प्रमुख जन-गोष्ठी में दिया पंच परिवर्तन का मंत्र, जातिवाद को बताया समाज की सबसे बड़ी बाधा

बोकारो: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बोकारो महानगर द्वारा स्थानीय कला केंद्र में एक भव्य ‘जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इस वैचारिक विमर्श के केंद्र में रहे संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर, जिन्होंने संघ की 100 वर्षों की यात्रा को राष्ट्र निर्माण की एक अनवरत साधना बताया। खचाखच भरे कला केंद्र के सभागार में प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ केवल एक संगठन भर नहीं है, बल्कि यह अनुभव और आत्मिक अनुभूति का विषय है।

डॉ. हेडगेवार के संकल्प से व्यक्ति निर्माण तक का सफर
सुनील आम्बेकर ने अपने संबोधन में 1925 की उन परिस्थितियों का जिक्र किया जब डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयदशमी के दिन संघ का बीज रोपा था। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में संघ ने ‘व्यक्ति निर्माण’ के माध्यम से समाज परिवर्तन का जो कार्य किया है, उसका परिणाम आज पूरे विश्व के सामने है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ का उद्देश्य समाज के भीतर एक ऐसी शक्ति खड़ी करना है जो राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर कार्य करे।

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शताब्दी वर्ष के ‘पंच परिवर्तन’ संकल्पों पर जोर
आगामी शताब्दी वर्ष को लेकर उन्होंने पांच मुख्य संकल्पों यानी ‘पंच परिवर्तन’ को जीवन में उतारने का आह्वान किया। इनमें ‘स्व’ का भाव (अपनी संस्कृति पर गर्व), कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्यों की रक्षा), सामाजिक समरसता (भेदभाव मुक्त समाज), पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों का पालन शामिल है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा करते हुए दो टूक कहा कि हिंदू समाज की एकता के मार्ग में ‘जातिवाद’ सबसे बड़ी बाधा है। जब तक हम जातिगत भेदों को मिटाकर मजबूती से एक साथ खड़े नहीं होंगे, तब तक समाज और राष्ट्र की पूर्ण उन्नति संभव नहीं है।

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प्रबुद्ध जनों के साथ जीवंत संवाद और वैचारिक मंथन
कार्यक्रम की खासियत यहाँ आयोजित ‘संवाद सत्र’ रहा, जिसमें शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने संघ की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका सुनील आम्बेकर ने अत्यंत सहजता और गहराई के साथ समाधान किया। मंच का कुशल संचालन महानगर संपर्क प्रमुख दिनेश्वर सिंह ने किया, जबकि अंत में महानगर संघचालक रंजीत बर्णवाल ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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समाज के कई गणमान्यजन रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में वैचारिक विमर्श के लिए समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा, धनबाद विभाग संघचालक केशव हड़ोदिया, विभाग कार्यवाह धीरेंद्र गोप, महानगर कार्यवाह रतनलाल महतो, विभाग संपर्क प्रमुख राजकुमार सिंह, डॉ. नरेन्द्र कुमार राय, संजय कुमार, जितेंद्र मिश्रा, प्रशांत कुमार, मोहनन नायर, अविनाश सिंह, राम नागेंद्र प्रसाद, परशुराम साह, आलोक कुमार सिंह, हरिओम, अभय श्रीवास्तव, शैलेश कुमार वर्मा, शशिभूषण विश्वकर्मा, परमेश्वर लाल वर्णवाल, राकेश मिश्रा, राजेश दुबे, अनिल कुमार, डॉ. साकेत मिश्रा, संजय पोद्दार, विनोद कुमार, सत्यम भारती, राजेश कुमार, विनय सिंह, पी. पी. प्रसाद, रवि भारद्वाज आदि शामिल थे। बड़ी संख्या में मातृशक्ति और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

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