105 दिनों से लगातार ठप छाई ट्रांसपोर्टिंग ने 500 मेगावाट के प्लांट को डाला खतरे में
कुमार संजय
बोकारो थर्मल : झारखंड में बिजली संकट का एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) के बोकारो थर्मल स्थित 500 मेगावाट वाले ए पावर प्लांट को प्रबंधन ने आखिरकार छठ पूजा के ठीक बाद 29 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का जबरदस्त फैसला कर लिया है। यह कदम विगत 105 दिनों से ऐश (छाई) ट्रांसपोर्टिंग के पूरी तरह ठप होने और प्रशासनिक सहयोग न मिलने के कारण उठाया गया है, जिसने प्लांट के दोनों ऐश पौंड को लबालब भर दिया है। बोकारो थर्मल के विद्युत सह छाई प्रबंधन प्रणाली के महाप्रबंधक राजेश विश्वास ने शनिवार को इस विस्फोटक जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि गतिरोध 105 दिनों से जारी है, जिसके कारण प्लांट को बंद करने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता था। जीएम विश्वास ने कहा कि वर्तमान में छाई ट्रांसपोर्टिंग पूर्णतः ठप है, जिससे हमारे दोनों ऐश पौंड (1 और 2 नंबर) पूरी तरह भर चुके हैं। इस स्थिति में पावर प्लांट को चलाना संभव नहीं है। दरअसल, यह गतिरोध स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की प्रति टन प्रति किलोमीटर दस रुपये की वृद्धि की मांग के कारण जारी है, जिसे डीवीसी पूरा करने में असमर्थता जता रहा है।
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2019 की त्रासदी दोहराने का खौफ, फिर जुर्माना का खतरा
भरे हुए पौंड के कारण पर्यावरण प्रदूषण के मानकों की तलवार लटक रही है और 2019 की त्रासदी की पुनरावृत्ति का प्रबल खतरा बन गया है। जीएम राजेश ने जोर देकर कहा कि ऐश पौंड की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पावर प्लांट को बंद करना ही एकमात्र विकल्प रह गया था। उन्होंने बताया कि ऐश पौंड छाई से पूरी तरह भर गए हैं और छह फीट ऊपर तक छाई जमा होने से पौंड पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वर्ष 2019 के सितंबर में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब पौंड में छह फीट तक छाई जमा होने के बाद 19 सितंबर 2019 को ऐश पौंड टूट गया था। उस भयंकर आपदा में सैकड़ों टन छाई बहकर कोनार और दामोदर नदी में समाहित हो गई थी, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हुई थीं। इस मामले में एनजीटी (एनजीटी) ने डीवीसी पर एक करोड़ रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया था। जीएम ने चेताया कि वर्तमान स्थिति उसी त्रासदी की पुनरावृत्ति का सीधा संकेत दे रही है, जिसे प्रबंधन नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।
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GM का दावा- गुहार के बावजूद डीसी और एसडीएम ने नहीं किया सहयोग
जीएम विश्वास ने बेहद निराशा जताते हुए कहा कि विगत 105 दिनों से बंद ऐश पौंड को चालू करवाने की दिशा में बोकारो डीसी एवं बेरमो एसडीएम से किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिल पाया है। तीन दिन पूर्व भी बोकारो डीसी से मिलकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई गई, लेकिन उन्होंने बेरमो एसडीएम से बात करने को कहकर टाल दिया। जीएम ने बताया कि विधायक कुमार जयमंगल और सांसद सीपी चौधरी से भी बात की गई, परंतु सकारात्मक परिणाम नहीं मिला।
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बिजली संकट के साथ मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी आफत
इस संयंत्र के उत्पादन की बात करें, तो बंद होने से पहले पावर प्लांट नार्मल टाइम में 300-350 मेगावाट तथा पीक आवर में 500 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है। पावर प्लांट बंद होने की स्थिति में झारखंड के कई जिलों को गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, प्लांट बंद होते ही, इसमें कार्यरत सभी एएमसी-एआरसी मजदूरों को दोबारा प्लांट चालू होने तक कार्य से बैठाया जा सकता है। प्रबंधन का कहना है कि प्लांट बंद रहने की स्थिति में उन्हें बैठाकर भुगतान करना संभव नहीं होगा। जीएम ने कहा कि सामने छठ पूजा के कारण प्लांट को तीन से चार दिन चलाने का फैसला लिया गया, अन्यथा प्लांट को शनिवार रात्रि से ही बंद करने पर विचार किया गया था।
- Varnan Live Report.





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