डकैती के बाद पुपरी के एक किराए के मकान में गहने लेकर रह रहा था नवीन, दूसरा गुर्गा वैशाली का
लुटेरे बिहार के, प्लानिंग बंगाल में और सरेशाम डकैती झारखंड में… तीन राज्यों तक फैला है बदमाशों का जाल
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बोकारो। बोकारो के चास में 23 जून, 2025 को आस्था ज्वेलर्स में हुई दिनदहाड़े करोड़ों की डकैती का रहस्य गहराता जा रहा है! इस सनसनीखेज वारदात का तार अब लगभग 500 किलोमीटर दूर बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुपरी गांव से जुड़ गया है। चास पुलिस ने इस महालूटकांड में शामिल दो और आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इनकी निशानदेही पर लूटे गए लाखों रुपये के बेशकीमती जेवरात भी पुपरी में एक किराए के मकान से बरामद किए गए हैं।
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बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) हरविंदर सिंह ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस चौंकाने वाले खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बिहार के वैशाली जिले के एसडीओ रोड निवासी रोनित राय और सीतामढ़ी जिले के पुपरी गांव निवासी दिलीप ठाकुर के बेटे नवीन कुमार के रूप में हुई है। नवीन पुपरी में ही सत्यम कुमार नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रहा था। एसपी के अनुसार, पकड़े गए इन दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुपरी में नवीन के किराए के मकान से सोने के छोटे-बड़े तीन हार, 5 कंगन, चार मंगलसूत्र, पांच सोने की अंगूठी, 25 जोड़ी कान की बाली, चांदी की 19 बिछिया और 25 ग्राम चांदी का तार बरामद किया गया है, जिनकी बाजार कीमत लाखों में है।
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बेऊर जेल से चल रहा था लूट का खेल! मुख्य सरगना की भूमिका उजागर
यह खुलासा इस डकैती की परतें और खोल रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। गौरतलब है कि आस्था ज्वेलर्स से चार हथियारबंद अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी के जेवरात लूट लिए थे। पुलिस ने CCTV फुटेज और अपनी खुफिया जानकारी के आधार पर पहले ही इस मामले में छह अन्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया था। उस समय भी पुलिस ने कई जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार बरामद की थी। 23 जून की सरेशाम शाम लगभग 6 बजे बदमाशों ने दुकान के मालिक जितेंद्र गुप्ता को पिस्टल सटाकर नकद एक लाख रुपए और काउंटर पर रखे डेढ़ करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए थे। घटना के 24 घंटे के भीतर एसटीएफ ने 24 जून को उक्त छह आरोपियों को बिहार से दबोच लिया था।
पुरुलिया के होटल में रची गई थी साजिश
बेउर जेल में बंद अपराधी अविनाश श्रीवास्तव की योजना पर ही करण उर्फ देवा, राहुल पटेल उर्फ डायमंड व बीरू उर्फ गोलू उर्फ रोनित ने डकैती की योजना बनाई थी। डकैती की साजिश पुरुलिया के एक होटल में रुककर 12-13 जून को रची गई थी। घटना में Desire कार और दो बाइक का इस्तेमाल किया गया था। रेकी करने के लिए तीनों पुरुलिया के बड़ग्राम स्थित सिंह होटल में रुके थे। 14 जून को अंतिम बार रेकी कर वापस लौटे। इसके बाद योजना बनाई और 23 जून को रौशन सिंह, डायमंड, नीतेश कुमार, आदित्य राज, प्रिंस कुमार सुमन, मुसाफिर हवारी व अक्षय चास पहुंचे। सभी आईटीआई मोड़ में रुके, लेकिन डकैती करने के लिए रौशन सिंह, डायमंड, आदित्य राज व प्रिंस आस्था ज्वेलर्स पहुंचे। दिन-दहाड़े डकैती के बाद चारों पुन: आईटीआई मोड़ पहुंचे और कार से बैठकर धनबाद होते हुए पटना के लिए फरार हो गए थे। पूर्व में पकड़े गए छह बदमाश बिहार के थाना चौक पटना सिटी, एसडीओ रोड हाजीपुर, मठिया थाना पश्चिमी चंपारण व बेतिया चनपटिया के रहने वाले बताए गए थे।
बोले एसपी- पुलिस की बड़ी कामयाबी
SP हरविंदर सिंह ने पहले ही बताया था कि इस पूरी लूटकांड का मुख्य सरगना पटना के बेऊर जेल में बंद अविनाश श्रीवास्तव है। उसी ने जेल से बैठकर इस डकैती की पूरी योजना बनाई और इसे अंजाम दिलाने में अहम भूमिका निभाई। एसपी ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस मामले में शामिल लगभग सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो पुलिस की बड़ी कामयाबी है। इस सफल छापेमारी अभियान में एसआई प्रकाश यादव, रंजीत प्रसाद यादव, धीरज कुमार, प्रभात किरण कोकिल, संतोष कुमार, सिपाही सितांबर मंडल, रविशंकर कुमार सहित अन्य जांबाज पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनकी मुस्तैदी ने इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
- Varnan Live Report.





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