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  • मृतकों के नाम रहे लिस्ट में, पर कई जीवित रहे गायब

    Mother’s Day पर  अपनी मां को वोट न दिला पाने का रह गया मलाल

    वोट देने से वंचित रह गयीं अपनी मां सोना देवी के साथ के साथ मनोज यादव।
    • Deepak Jha

    बोकारो ः बोकारो जिले के विभिन्न मतदान केन्द्रों के लिये इस बार नये बीएलओ प्रतिनियुक्ति किये जाने के बाद कई जगहों पर भारी गड़बड़ियां सामने आयीं। मतदाताओं के सत्यापन से लेकर वोटर्स स्लिप के वितरण तक में काफी खामियां दिखीं। एक खामी तो एेसी आयी, जिसने एक बेटे को मदर्स डे पर अपनी मां को लोकतांत्रिक पर्व की खुशी न दे पाने का मलाल छोड़ गयी। सेक्टर-2डी निवासी मनोज यादव की मां और श्री विशुनदेव यादव की सहधर्मिणी श्रीमती सोना देवी इस बार अपने मताधिकार से वंचित रह गयीं। वजह यह रही कि वोटर्स लिस्ट में उनका नाम ही नहीं मिला। बूथकर्मी खोजकर थक गये, पर सोना देवी का नाम नहीं मिला। इसके बजाय आसपास रहने वाले उसी इलाके के कई एेसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद रहे जो या तो स्वर्ग सिधार चुके हैं या लिस्ट में वर्णित पता से स्थानांतरित होकर चले गये हैं। मनोज ने कहा कि उसी इलाके की दुलारी देवी, राजेन्द्र झा, प्रभुनाथ मिश्रा और वीरेन्द्र सिंह के नाम मतदाता सूची में दर्ज पाये गये। आश्चर्य की बात तो यह है कि ये सभी के सभी मृत हो चुके हैं। इनके अलावा कई लोग जो अपने घर बदल चुके हैं, उनके भी नाम वोटर लिस्ट में मौजूद रहे। मनोज ने कहा- आज मदर्स डे था और अपनी मां को मैं वोट नहीं दिला पाया, इसका दुख रह गया। दूसरी तरफ राज्य के मुख्य निर्वाचन एल. खिंयाग्ते तथा स्थानीय प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद भी मतदाता पर्ची के वितरण में बीएलओ ने रुचि नहीं दिखायी। बोकारोे के सेक्टर- 3बी, सेक्टर-4 के कई इलाकों में सैकड़ों वोटरों ने वोटर्स स्लिप नहीं मिल पाने की शिकायत की। इसके कारण मतदान-कार्य के लिये नाम खोजने में अनावश्यक विलम्ब हुआ।

  • तपिश को देकर मात, उमड़ पड़ी जमात : लोकतांत्रिक आस्था के महापर्व पर उमड़ा जनसैलाब

    बोकारो के एक मतदान केन्द्र पर लगी वोटरों की भीड़।  Pic : Varnan Live
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    Deepak Kumar Jha

    Bokaro.

    बोकारो ः विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे बड़े पर्व चुनाव का आनंद रविवार को बोकारो जिले के निवासियों ने भी लिया। राज्य में तीसरे तरण के निर्वाचन के तहत बोकारो जिले में धनबाद तथा गिरिडीह संसदीय क्षेत्र के लिये मतदाताओं ने अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद कर डाली। इस बार के चुनाव में लोगों की जागरुकता को लेकर प्रशासन की कवायदें काफी हद तक रंग दिखाने वाली रहीं। अपने मतदान के जरिये लोकतंत्र को सशक्त बनाने तथा देश की नयी तकदीर व तस्वीर गढ़ने की उम्मीदों के साथ जिले के वोटरों में वोटिंग के प्रति अपार उत्साह देखा गया। लोकतांत्रिक महोत्सव के इस उमंग में प्रातः बेला से ही लोग अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर जुटने लगे। बूथों के समीप रहने वाले कई लोग मार्निंग वाक करते हुए पहुंचे तो कोई वाहनों से आये। कोई अकेला पहुंचा, तो कोई पूरे परिवार के साथ। कई महिलायें गोद में बच्चा तक साथ में लेकर उत्साह में बूथों तक जाती दिखीं, मानो वह किसी मेले में जा रही हों। मतदान शुरू होने के निर्धारित समय सात बजे से लगभग एक घंटा-डेढ़ पहले से ही लोगों की चहल-कदमी बूथों पर शुरू हो गयी, जो दिनभर जारी रही। 44 डिग्री सेल्सियस की झुलसाती गर्मी, आग उगलती सड़क और शोले बरसाते आसमान के बीच लू के थपेड़े भी लोकतंत्र के इन आस्थावीरों की आस्था को डगमगा न सके। दिनभर बम्पर वोटिंग चलती रही। अपना राष्ट्रीय नेतृत्व चुनने की खुशी में दिव्यांगता और अन्य सभी तरह की शारीरिक लाचारी को भी वोटरों ने ठेंगा दिखाते हुए जमकर मतदान किये। कोई ट्राइसाइकिल से आया, तो कोई अपनी तिपहिया स्कूटी से, तो कोई वैशाखी लेकर, सबमें गजब का उत्साह देखा गया। इधर, वोटिंग के बाद सोशल मीडिया पर मतदान की स्याही लगी उंगलियों के साथ फोटो शेयर करने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। सबों ने फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसी सोशल साइट्स के जरिये अपनी सजग नागरिकता होने का प्रमाण अपने इष्टमित्रों के साथ साझ किया।


    बोकारो के एक मतदान केन्द्र पर लगी वोटरों की भीड़।  Pic : Varnan Live

    शहरी बाबुओं में फिर दिखी उदासीनता

    बोकारो जिले में इस बार भी शहरी इलाके के बजाय ग्रामीण वोटरों में अपेक्षाकृत अच्छी जागरुकता दिखी। चास-बोकारो के ज्यादा चंदनकियारी तथा नक्सल प्रभावित गोमिया एवं आसपास के इलाकों में ज्यादा भीड़ देखी गयी। अपराह्न तीन बजे तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक चंदनकियारी विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 62.5 प्रतिशत वोटिंग हुई। 62.3 प्रतिशत मतदान के साथ गोमिया दूसरे, 57.23 प्रतिशत वोटिंग के साथ बेरमो तीसरे 46.86 प्रतिशत मतदान के साथ बोकारो विधानसभा क्षेत्र चौथे स्थान पर रहा।

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  • लोकतंत्र की मजबूती में खासो-आम रहे साथ, हेलीकाप्टर से पहुंच शिबू सोरेन ने किया मतदान

    Sibu Soren after casting his vote in Bokaro.

    बोकारो ः मतदान के जरिये लोकतंत्र को मजबूत करते हुए देश को उचित दिशा एवं दशा देने में हर खासो-आम ने अपनी सहभागिता निभायी। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तथा मंत्री से लेकर संतरी तक ने भी उत्साह से मतदान किया। इसी क्रम में राज्य सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन रविवार सुबह हेलीकाप्टर से बोकारो पहुंचे और पूरी गर्मजोशी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सेक्टर- 4 स्थित मजदूर मैदान में उनका हेलीकाप्टर उतरा, जहां से सड़क-मार्ग से होकर वह सेक्टर-1सी में संत जेवियर स्कूल स्थित बूथ संख्या- 331 पहुंचे और वोट डालकर एक सजग नागरिक का परिचय दिया। इस दौरान उनके साथ मतदान केन्द्र पर कांग्रेस के झारखंड प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता राजेश ठाकुर, बोकारो महानगर झामुमो अध्यक्ष मंटू यादव आदि लोग मौजूद थे।इधर, झारखंड सरकार के मंत्री अमर कुमार बाउरी ने चंदनकियारी में कतारबद्ध होकर आम वोटर की तरह अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

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  • बोकारो जिले में 61.2 % व गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में 65.9 % मतदान

    जनता, प्रशासनिक टीम, राजनीतिक दल सभी बधाई के पात्र ः डीसी

    Kripanand Jha, DC, Bokaro.

    संवाददाता

    बोकारो ः राज्य में तीसरे चरण के तहत हुए चुनाव के दरम्यान रविवार को बोकारो जिले में अपेक्षाकृत बेहतर मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। जिला निर्वाची पदाधिकारी सह उपायुक्त कृपानंद झा के अनुसार जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल मिलाकर 61.26 प्रतिशत मतदान संपन्न हुआ। सबसे ज्यादा मतदान 37-चंदनकियारी में हुआ, जहां वोटिंग का प्रतिशत 73.54 दर्ज किया गया। इसके बाद क्रमशः 34- गोमिया में 68.45 प्रतिशत, 35- बेरमो में 62.91 प्रतिशत तथा 36- बोकारो विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 52.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।इधर, गिरिडीह लोकसभा निर्वाचन-2019 के छठे चरण के अन्तर्गत आयोजित गिरिडीह लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदान 65.93 प्रतिशत हुआ। उपायुक्त के अनुसार गिरिडीह लोकसभा क्षेत्रान्तर्गत 32-गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदान 65.76 प्रतिशत, 33-डुमरी विधानसभा क्षेत्र में 71.21 प्रतिशत, 34-गोमिया विधानसभा क्षेत्र में 67.79 प्रतिशत, 35-बेरमो विधानसभा क्षेत्र में 63.36 प्रतिशत, 42-टुन्डी विधानसभा क्षेत्र में 68.02 तथा 43-बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदान 60.02 प्रतिशत हुआ। 

    इस मतदान पर निर्वाची पदाधिकारी -सह- उपायुक्त कृपा नंद झा एवं पुलिस अधीक्षक पी. मुरूगन सहित जिले के अन्य वरीय पदाधिकारियों के द्वारा पैनी नजर बनी हुई थी। उपायुक्त ने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान हेतु जिले के सभी मतदाताओं सहित मतदान कार्य में लगे पदाधिकारियों एवं कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस मतदान के लिये जनता, प्रशासनिक टीम के हरेक पदाधिकारी व कर्मी के साथ-साथ राजनीतिक दलों के लोग भी आभार व बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने आदर्श आचार संहिता के नियमों का अनुपालन किये रखा। उन्होंने  इस मतदान को अच्छा बताते हुए संतोष तो जताया, परंतु यह भी कहा कि अगर इससे अधिक होता तो और बेहतर होता।

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  • चुनाव में विपक्षी दूर-दूर तक नहीं : चंद्रप्रकाश

    चुनाव में विपक्षी दूर-दूर तक नहीं : चंद्रप्रकाश

    संवाददाता

    बेरमो : झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री एवं गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र में एनडीए उम्मीदवार चंद्र प्रकाश चौधरी का कहना है कि गिरिडीह संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को वोट मांगने का अधिकार भी नहीं है। 65 वर्षों तक कांग्रेस ने शासन किया, लेकिन कोई भी ऐसा कार्य नहीं हो सका, जिसे हम उपलब्धि कह सकें। मोदी जी के पांच साल का कार्यकाल कांग्रेस के 65 साल के कार्यकाल के बराबर है। हमें ही नहीं, पूरी जनता को यह विश्वास है, उनका मन और मिजाज है कि मोदी ही दुबारा देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। श्री चौधरी ने अपने चुनावी अभियान के क्रम में बेरमो विधानसभा क्षेत्र में दौरा करते हुए एक खास बातचीत के दौरान उक्त बातें कहीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के लिए होने वाले चुनाव में विपक्षी दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रहे हैं। इनका महागठबंधन ठगबंधन के रूप में साबित होगा। ये लोगों से काफी दूर हो चुके हैं। 

    जंगलराज’ करेंगे खत्म

    डुमरी विधायक जगरनाथ महतो पर तंज कसते हुए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके जंगलराज को खत्म करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। लोगों को डराना-धमकाना, झूठे मुकदमों में फसाना आदि उनका काम रहा है। पिछले 15 सालों में उन्होंने कोई भी ठोस विकास नहीं किया। जो 15 साल में अपने विधानसभा क्षेत्र का विकास नहीं कर सके, वह भला लोकसभा में जाकर पांच साल में छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए क्या कर लेंगे?

    सिद्धू बस एक जोकर

    पिछले दिनों बोकारो में कांग्रेसी नेता एवं पंजाब सरकार के मंत्री सह पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध की गई नारेबाजी और बयानबाजी को लेकर चैधरी ने कहा कि सिद्धू एक जोकर हैं। लोगों को हंसाना उनका काम है। इसी की कमाई वह खाते हैं। उन्होंने मजदूरों के हित में भी कार्य किए जाने की बात कही। बता दें कि चैधरी अपने समर्थकों के साथ-साथ पूरे गिरिडीह संसदीय क्षेत्र में घूम-घूमकर इन दिनों जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान में लगे हैं। उन्होंने कहा कि गिरिडीह संसदीय क्षेत्र का चैधरी बनना उनका मकसद नहीं, जनता की सेवा उद्देश्य है। बेरमो के ग्रामीण इलाके में किए गए दौरे में उनके साथ स्थानीय विधायक योगेश्वर महतो ‘बाटुल’ सहित अन्य कई लोग शामिल थे। सबों ने नरेंद्र मोदी को दुबारा भारत का प्रधानमंत्री बनाने के लिए एनडीए के पक्ष में मतदान की अपील की।

  • पोस्टल बैलेट से बोकारो में अभूतपूर्व वोटिंग

    मतदानकर्मियों ने दिखाया ऐतिहासिक उत्साह

    बोकारो : मतदानकर्मी, जिनके भरोसे मतदान केन्द्रों पर वोटिंग की पूरी जवाबदेही होती है और वे ही मुख्य रूप से सभी जगहों पर मतदान को सफल बनाने में केन्द्रीय भूमिका निभाते हैं। वैसे तो आगामी 12 मई को बोकारो जिले में धनबाद व गिरिडीह संसदीय क्षेत्र के लिये वोटिंग होनी है, लेकिन इन मतदानकर्मियों के लिये निर्धारित सुविधा केन्द्रों पर पोस्टल बैलेट से वोटिंग की खास व्यवस्था की गयी है। प्रशिक्षण के दिनों पर तीन-चार दिनों के मतदान में इन पोलिंगकर्मियों ने जो अभूतपूर्व भागीदारी निभायी, उसे अपने-आप में एक रिकार्ड माना जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार तीन-चार दिनों दिनों की वोटिंग में ही खबर लिखे जाने तक लगभग तीन से चार हजार मतदानकर्मी अपने मताधिकार का प्रयोग पोस्टल बैलेट के जरिये कर चुके थे। यह आसपास के पूरे क्षेत्र में पोस्टल बैलेट से वोटिंग के मामले में एक ऐतिहासिक कीर्तमान माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अब तक जिले में दो-ढाई हजार ही वोटिंग पोस्टल बैलेट से हो पाती थी। इस बार मात्र तीन दिनों की वोटिंग में ही यह आंकड़ा साढ़े तीन हजार तक यह पहुंच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले भर में लगभग 7200 मतदानकर्मी आवेदित हैं। उनके लिये बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर-1सी स्थित कौशल विकास केन्द्र, बीआईवी- 2डी, बीआईएसएसएस- 3ई तथा पुलिस लाइन में सुविधा केन्द्र (फैसिलिटेशन सेन्टर्स) बनाये गये थे। उपायुक्त कृपानंद झा के मार्गदर्शन तथा चास के अपर नगर आयुक्त शशिप्रकाश झा व सीओ, चास श्री द्विवेदी की देखरेख में संबंधित विभाग के श्रवण झा, रेणुका, रेणु कुमारी, गीता, ममता कुमारी आदि के सहयोग से प्रशिक्षण कोषांग के राज कृष्ण राज, अमन कुमार झा, मनोरंजन प्रसाद सिंह, मनोरंजन कुमार निराला आदि ने पोस्टल बैलेट से मतदान-कार्य को सफल बनाने में में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

  • अतीत बन गयी सीसीएल की तारमी डिस्पेन्सरी

    संवाददात|

    भंडारीदह : सीसीएल ढोरी प्रक्षेत्र अन्तर्गत तारमी ओपेन कास्ट माइन्स का डिस्पेंसरी को हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। इस डिस्पेंसरी के सभी संशाधनो को एसडीओसीएम के कल्याणी डिस्पेंसरी में शिफ्ट करा दिया गया और यह चिकित्सालय एक अतीत बन गया। बताते चले तारमी कोलियरी में पिछले 45 वर्षों से कोलियरी मजदूरों, उनके परिजनो सहित आसपास के विस्थापित गांव के लोगो को नि:शुल्क इलाज व दवा दिया जाता रहा था, लेकिन 29 अप्रैल 2019 से इस डिस्पेंसरी को बंद कर दिए जाने से सीसीएल मजदूरो एवं विस्थापित गांव के लोग काफी निराश हैं। बताया जाता है इस डिस्पेंसरी में चिकित्सक अभाव के कारण पिछले कई वर्ष से सिर्फ एक वरीय फार्मासिस्ट मोहम्मद अलीम अहमद के भरोसे चल रहा था। इनकी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्ति हो रही है। इसके बाद से इस डिस्पेंसरी को चलाना मुश्किल था। प्रबंधन ने डिस्पेंसरी को नियमित चालू रखने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई, अन्तत: 45 वर्ष से चालू डिस्पेंसरी को हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। यहां कार्यरत दो महिलाकर्मी व सफाईकर्मी को अन्यत्र स्थानांतरित किया जा सकता है। सोमवार से डिस्पेंसरी में ताला लटका दिया गया। 

    मजदूरों में मायूसी

    एक समय था जब इस डिस्पेंसरी में नियमित रूप से दो चिकित्सक सहित कई फार्मासिस्ट, ड्रेसर, वार्ड ब्वाय, वार्ड गर्ल सहित पैथोलॉजी की समुचित व्यवस्था थी। आकस्मिक घटना दुर्घटना में डिस्पेंसरी द्वारा बेहतर चिकित्सा व्यवस्था हो पाती थी, लेकिन बंद कर दिए जाने से मजदूर काफी मायूस हो गए है। बता दे इस डिस्पेंसरी के भरोसे कारीपानी कॉलोनी, तारमी व तारमी साइडिंग कॉलोनी सहित आसपास के विस्थापित गांव के उपरबंधा, गुंजरडीह अलारगो, फुुलवारी, तारमी बस्ती के लोगों को प्राथमिक चिकित्सा आसानी से हुआ करता था। अब यहां के कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज के लिए सेन्ट्रल अस्पताल ढोरी जाना पडेगा।

  • बस वोट का मुद्दा ही रह गयी चास की बिजली-समस्या

    बस वोट का मुद्दा ही रह गयी चास की बिजली-समस्या

    संवाददाता

    चास : बोकारो के उपशहर और प्रमुख व्यावसायिक केन्द्र चास में दशकों से जारी बिजली संकट की आज भी वही स्थिति है। सुधार के लिये बड़े-बड़े दावे तो होते रहे है, परंतु धरातल पर होता कुछ नहीं दिख रहा। हर बार चुनाव में यह हमेशा चुनावी मुद्दा और वोट का केन्द्र रहा है, परंतु नेताओं से लेकर अफसरों तक ने इस गंभीर संकट पर कभी भी गंभीर ध्यान नहीं दिया। लिहाजा आज भी स्थिति जस की तस ही है।  कई सांसद आये और गये, लेकिन चासवासियों की निर्बाध विद्युतापूर्ति का सपना बस सपना ही रह गया है। चास और पूरे चीरा चास में बिजली की किल्लत से लोग परेशान हैं। प्रचंड गर्मी शुरू हो चुकी है और लोग दिन-दिनभर कभी-कभी तो दो-दो दिन तक चासवासी बिना बिजली के बिताने को विवश हैं। बिजली संकट के कारण आम जन-जीवन तथा व्यवसायी पूरी तरह से चरमरा गया है। आमलोगों का कहना है कि बिजली दिनभर में मात्र तीन-चार घंटे ही बिजली रहती है। जीना मुहाल हो गया है। वहीं, नेता लोग अपना चेहरा चमकाने के लिये पुतला-दहन कर रहे हैं। अगर नेताओं, जनप्रतिनिधियों को इतना ही दर्द है तो सब एक हो क्यों नहीं आंदोलन करते, अलग-अलग क्यों? 


    जरूरत से कम मिल रही बिजली

    चास में बिजली संकट को लेकर विभागीय सूत्रों का कहना है कि चास में जरूरत से कम बिजली मिल रही है, जिसके कारण समस्या है। 70 मेगावाट की जरूरत है, जबकि 40-45 मेगावाट ही बिजली मिल पा रही है। फलस्वरूप अन्य जगहों पर लोड शेडिंग की जा रही है। इस समस्या को दूर करने के लिये दो-तीन काम किये जा रहे हैं। फुदनीडीह सब-स्टेशन के लिये सर्किट लाया जा रहा है, जिससे 30 मेगावाट बिजली बढ़ेगी। इसके साथ ही बियाडा से भी सर्किट आ रहा है। उससे भी 30-35 मेगावाट बिजली मिलेगी। इस प्रकार 25 मेगावाट की कमी को दूर करने के लिये 60-65 मेगावाट की उपलब्धता बढ़ जायेगी। उन्होंने डीवीसी से लोड शेडिंग बंद कराये जाने की भी बात कही।


    क्या कहते हैं लोग

    चीराचास निवासी एक सरकारी चिकित्सक ने कहा कि बोकारो जिले की बिजली से पड़ोसी राज्य बिहार और बंगाल रोशन तो होते हैं, लेकिन यहीं बिजली की किल्लत चिराग तले अंधेरा वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है। चीरा चास विकास समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह कहते हैं कि अगर जनप्रतिनिधियों में विकास पुरुष बनने की चाहत हो तो बिहार की तरह झारखंड में भी विकास और बिजली की कमी नहीं होगी। यहां के जनप्रतिनिधियों को दृढ़ इच्छाशक्ति खुद में पैदा करनी होगी सारे संसाधनों से युक्त झारखंड में बिजली नहीं और बिहार में 24 घंटे बिजली यह यकीनन सोचने वाली बात है। चिन्मय विद्यालय बोकारो के उप प्राचार्य अशोक झा ने कहा कि चीरा चास में विद्युत आपूर्ति की स्थिति काफी नाजुक हो चुकी है खासकर बुजुर्गों और नवजात शिशुओं सहित छोटे-छोटे बच्चों को दिन रात भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह केवल इसलिए है, क्योंकि नेतागिरी केवल खुद तक ही केंद्रित रह गई है सब के हित की बात नहीं रह गई है।

  • डीपीएस ने फिर लहराया मेधाविता का परचम

    डीपीएस ने फिर लहराया मेधाविता का परचम

    दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो के विद्यार्थियों ने इस वर्ष सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर पुन: राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेधाविता का परचम लहराया है। कॉमर्स संकाय में स्तुति कुमार 97.40 प्रतिशत अंक के साथ विद्यालय टॉपर बनी हैं, जबकि विज्ञान संकाय में अनुष्का पॉल 97.20 प्रतिशत अंक के साथ शीर्ष स्थान पर रही हैं। इस वर्ष विज्ञान व कॉमर्स संकाय की परीक्षा में शामिल कुल 462 विद्यार्थियों में सभी छात्र सफल रहे हैं, जिसमें रिकॉर्ड 194 विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत व अधिक अंक प्राप्त हुए हैं। औसतन प्रत्येक विद्यार्थी को 87.09 प्रतिशत अंक मिले हैं। विभिन्न विषयों में कई विद्यार्थियों ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधाविता का परचम लहराया है। डीपीएस, बोकारो के विद्यार्थियों की शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय के प्राचार्य ए. एस. गंगवार ने विद्यार्थियों को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 

  • निर्धन छात्रों ने इंजीनियरिंग में पायी कामयाबी

    गोमिया : गोमिया प्लस टू उच्च विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नित्य नए आयाम गढ़ रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2019 के जेईई मेंस में वर्तमान सत्र 2018-19 में अध्ययनरत दो छात्रों- सत्यम कुमार एवं शिवा कुमार ने सफलता पाकर स्कूल का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि अपने प्रथम प्रयास में ही इन दोनों विद्यार्थियों ने प्राप्त कर लिया। उक्त छात्रों ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के सभी गुरुजनों एवं अपने माता-पिता को दिया है। बता दें कि उक्त दोनों छात्र निर्धन परिवार से आते हैं। गोमिया उच्च विद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।