इस्पात-जगत में चार दशकों का है लंबा और सशक्त अनुभव, और बेहतरी की जगी उम्मीद
बोकारो: महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव हुआ है। सेल के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार सिंह ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर लिया है। लगभग चार दशकों का लंबा अनुभव रखने वाले श्री सिंह के कमान संभालने से न केवल सेल मुख्यालय बल्कि बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के गलियारों में भी नई उम्मीदें जाग गई हैं। माना जा रहा है कि उनके आने से बोकारो स्टील के लंबित विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण के प्रोजेक्ट्स को अब पंख लगेंगे।
खबरों से Quick Update बनें रहने के लिए Mithila Varnan के Whatsapp Channel से जुड़े- https://whatsapp.com/channel/0029VbAYGcqGZNClorjVZh2R
भिलाई के प्रशिक्षु से सेल के शिखर तक का सफर
के.के. सिंह का सेल के साथ जुड़ाव किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। वर्ष 1987 में भिलाई इस्पात संयंत्र में एक मैनेजमेंट ट्रेनी (प्रबंधन प्रशिक्षु) के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले श्री सिंह ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर आज सर्वोच्च पद हासिल किया है। उन्होंने ब्लूमिंग एंड बिलेट मिल में एक दशक से अधिक समय तक जमीनी स्तर पर प्रचालन (Operations) की बारीकियों को समझा। इसके बाद उन्होंने मानव संसाधन (HR) के क्षेत्र में कदम रखा और कार्मिक एवं प्रशासन विभाग के कार्यकारी निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। वर्ष 2022 में उन्हें सेल के निदेशक (कार्मिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
खबरों से अपडेट बनें रहने के लिए Mithila Varnan के #Facebook पेज facebook.com/mithilavarnan से जुड़ें
प्रक्रियात्मक विलंब के बीच मंत्रालय का बड़ा भरोसा
खबर यह है कि सेल के निदेशक (वित्त) डॉ. अशोक कुमार पंडा का चयन पहले ही नियमित सीएमडी के रूप में हो चुका है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय के स्तर पर होने वाली अंतिम औपचारिकताओं में अभी एक से दो माह का समय लग सकता है। इसी बीच काम की निरंतरता और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इस्पात मंत्रालय ने के.के. सिंह की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया और उन्हें यह अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया।
खबरों से अपडेट बनें रहने के लिए Mithila Varnan को #X (Twitter) पर भी Follow करें- twitter.com/mithilavarnan
जानिए, बोकारो के लिए क्या हैं इसके मायने
बोकारो स्टील प्लांट इस वक्त अपने विस्तार के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। श्री सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया है कि उनका जोर तकनीकी नवाचार (Technical Innovation) और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर होगा। सेल के कार्यबल के साथ उनका सीधा जुड़ाव और जन-केंद्रित कार्यशैली बोकारो के कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। उनके अनुभव का लाभ सीधे तौर पर उन विस्तार योजनाओं को मिलेगा जो आधुनिकीकरण की राह देख रही हैं। पदभार संभालते ही उन्होंने नवाचार की दिशा में सेल को नई ऊंचाई पर ले जाने का अपना संकल्प दोहराया है।
Varnan Live Report.




Leave a Reply