विशेष संवाददाता
इंदौर/पुणे :
त्वचा-स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता का अलख जगाने के अपने जुनून और अटूट समर्पण की बदौलत इंदौर की बेटी और पुणे स्थित बी.जे. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (BJMC) की होनहार युवा चिकित्सक डॉ. नेहा सोलंकी ने विश्वपटल पर एक नया कीर्तिमान रच दिया है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. नेहा को आधिकारिक रूप से ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया है, जो उनके पेशेवर सफर की एक ऐसी गौरवशाली उपलब्धि है जिसने पूरे क्षेत्र को हर्षोल्लास से भर दिया है। यह सम्मान उन्हें ‘डिकंस्ट्रक्ट’ द्वारा आयोजित एक विशेष मैराथन सत्र में भागीदारी के लिए दिया गया है, जो पूरे 24 घंटे और 45 मिनट तक बिना किसी विश्राम के निरंतर चला। ‘डर्माथॉन’ नामक इस विशेष सत्र में कई जाने-माने स्किनकेयर स्पेशलिस्ट ने हिस्सा लिया।

मिथकों को दूर करना था ‘डर्माथॉन’ का मकसद

इस ऐतिहासिक मैराथन का मुख्य उद्देश्य त्वचा से जुड़ी आम समस्याओं का समाधान करना, इंटरनेट पर फैले स्किनकेयर से जुड़े भ्रामक मिथकों को वैज्ञानिक तर्कों से मिटाना और साक्ष्य-आधारित डर्मेटोलॉजिकल पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाना था। देशभर के शीर्ष त्वचा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन त्वचा स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा और सफल समन्वित प्रयास साबित हुआ है।

बचाव-आधारित त्वचा विज्ञान पर साझा किया ज्ञान

इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग अभियान के दौरान डॉ. नेहा सोलंकी ने एक विशेषज्ञ की तरह अपनी अंतर्दृष्टि साझा की और प्रिवेंटिव डर्मेटोलॉजी (बचाव आधारित त्वचा विज्ञान) के साथ-साथ सही स्किनकेयर विकल्पों के चुनाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनकी इसी सक्रिय और ज्ञानवर्धक भागीदारी के कारण इस पूरे आयोजन को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली और अंततः इसे आधिकारिक तौर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।

अशोक सोलंकी और अंजू सोलंकी होनहार बेटी है डॉ. नेहा

मूल रूप से इंदौर के रहनेवाले अशोक सोलंकी एवं अंजू सोलंकी की होनहार पुत्री डॉ. नेहा ने अपनी इस अविश्वसनीय कामयाबी पर चर्चा करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत मील के पत्थर से कहीं बढ़कर एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। यह जिम्मेदारी हमें याद दिलाती है कि वर्तमान समय में भारत को विज्ञान-आधारित स्किन एजुकेशन की कितनी सख्त आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज के दौर में जब चारों तरफ भ्रामक जानकारियों की भरमार है, तब इस तरह की पहल मेडिकल साइंस और आम जनता की समझ के बीच के फासले को पाटने में एक मजबूत सेतु का काम करती हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र न केवल डॉ. सोलंकी की पेशेवर काबिलियत का लोहा मनवाता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति उनके निस्वार्थ संकल्प को भी दुनिया के सामने मजबूती से रखता है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता रिश्तेदारों सहित स्थानीय चिकित्सा जगत के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

  • Varnan Live Report.

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