तीन थर्मल पावर प्लांटों के विकास की बनाई गई थी योजना, 15 हजार मेगावाट का रखा गया था लक्ष्य
– कुमार संजय
बोकारो थर्मल: दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) में एक नए युग की शुरुआत हुई है, जिसकी नींव पूर्व चेयरमैन राम नरेश सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में रखी गई थी। उनके कार्यकाल में ही कोडरमा, रघुनाथपुर और दुर्गापुर में तीन नए थर्मल पावर प्लांटों के निर्माण की विस्तृत योजना तैयार की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्तमान चेयरमैन श्री एस सुरेश कुमार ने अब धरातल पर उतार कर साकार कर दिया है।
श्री सिंह ने 27 जनवरी 2021 को डीवीसी के चेयरमैन का पदभार संभाला और अगस्त 2023 तक इस पद पर बने रहे। उनके नेतृत्व में डीवीसी ने 2030 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को 7,000 मेगावाट से बढ़ाकर 15,000 मेगावाट करने का भव्य लक्ष्य निर्धारित किया था। इसी लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने कोडरमा, रघुनाथपुर और दुर्गापुर जैसे रणनीतिक स्थानों पर नए पावर प्लांट लगाने की योजना पर काम शुरू किया था। इसके अलावा, चंद्रपुरा में भी 800 मेगावाट की एक नई यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई गई थी, जिसके लिए लगभग 60,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया गया था।
श्री सिंह के कार्यकाल में डीवीसी ने ऊर्जा क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों को अपनाया, जिससे उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि और संचालन में सुधार हुआ। उनके नेतृत्व का ही कमाल था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में डीवीसी ने अपने 78 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक 43.32 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.5 प्रतिशत की शानदार वृद्धि थी। इसी के साथ डीवीसी ने 24,432 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व भी अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5,461 करोड़ रुपये अधिक था। इस दौरान प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) भी रिकॉर्ड 74.23 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो पूर्व के 68.96 प्रतिशत से कहीं अधिक था। वर्तमान में डीवीसी के पूर्व चेयरमैन श्री राम नरेश सिंह दिल्ली विद्युत रेगुलेटरी कमीशन में सदस्य के पद पर कार्यरत हैं। उनका कार्यकाल डीवीसी के लिए एक स्वर्णिम अध्याय बनकर हमेशा याद किया जाएगा, जिसने विकास की एक मजबूत नींव रखी।





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