ठान के संचालक अंकित सिंह
    डीलक्स मेडिकल प्रतिष्ठान के संचालक अंकित सिंह

    अंकित ने बताया कि शिविर में 127 लोगों के मधुमेह एवं रक्तचाप की जांच की गई। लगभग 35 लोग शुगर और 24 उच्च एवं निम्न रक्तचाप के मरीज पाए गए। इस आंकड़े पर चिंता करते करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन के भागम-भाग में सेहत की देखभाल पीछे छूट जाती है। लोग पहले अपनी सेहत का ख्याल रखें, नियमित व्यायाम करें, खूब पानी पिएं एवं स्वस्थ भोजन करें। 127 में 35 लोगों का शुगर पेशेंट पाया जाना अपने-आप में बोकारो के लिए चिंताजनक है।

    – Varnan Live Report.

  • श्रीराम की नगरी अयोध्या में होगा निखिल शिष्यों का समागम, भूमि-पूजन के साथ गुरु पूर्णिमा शिविर की तैयारी शुरू

    श्रीराम की नगरी अयोध्या में होगा निखिल शिष्यों का समागम, भूमि-पूजन के साथ गुरु पूर्णिमा शिविर की तैयारी शुरू

    अयोध्या : मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में एक बार फिर निखिल शिष्यों का विराट समागम होने जा रहा है। निखिल मंत्र विज्ञान एवं अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार के तत्वावधान में अयोध्या के कारसेवक पुरम में गुरु तत्व श्रीराम गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारी प्रारंभ हो गई है। इसी क्रम में कार्यक्रम के आयोजक मंडल प्रमुख फौजदार सिंह के नेतृत्व में पूरे विधि-विधान के साथ गणपति पूजन, गुरु पूजन, हवन-आरती एवं भूमि-पूजन के साथ पंडाल निर्माण आरंभ हुआ।

    कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी विजय कुमार झा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी (डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली) एवं माता भगवती की दिव्य छत्रछाया तथा पूज्य गुरुदेव श्री नंदकिशोर श्रीमाली जी के सानिध्य में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की इस पावन भूमि पर आयोजित इस दो-दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में देश-विदेश से हजारों की संख्या में निखिल शिष्यों का समागम होगा। इस दौरान गुरुदेव श्री श्रीमाली साधकों को गुरु-दीक्षा के साथ-साथ गुरु तत्व श्रीराम तथा मानव जीवन के जीवन के लिए उपयोगी अन्य प्रकार की शक्तिपात दीक्षाएं प्रदान करेंगे।

    आयोजक मंडल के प्रमुख फौजदार सिंह ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजा का दिवस नहीं, बल्कि यह प्रत्येक शिष्य के लिए गुरु के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति का दिवस है। भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्य का गुरु से मिलन एक संगम की भांति है, जहां हजारों शिष्य रूपी नदियां गुरु में आकर विलीन होती हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम में दिनेश मिश्रा, मीरा मिश्रा, राम मिलन सिंह, सिद्धेश्वर शर्मा, शंभुनाथ सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

    – Varnan Live Report.

  • क्रिकेट, फुटबॉल की तरह अब योग-आधारित खेलों की भी होगी धूम, जानिए कैसे

    क्रिकेट, फुटबॉल की तरह अब योग-आधारित खेलों की भी होगी धूम, जानिए कैसे

    डॉ. गंगवार बने बोकारो जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, स्कूल गेम्स सहित लिए गए कई निर्णय

    बोकारो। स्कूली बच्चों को छात्र-जीवन से ही योगाभ्यास से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास को लेकर बोकारो में एक अनोखी पहल की जा रही है। जिले के विद्यालयों में अब क्रिकेट, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसी खेल स्पर्धाओं की तरह योगाभ्यास को भी क्रीड़ा गतिविधि के रूप में शामिल किया जाएगा। विद्यार्थियों के साथ-साथ जिलावासियों को भी योग आधारित खेल-गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसी उद्देश्य से शनिवार को बोकारो जिला योगासन क्रीड़ा संघ (बोकारो डिस्ट्रिक्ट योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन) का गठन किया गया। शनिवार दोपहर सेक्टर- 4 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो में आयोजित एक बैठक के दौरान एसोसिएशन के प्रदेश सचिव विपिन कुमार पांडेय ने संघ की बोकारो जिला समिति के गठन की औपचारिक घोषणा की।

    एसोसिएशन की बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष डॉ. गंगवार।

    समिति में सर्वसम्मति से डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ ए एस गंगवार अध्यक्ष व उपप्राचार्य अंजनी भूषण उपाध्यक्ष बनाए गए। डीपीएस बोकारो के क्रीड़ा शिक्षक ब्रजेश कुमार सिंह व चिन्मय विद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष हरिहर पांडेय सचिव तथा डीपीएस बोकारो के प्रशासक राजन कुमार सिंह कोषाध्यक्ष बनाए गए। इनके अलावा निभा कुमारी, अनिल कुमार व राजा कुमार को संयुक्त सचिव बनाया गया। जबकि, कार्यकारिणी सदस्यों में मीनाक्षी, राजीव, देवदीप, अनुनेहा व नितिशा मुखर्जी रखी गई हैं। इस अवसर पर झारखंड प्रदेश सचिव विपिन कुमार पांडेय ने जिला सचिव ब्रजेश कुमार सिंह को एक सप्ताह के भीतर बोकारो जिला समिति का विस्तार कर इससे राज्य इकाई को अवगत कराने का निर्देश दिया।

    श्री पांडेय ने अपने संबोधन में संघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए योग से संबंधित स्कूल गेम्स कराने पर बल दिया। इसके लिए उन्होंने तैयारी में जोर-शोर से लग जाने का आह्वान किया।

    संघ के जिला अध्यक्ष एवं डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ गंगवार ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है। यह न केवल शारीरिक स्फूर्ति प्रदान करता है, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति के लिए भी यह आवश्यक है। योग विशेष रूप से तनाव को दूर करता है। विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान कर उनमें पढ़ाई के प्रति एकाग्रता विकसित करने तथा स्वस्थ भारत निर्माण की दिशा में उन्हें योग से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि संघ की ओर से न केवल बोकारो जिला, अपितु पूरे झारखंड में योग व आसन आधारित खेल गतिविधियों को एक नया आयाम दिया जाएगा। इस दिशा में उन्होंने डीपीएस बोकारो परिवार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    – Varnan Live Report.

  • विवादों में बिहार की जातीय गणना

    विवादों में बिहार की जातीय गणना

    – विजय कुमार झा

    बिहार में जाति आधारित जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई अब तीन जुलाई को होगी। तब तक हाईकोर्ट ने किसी भी तरह की रिपोर्ट बनाने पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, बिहार में वर्तमान नीतीश सरकार द्वारा कराई जा रही यह जातीय जनगणना शुरू से ही विवादों में रही है। इसके खिलाफ दायर याचिका में राज्य सरकार के अधिकार को चुनौती देते हुए यह कहा गया है कि बिहार सरकार को इसे कराने का संवैधानिक अधिकार ही नहीं है।
    सच्चाई यह है कि राजनीति के चतुर खिलाड़ी नीतीश कुमार हर फैसले में अपना राजनीतिक फायदा देखते हैं। इसी वजह से उन्होंने दो चरणों में जातीय जनगणना का काम पूरा करने का ऐलान किया था। अभी इसका दूसरा चरण चल रहा है। पहले चरण का काम जनवरी, 2023 में पूरा हो गया था। फिर 15 अप्रैल से दूसरे चरण की शुरूआत हुई, जिसे 15 मई तक पूरा करना था। पहले चरण में लोगों के घरों की गिनती की गई। इसकी शुरूआत पटना के वीआईपी इलाकों से हुई। जबकि, दूसरे चरण में जाति और आर्थिक जनगणना का काम शुरू हुआ। इसमें लोगों के शिक्षा का स्तर, नौकरी (प्राइवेट, सरकारी, गजटेड, नॉन-गजटेड आदि), गाड़ी (कैटगरी), मोबाइल, किस काम में दक्षता है, आय के अन्य साधन, परिवार में कितने कमाने वाले सदस्य हैं, एक व्यक्ति पर कितने आश्रित हैं, मूल जाति, उप जाति, उप की उपजाति, गांव में जातियों की संख्या, जाति प्रमाण पत्र से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। लेकिन, दूसरे चरण का काम पूरा होने से पहले ही पटना उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस पर रोक लगा दी।

    क्या होंगे राजनीतिक फायदे

    एक बड़ा सवाल है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार चलाते रहे तो उन्हें इस जातीय जनगणना की याद क्यों नहीं आयी? अब जब नीतीश भाजपा से अलग होकर राजद के साथ सरकार चला रहे हैं तो उनकी सरकार आखिर राज्य में जातीय जनगणना क्यों करवाना चाहती है? इस मुद्दे पर जो बात खुलकर सामने आयी है, उससे साफ है कि नीतीश जातीय आधार पर बिहार के लोगों को बांटकर केवल वोट की राजनीति करना चाहते हैं। इससे सामाजिक जाना-बाना भले ही बिगड़ जाए, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

    हिन्दुओं को बांटने की साजिश

    जानकारों की मानें तो इसके कई कारण सामने आ रहे हैं। पहला है राजनीतिक फायदा। दरअसल, बिहार में ओबीसी और ईबीसी मिलाकर कुल 52 प्रतिशत से अधिक आबादी है। कुछ जानकारों का यह दावा है कि बिहार में लगभग 14 फीसदी यादव हैं। कुर्मी चार से पांच प्रतिशत हैं। कुशवाहा वोटर की संख्या आठ से नौ प्रतिशत के बीच है। सवर्णों की बात करें तो राज्य में उनकी कुल आबादी 15 प्रतिशत है। इनमें भूमिहार 06 प्रतिशत, ब्राह्मण 05 प्रतिशत, राजपूत 03 प्रतिशत और कायस्थ की जनसंख्या 01 प्रतिशत बताई जा रही है। मसलन, बिहार में अति पिछड़ा वर्ग भी निर्णायक संख्या में है। ऐसे में पूरा खेल इन्हीं वोटों के लिए है। राजनीतिक दलों को इसमें फायदा दिखता है। उन्हें लगता है कि इसके जरिए धर्म की बजाय जाति के आधार पर वोट पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा जदयू और राजद गठबंधन को मिल सकता है।

    भागीदारी के हिसाब से आरक्षण का दांव

    बिहार में जातीय आधार पर आरक्षण की मांग बहुत पहले से की जा रही है। जातीय आधार पर चलने वाले संगठनों का नारा है कि जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। मतलब, आबादी के हिसाब से ही आरक्षण दिया जाए। ओबीसी वर्ग से आने वाले लोगों का कहना है कि जिस तरह एससी-एसटी को संख्या के आधार पर आरक्षण दिया जा रहा है, उसी उन्हें भी उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षण दिया जाए।

    पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने की कवायद

    जबकि, बिहार की वर्तमान सरकार का दावा है कि जातीय जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद पिछड़े लोगों की सही संख्या मालूम पड़ेगी और उसी के हिसाब से उन्हें उन सुविधाओं का लाभ दिया जा सकेगा, जो अभी तक उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। सरकार का यह भी दावा है कि आबादी के हिसाब से उनके लिए सरकारी योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाकर पिछड़े वर्ग के लोगों की जिंदगी बेहतर बनाई जा सके।

    धार्मिक आधार ध्रुवीकरण की राजनीति

    सच कहें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार में साझेदार राजद के नेताओं को यह लगता है कि भारतीय जनता पार्टी अगर आज देश या कई राज्यों की सत्ता पर काबिज है तो इसका आधार हिन्दुत्व के नाम पर ध्रुवीकरण होना है। ऐसे में तुष्टिकरण की राजनीति के सहारे एक सम्प्रदाय विशेष के ज्यादातर वोट तो उनके पक्ष में मिलते ही हैं, फिर क्यों न भाजपा की हिन्दुत्व की राजनीति का जवाब जातिगत राजनीति के सहारे दिया जाय? कुल मिलाकर, बिहार में जातीय जनगणना का मकसद हिन्दुओं को आपस में बांटकर जातिगत आधार पर राजनीति का एक नया खेल खेलने के अलावा और कुछ नहीं दिखता है। वैसे, इस मुद्दे पर फैसला तो अब न्यायालय को ही करना है।

  • झारखंड में राज्यपाल की अनूठी पहल- अब राजभवन सीधे जनता तक

    झारखंड में राज्यपाल की अनूठी पहल- अब राजभवन सीधे जनता तक

    संवाददाता
    बोकारो : झारखंड में राजपाट की एक नई इबारत रची जा रही है। जनता को राजभवन जाने की जरूरत नहीं, राजभवन अब जनता के बीच पहुंच रहा है। यह अनूठी महा-मुहिम चला रहे हैं महामहिम राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन। उनका कहना है- ‘जब मैंने राज्यपाल के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया, उस दिन हमने यह निर्णय लिया कि लोगों को राजभवन जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि राजभवन को जनता के बीच जाना चाहिए।’ बोकारो में राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय में अपनी इसी मुहिम के तहत पहुंचे राज्यपाल ने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में ये बातें कही। उन्होंने कहा- ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के अनुसार हम सभी को गांव का भ्रमण कर धरातल पर विकास की सच्चाई समझनी है, इसलिए मैं लगातार गांवों और पंचायतों में भ्रमण कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि इस भ्रमण के दौरान वह विकास स्पष्ट देख रहे हैं। कहा, इसमें कोई इनकार नहीं है कि विकास की इस यात्रा में अभी और आगे जाना है, लेकिन जो पहल की गई है और जो काम हुए हैं, वे यह बताते हैं कि हम लोग विकास की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

    शिक्षा युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने का आधार
    बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चपरी के भ्रमण के दौरान
    राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा युवा पीढ़ी को अपने पैरों पर खड़ा करने का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। युवाओं की मानसिकता, उनका नजरिया बदलने में शिक्षा आधार-स्तंभ की भूमिका निभाती है। शिक्षा की अहमियत को देखते हुए ही हमलोग शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यहां विद्यालय के बच्चों से उनका दोस्त बन घुल-मिलकर उनसे बातें कीं। उनकी पढ़ाई-लिखाई का हाल-चाल जाना, माथे पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और उन्हें दुलारते हुए उनके बीच चॉकलेट भी बांटे। बच्चे भी उनके साथ काफी उत्साहित नजर आए। श्री राधाकृष्णन ने मासूम बच्चों से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की और स्कूल की पढ़ाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उक्त विद्यालय में 12वीं तक की पढ़ाई भी शुरू कराने को लेकर पहल करने का आश्वासन दिया। नई शिक्षा नीति के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल ने कहा कि यह बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने में काफी सहायक है, जिसे लागू करने की वास्तव में आवश्यकता थी। कई वर्षों के प्रयास के बाद यह नीति लागू हो सकी है, जिसके हर पहलू को क्रियान्वित करने की जरूरत है।

    व्याख्याताओं की कमी जल्द दूर होने के आसार
    झारखंड के शैक्षणिक विकास में राज्यपाल ने यहां शिक्षकों, खासकर विश्वविद्यालयों में व्याख्याताओं की कमी को एक महत्वपूर्ण चुनौती बताया। कहा कि इसका समाधान जल्द निकाले जाने की आवश्यकता है। इस बावत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जैसे उन्हें पता चला है कि 2008 से कोई नियुक्ति नहीं हुई, तो उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा। उन्होंने सीएम से एक नया पब्लिक सर्विस कमीशन तैयार कर विश्वविद्यालयों में पर्याप्त असिस्टेंट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। उम्मीद है कि यह जल्दी पूरी होगी।
    इस क्रम में राज्यपाल ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच सांकेतिक रूप से परिसम्पत्ति का वितरण भी किया। इस मौके पर जिले के उपायुक्त कुलदीप चौधरी, पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार झा, वन प्रमंडल पदाधिकारी रजनीश कुमार, उपविकास आयुक्त कीर्ति श्री, चास के अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत सहित सभी वरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इसके पूर्व महामहिम को सम्मान गारद दिया गया। जबकि, विद्यालय में झारखंडी परम्परानुसार उनका स्वागत किया गया। गिरिडीह होते हुए बोकारो जिला पहुंचे राज्यपाल चपरी गेस्ट हाउस में भोजन के बाद सड़क मार्ग से राजभवन, रांची के लिए विदा हो गए।

    – Varnan Live Report.

  • 5 करोड़ की थी योजना, 14 करोड़ का दे दिया टेंडर; काम भी भगवान भरोसे

    5 करोड़ की थी योजना, 14 करोड़ का दे दिया टेंडर; काम भी भगवान भरोसे

    चास नगर निगम में फिर धांधली… विधानसभा की समिति ने बहुद्देश्यीय भवन निर्माण में गड़बड़ी पर उठाए सवाल, डीसी से रिपोर्ट तलब

    संवाददाता
    बोकारो : बोकारो में सरकारी योजनाओं में बड़ी धांधली का एक बार फिर खुलासा हुआ है। मामला चास नगर निगम से जुड़ा है। हालांकि, निगम की गड़बड़ी इसके पहले भी कई दफा सामने आ चुकी है, लेकिन हालिया मामले में अफसरशाही और हेराफेरी का आलम यह है कि जिस योजना के लिए 5 करोड़ रुपए का प्राक्कलन तैयार हुआ था, वह लगभग तीन गुना ज्यादा बढ़ाकर 14 करोड़ रुपये कर दिया गया।  इसके लिए बाकायदा टेंडर हुआ और जो काम हो रहे हैं, उसकी गुणवत्ता भी भगवान भरोसे है। इसे झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने काफी संजीदगी से लिया है। समिति ने इस कथित धांधली पर सवाल खड़े किए हैं और जिले के उपायुक्त कुलदीप चौधरी से मामले की जांच कराकर रिपोर्ट जल्द सुपुर्द करने को कहा है।
    बता दें कि विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने दो-दिवसीय बोकारो दौरे के क्रम में यह खुलासा किया। समिति के सभापति निरल पूर्ति और सदस्य अमर बाउरी ने चास नगर निगम के द्वारा बनाए जा रहे बहुउद्देशीय भवन सहित अन्य योजनाओं की जांच की। सभापति ने निगम द्वारा बनाये जा रहे बहुउद्देशीय भवन निर्माण कार्य में गड़बड़ी और 5 करोड़ के प्राक्कलन को 14 करोड़ किए जाने पर सवाल खड़े किए। समिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी नाराजगी जताई और कुछ सैंपल प्लास्टिक में जांच के लिए भरकर ले गई।

    नियम के विपरीत कार्य का आवंटन

    इस दौरान समिति ने चास अनुमंडल कार्यालय और वन विभाग के द्वारा नगर वन विश्रामागार के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। वहां भी समिति को काफी गड़बड़ी मिली है। समिति के सभापति ने दोनों ही जगहों पर कार्य में गुणवत्ता और कार्य की गति पर सवाल खड़ा किये हैं। समिति के द्वारा सैंपल भी लिए गए हैं। विधानसभा की समिति के सभापति और सदस्य ने कहा कि नगर निगम के द्वारा बनाए जा रहे 5 करोड़ की लागत से बहुउद्देशीय भवन का प्राक्कलन बनाकर निविदा निकाली गई थी, लेकिन यह निविदा अब 14 करोड़ की हो चुकी है और कार्य भी उसी संवेदक को दिया गया है, जो नियम के विपरीत है। क्योंकि, किसी भी निर्माण कार्य में 25 फीसदी तक ही डेविएशन किया जा सकता है। ऐसे में यह गंभीर जांच का विषय है। कमेटी ने डीसी के माध्यम से रिपोर्ट समिति को भेजने का निर्देश दिया है और समिति के द्वारा विधानसभा में बैठक कर सभी अधिकारियों को पर जवाब देने का भी निर्देश दिया गया है।

    बड़ा ‘गोलमाल’, विधानसभा में रखेंगे मामला

    प्राक्कलन समिति के सदस्य एवं चंदनकियारी विधायक अमर बाउरी ने कहा कि कमेटी काम से संतुष्ट नहीं हैं। जांच के लिए आदेश दिया गया है। डीसी प्रतिवेदन देंगे और विधानसभा की जो विभागीय बैठक होगी, उसमें इसकी समीक्षा कर मामले को आगे बढ़ाया जाएगा। नगर निगम का पांच करोड़ का ठेका था, जो बढ़ते हुए 14 करोड़ रुपए तक चला गया है। एक ही ठेकेदार को बार-बार दिया जाता रहा। किस परिस्थिति में यह रिवाइज किया गया है? जबकि मूल प्राक्कलन से 25 फीसदी की ही बढ़ोत्तरी होती है। तिगुना प्राक्कलन भागा है, तो उसकी पूरी जांच होगी। छोटा गोलमाल बड़ा हो जाता है। सैंपल लिया गया है। डीसी को जांच प्रतिवेदन देने को कहा गया है। समिति अपनी तरफ से इसका पूरा अध्ययन कराकर तकनीकी पहलुओं के साथ संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से बात कर निर्णय लेगी और विधानसभा को अवगत कराएगी।
    – अमर कुमार बाउरी
    सदस्य, झारखंड विधानसभा प्राक्कलन समिति।

    काम में भारी ढिलई

    स्थल निरीक्षण के क्रम में भ्रमण किया। जिन दो जगहों का दौरा किया, दोनों में कहीं भी गुणवत्ता नहीं पाई गई। काम काफी ढ़ीला-शीला है। ‘थूक पॉलिश’ टाइप का काम हो रहा है, बेढंगा है। उपायुक्त से रिपोर्ट मंगाते हैं। फिर समिति अपने स्तर से इस पर काम करेगी। विधानसभा में रखेंगे। विधानसभा में सभी पदाधिकारियों को बुलाएंगे।
    – निरल पूर्ति
    सभापति, झारखंड विधानसभा प्राक्कलन समिति।

  • बोकारो के इस स्कूल में VR की मदद से बच्चे अब करेंगे पढ़ाई, जिले के पहले VR Lab का हुआ शुभारंभ

    बोकारो के इस स्कूल में VR की मदद से बच्चे अब करेंगे पढ़ाई, जिले के पहले VR Lab का हुआ शुभारंभ

    डिजिटल युग में वीआर तकनीक शिक्षा-जगत में मील का पत्थर : राजन

    आभासी वास्तविकता के साथ अब विषयों को आसानी से समझ सकेंगे बच्चे : डॉ. गंगवार

    बोकारो। विद्यार्थियों को तकनीक और नवाचार से युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) बोकारो ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। इस विद्यालय में बोकारो के पहले वर्चुअल रियलिटी (वीआर) लैब का शुभारंभ किया गया है। विषयों से संबंधित तथ्य आभासी तौर पर वास्तविक रूप में अनुभव कराने व समझाने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई है।

    मंगलवार को इस लैब का उद्घाटन बोकारो स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक (कार्मिक व प्रशासन) सह डीपीएस बोकारो प्रबंधन समिति के प्रो-वाइस चेयरमैन राजन प्रसाद ने बतौर मुख्य अतिथि किया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यालय की इस पहल को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि आभासी वास्तविकता के साथ विषयों से संबंधित चीजों को देखकर उसे अनुभव करना पाठ्यक्रम को समझने व उसे स्मरणीय बनाए रखने में काफी महत्वपूर्ण है। तकनीकी क्रांति के इस युग में इस प्रकार की शिक्षण व्यवस्था निश्चय ही मील का पत्थर साबित होगी। वस्तुतः यह सीखने-समझने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है।

    विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एएस गंगवार ने कहा कि डीपीएस बोकारो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में कटिबद्ध रहा है। इसके लिए कई नवोन्मेषी संसाधन यहां उपलब्ध कराए गए हैं। वीआर लैब इसी की एक अहम कड़ी है। विद्यालय की प्राइमरी और सीनियर, दोनों इकाइयों को मिलाकर लगभग 100 वीआर उपकरणों की व्यवस्था यहां की गई है। 50-50 के समूह में विद्यार्थी साथ बैठकर 360 डिग्री वाली त्रिविमीय तस्वीरों व वीडियो के जरिए अपने विषयों को समझ सकेंगे। फिलहाल विद्यार्थियों के लिए इस लैब में विज्ञान, तकनीक, गणित व सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई की व्यवस्था है।

    विषयवस्तु के पास होने का मिलता है रोचक अनुभव

    एडटेक कंपनी मेटाबुक एक्सआर की साझेदारी से स्थापित इस वर्चुअल रियलिटी लैब के उपकरणों, यथा – हेडसेट, मोशन सेंसर आदि की मदद से विद्यार्थी संबंधित विषयों के टॉपिक को न केवल देख सकेंगे, बल्कि आभासी तौर पर वे उसके पास तक पहुंचकर उसे रोचक तरीके से अनुभव भी कर सकेंगे। उदाहरणतया वीआर इक्विपमेंट की मदद से बच्चों को सौरमंडल तक आभासी रूप से ले जाकर उन्हें वास्तविक रूप में ध्वनियुक्त 3डी चलंत चित्रों के साथ दिखाया जा सकता है। बता दें कि इसके पहले वीआर तकनीक का इस्तेमाल गेमिंग और मनोरंजन में होता था। शिक्षा में अब इसका चलन रोमांचकारी तरीके और रियल फील के साथ कांसेप्ट क्लियर करने में काफी सहायक साबित होगा।

    सिलेबस के मुताबिक मॉड्यूल
    वर्चुअल रियलिटी के उपकरणों में कक्षावार सीबीएसई के सिलेबस पर आधारित मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। उपकरणों को दो तरीकों से संचालित करने की व्यवस्था है। सेल्फ स्टडी मोड में विद्यार्थी स्वयं इसे ऑपरेट कर सकते हैं, वहीं टीचर गाइडेड मोड में शिक्षक जो दिखाना चाहेंगे, बच्चे वही देख सकते हैं। इसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी सुविधा है। उद्घाटन के अवसर पर मेटाबुक एक्सआर के वाइस प्रेसिडेंट राकेश पांडेय एवं असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट संतोष कुमार भी उपस्थित थे।

    – Varnan Live Report.