युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत की पहल पर डीसी ने दिखाई त्वरित संवेदनशीलता, पीड़ित दीपक अस्पताल में भर्ती

संवाददाता
बोकारो:
जिसका कोई नहीं, उसके आप हैं… सोशल मीडिया (X) पर लिखी गई यह एक पंक्ति आज एक मासूम की जिंदगी बचाने का जरिया बन गई। बोकारो रेलवे स्टेशन के खुले आसमान के नीचे, भूख और बीमारी से जूझ रहे बेबस बच्चे दीपक के लिए बोकारो प्रशासन किसी देवदूत की तरह सामने आया है। इस हृदयविदारक मामले को बोकारो के जाने-माने युवा सामाजिक कार्यकर्ता और पशुप्रेमी प्रशांत द्विवेदी ने प्रमुखता से उठाया था। प्रशांत की पहल पर सामाजिक कार्यकर्ता राजा सिंह और विनय ने भी इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। उन सभी के सहयोग से दीपक की दयनीय स्थिति के वीडियो साझा करते हुए जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई गई। बताया गया कि दीपक, जिसके माता-पिता (लक्ष्मी देवी और राहुल) स्टेशन पर बर्तन धोकर और मजदूरी कर किसी तरह गुजर-बसर करते हैं, बीमारी के कारण चलने-फिरने में भी असमर्थ है। उसके पास न रहने को छत थी और न इलाज के पैसे।

खबरों से Quick Update बनें रहने के लिए Mithila Varnan के Whatsapp Channel से जुड़े- https://whatsapp.com/channel/0029VbAYGcqGZNClorjVZh2R

जैसे ही यह मामला बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा के संज्ञान में आया, उन्होंने त्वरित कार्रवाई की। सबसे खास बात यह रही कि उपायुक्त का जन्मदिन था। अपने विशेष दिन पर उत्सव के बजाय उन्होंने कर्तव्य और मानवता को सर्वोपरि रखा। डीसी ने तत्काल जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को निर्देशित किया और खुद रिस्पांस करते हुए सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। कुछ ही घंटों के भीतर, दीपक को रेस्क्यू कर सदर अस्पताल, बोकारो में भर्ती कराया गया।

खबरों से अपडेट बनें रहने के लिए Mithila Varnan के #Facebook पेज facebook.com/mithilavarnan से जुड़ें

सोशल मीडिया पर साझा की गई नवीनतम तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दीपक अब अस्पताल के बिस्तर पर है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है। डीसी बोकारो ने स्वयं ट्वीट कर जानकारी दी कि दीपक को सदर अस्पताल बोकारो में भर्ती करवाया गया है। मेडिकल टीम द्वारा उपचार किया जा रहा है। बाल संरक्षण टीम इसकी निगरानी कर रही है। जोहार।

खबरों से अपडेट बनें रहने के लिए Mithila Varnan को #X (Twitter) पर भी Follow करें- twitter.com/mithilavarnan

कुल मिलाकर, यह घटना दर्शाती है कि यदि सोशल मीडिया का सही उपयोग हो और प्रशासन संवेदनशील हो, तो व्यवस्था की अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति तक भी मदद पहुंच सकती है। प्रशांत द्विवेदी, विनय, राजा सिंह व अन्य के इस प्रयास और उपायुक्त अजय नाथ झा की त्वरित संवेदनशीलता की पूरे जिले में सराहना हो रही है। आज दीपक अस्पताल में सुरक्षित है, और बोकारो ने यह साबित कर दिया है कि यहां का प्रशासन सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर भी जनता के साथ खड़ा है।

  • Varnan Live Report.

One response to ““जिसका कोई नहीं, उसके आप हैं…” X पर लगाई गई गुहार पर DC ने बचा ली लाचार मासूम की जिंदगी”

  1. Nice

    Like

Leave a Reply

Trending