बेरमो अनुमंडल में अवैध कोयले के कारोबार ने पार की सारी हदें, कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति
- कुमार संजय की रिपोर्ट
बोकारो थर्मल: बेरमो अनुमंडल में अवैध कोयला कारोबार ने सारी हदें पार कर दी हैं! बोकारो थर्मल, पेंक नारायणपुर, कथारा ओपी, नावाडीह और पेटरवार जैसे कई थाना क्षेत्रों में यह काला धंधा बेखौफ चल रहा है। जारंगडीह, कथारा बोरिया बस्ती, नयी बस्ती, लुकूबाद, अरमो, और कारो स्पेशल फेज-2 जैसे गांवों और बंद खदानों से हर दिन बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ये कोयला बाइकों और छोटे पिक-अप वैनों से ढोया जा रहा है, जो किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

पुलिस ‘एस्कॉर्ट’ कर रही है ‘काले’ धंधे को!
इस अवैध कारोबार का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि थाना की गश्ती गाड़ियां पूरी रात अवैध कोयला ढोने वाले बाइकों और वैनों को नया बस्ती से लेकर बुडगड्डा मोड़ तक ‘एस्कॉर्ट’ करती हुई देखी जा सकती हैं। यह दृश्य साफ बताता है कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह धंधा असंभव है।
इन फैक्ट्रियों में हो रहा है ‘काले धंधे’ का खेल!
अवैध रूप से निकाले गए कोयले को सीधे तीन प्रमुख फैक्ट्रियों में खपाया जा रहा है, जो इस पूरे खेल के मुख्य केंद्र बन गए हैं:
- मां जगदंबा कोल फैक्ट्री: रामाहरिया, पेंक नारायणपुर
- रूबी कोल फैक्ट्री: चिरुडीह, नावाडीह
- निषाद कोल फैक्ट्री: पिछरी, पेटरवार
मां जगदंबा कोल फैक्ट्री में तो खुलेआम कोयला पोड़ा किया जाता है, जिससे बड़े पैमाने पर कार्बन मोनोऑक्साइड निकलता है, जिसने आसपास के ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इन फैक्ट्रियों से कोयला ट्रकों में भरकर बिहार और बंगाल की मंडियों तक पहुंचाया जाता है। इसके अलावा, सारुबेड़ा के अवैध डिपो से भी कोयले की ट्रकों से तस्करी हो रही है। दुगदा और खेतको में भी यह धंधा धड़ल्ले से जारी है।
मजदूरों की जान पर भारी पड़ रहा यह कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा के बिना चल रहे कोयला उत्खनन के काम में हर दिन सैकड़ों मजदूरों की जान जोखिम में रहती है। जरा सी चूक से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। गिरिडीह के सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने सरकार और प्रशासन से तुरंत इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है।
आश्चर्य! बोले थाना प्रभारी – तस्करी की कोई जानकारी नहीं
जब पेंक नारायणपुर थाना प्रभारी नीतीश कुमार से इस अवैध कारोबार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी जानकारी की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो छापेमारी कर डिपो बंद किए जाएंगे और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जबकि हकीकत यह है कि बोकारो डीसी अजय नाथ झा ने कुछ दिन पहले ही जरीडीह थाना क्षेत्र से खनन विभाग को निर्देश देकर दो ट्रक अवैध कोयला जब्त करवाए थे, लेकिन उसके बावजूद यह काला कारोबार रुका नहीं है।





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