बोकारो : समय का पहिया घूमा और यादों का कारवां एक बार फिर उसी आंगन में लौट आया, जहां कभी बचपन के दिन बीते और भविष्य के सपने गूंजते थे। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के परिसर में शुक्रवार को भावनाओं का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने 25 वर्षों के लंबे अंतराल को पल भर में समेट दिया। अवसर था वर्ष 2000 बैच के पूर्ववर्ती विद्यार्थियों के रजत जयंती मिलन समारोह का। ढाई दशक पहले के वे विद्यार्थी, जो आज समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठित और सफल व्यक्तित्व बन चुके हैं, जब एक-दूसरे से मिले तो स्कूल की क्लासरूम से लेकर खेल के मैदान तक की हर स्मृति जीवंत हो उठी। देश के कोने-कोने से पहुंचे इन पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर पुरानी यादें साझा कीं। कोई परिवार की बातें कर रहा था, तो कोई स्कूल के उन सुनहरे दिनों के किस्से दोहरा रहा था। सेल्फी और तस्वीरों के जरिए हर कोई इन अनमोल क्षणों को अपने फोन और दिल में हमेशा के लिए सहेज लेना चाहता था। उन्होंने स्कूल परिसर घूम-घूमकर भी अपने यादें तरोताजा कीं।

गुरु चरणों में नवाए शीश, सम्मान रही मुख्य कड़ी
समारोह की सबसे भावुक और गौरवशाली कड़ी रही शिक्षकों का सम्मान। पुराने विद्यार्थियों ने अपने मार्गदर्शकों के प्रति वही आदर दिखाया, जो 25 साल पहले था। उन्होंने अपने उस समय के केमिस्ट्री टीचर और वर्तमान प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार सहित उपस्थित सभी पुराने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिए। शिक्षकों को बाल-पौध, स्मृति चिह्न और शॉल भेंटकर अलंकृत किया गया। इस अवसर पर उस जमाने के शिक्षकों में डॉ. गंगवार के साथ-साथ श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल की प्राचार्या पी. शैलजा जयकुमार, जीजीपीएस के पूर्व प्राचार्य सोमेन चक्रवर्ती, शालिनी शर्मा (उप प्राचार्या, डीपीएस बोकारो), एस. एस. महापात्रा, राजेश्वर दुबे, मनोज परेरा और मो. फैसुल्लाह जैसे वरिष्ठ शिक्षक मौजूद थे। अपने पुराने शिष्यों की सफलता देख शिक्षकों के चेहरे पर भी गौरव की मुस्कान और आंखों में स्नेह की नमी साफ झलक रही थी।

शिक्षक-विद्यार्थियों का यह स्नेहिल बंधन सदैव बनाए रखें : डॉ. गंगवार
अपने संबोधन में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. गंगवार ने कहा कि यह पुनर्मिलन केवल अतीत और स्मृतियों का उत्सव नहीं, बल्कि स्वर्णिम भविष्य के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर है। उन्होंने उपस्थित पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं से अपने कौशल व प्रभाव का उपयोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करने का आह्वान किया। साथ ही, गुरु-शिष्य के इस स्नेहिल बंधन को सदैव अटूट बनाए रखने का संदेश दिया। समारोह में दूर रहकर भी कई शिक्षक डिजिटल माध्यम से जुड़े। पूर्व प्राचार्य डॉ. एम. एस. त्यागी सहित पूर्व शिक्षक के.के. मिश्रा, सुशोभन सेनगुप्ता, आलोक कुमार सिन्हा, गीता कुसुम साया, राखी डे एवं गौरी मित्रा ने अपने वीडियो संदेशों के जरिए पुरानी यादें साझा कीं और विद्यार्थियों को शुभाशीष दिए। समारोह में सांस्कृतिक रंगत तब और बढ़ गई जब शिक्षक राजेश्वर दुबे और पूर्व छात्रा प्रीति ने अपनी सुरीली आवाजों से महफिल में समां बांध दिया और खूब तालियां बटोरीं।

गणेश वंदना से आगाज और केक काटकर मनाया जश्न
कार्यक्रम का शुभारंभ अनूप त्रिपाठी के स्वागत संबोधन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने गणेश वंदना पर एक अत्यंत मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। फिर शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने मिलकर केक काटकर इस ऐतिहासिक मिलन का जश्न मनाया। सिद्धार्थ सिन्हा के संचालन और अनूप त्रिपाठी के संयोजन में आयोजित इस समारोह में अंजलि जैन, नम्रता, रश्मि, राजन, रज़ा, मानव, वेदांत, अभिषेक, खुशबू, अक्षत, जय, विशाल, जयता, प्रीति झा सहित कई पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस अवसर पर विद्यालय के वरीय उपप्राचार्य अंजनी भूषण, उप प्राचार्या शालिनी शर्मा, प्रधानाध्यापिका सुनीता भारद्वाज, ममता त्रिपाठी, डॉ. सरिता गंगवार, अनिंदिता भद्रा व प्रीति सिन्हा एवं प्रधानाध्यापक गोपाल नारायण विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे। समापन पूर्ववर्ती छात्र अभिषेक के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उद्घाटन सत्र का संचालन छात्र रुद्र प्रताप सिंह और छात्रा अवनी अनन्या पांडेय ने किया।

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