शानदार प्रदर्शन पर विद्यालय परिवार में हर्ष, प्राचार्य डॉ. गंगवार ने दी सफल अभ्यर्थियों को बधाई
दीपक झा
बोकारो। अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता की कड़ी में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) बोकारो ने एक और नया आयाम जोड़ दिया है। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा UPSC CSE में एक बार फिर इस विद्यालय ने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया। यूपीएससी सीएसई 2025 में विद्यालय के चार-चार पूर्व विद्यार्थियों ने बेहतरीन रैंक के साथ कामयाबी दर्ज की है। खास बात यह है कि इनमें दो बेटियां हैं, जिनमें सबसे उम्दा प्रदर्शन दर्ज किया विद्यालय की 2014 बैच की छात्रा अपूर्वा वर्मा ने। अपूर्वा ने देशभर में ऑल इंडिया UPSC रैंक 42 हासिल कर अपने स्कूल, माता-पिता और पूरे शहर का नाम गौरवान्वित किया है। इसके अलावा, 2018 बैच की छात्रा रही तेजस्विनी सिंह ने भी देशभर में 62वीं रैंक पाकर अपनी मेधाविता और काबिलियत का परचम लहराया है। वहीं, 2015 बैच के छात्र रहे शुभम कुमार महतो ने 142वां स्थान पाकर आईएएस अधिकारी बनने की अपनी मुराद पूरी की। इधर, 2014 बैच के एक और छात्र अभिषेक सिंह ने भी 308वां स्थान प्राप्त कर UPSC में सफलता पाई है।
बोले प्राचार्य- नींव मजबूत, तो यकीनन बनेगी ठोस इमारत

देश की सर्वप्रतिष्ठित और कठिनतम परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सीएसई में एक बार पुनः इस दमदार प्रदर्शन पर डीपीएस बोकारो परिवार में हर्ष है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि जब नींव मजबूत होती है, तो इमारत शानदार जरूर बनेगी। डीपीएस बोकारो में शुरू से मिले समग्र विकास केंद्रित बुनियादी शिक्षण का यह परिणाम है कि आज हर क्षेत्र में यहां से निकले बच्चे इस्पातनगरी बोकारो का नाम देश-विदेश में गौरवान्वित कर रहे हैं।
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दिल्ली में ACP के रूप में पदस्थापित है अपूर्वा, तीसरे प्रयास में बनी IAS

AIR 42 हासिल करने वाली कक्षा 7 से 12वीं तक डीपीएस बोकारो के चेनाब हाउस की होनहार छात्रा रही अपूर्वा वर्मा वर्तमान में दिल्ली पुलिस में एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) के पद पर कार्यरत हैं। सेवा में रहते हुए बेहतरी का प्रयास जारी रखा और तीसरे प्रयास में आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा कर ही लिया। बोकारो इस्पात संयंत्र के यातायात विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी अजीत कुमार प्रसाद वर्मा और गृहिणी आभा वर्मा की सुपुत्री अपूर्वा की दिली ख्वाहिश शुरू से ही सिविल सर्विसेज में जाने की थी, जिसे पूरा करने में माता-पिता सहित पूरे परिवार का योगदान रहा। 2014 में डीपीएस बोकारो से निकलने के बाद उन्होंने एनआईटी मणिपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया था। उन्होंने तैयारी शुरू की और साल 2020 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उनका नाम यूपीएससी की रिजर्व लिस्ट में शामिल हुआ था। उन्हें डीएएनआईपीएस (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा) कैडर आवंटित किया गया। 2020 की मुख्य परीक्षा पास करने के बाद उन्हें इंटरव्यू के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। लेकिन, अपनी मेहनत और एकाग्रता के बल पर उन्होंने अंततः सफलता प्राप्त की। वर्तमान में अपूर्वा वर्मा दिल्ली पुलिस में एसीपी एसीपी के पद पर तैनात हैं। अपूर्वा एवं उसके परिजनों ने डीपीएस बोकारो से मिली शिक्षा-दीक्षा और यहां के शैक्षिक वातावरण को इस कामयाबी की राह का लांच पैड बताया।
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बचपन से ही तेजस्वी छात्रा रही है तेजस्विनी, पहले प्रयास में ही पाई कामयाबी

ऑल इंडिया रैंक 62 पाने वाली तेजस्विनी सिंह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में तेजस्वी और बहुआयामी थी। खास बात यह है कि पहले ही प्रयास में तेजस्विनी ने यूपीएससी में यह दमदार सफलता प्राप्त कर ली। बोकारो इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (एमआरडी) राजेश कुमार एवं बीएस सिटी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी प्रवीण की सुपुत्री तेजस्विनी ने डीपीएस बोकारो में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की अपनी शैक्षिक यात्रा पूरी की। इस यात्रा में उसने सफलता के कई सोपान भी हासिल किए। विद्यालय के शिक्षकों एवं उनके परिजनों ने बताया कि तेजस्विनी बचपन से ही विभिन्न सह-शैक्षिक गतिविधियों- नृत्य, वाद-विवाद आदि गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया करती थी। उसने पढ़ाई के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के आयाम स्थापित किए। यूपीएससी के पहले इंजीनियरिंग और प्रबंधन में भी उसने शानदार सफलता अर्जित की है। विद्यालय की रावी हाउस की छात्रा रही तेजस्विनी ने 2018 में डीपीएस बोकारो से 12वीं करने के बाद बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इस बीच मैनेजमेंट की भी तैयारी करती रही और आईआईएम कैट में 99.84 परसेंटाइल के साथ दोहरी कामयाबी पाई। तेजस्विनी और उसके माता-पिता ने उसकी सफलता के पीछे डीपीएस बोकारो के आधारभूत योगदान को आधारस्तंभ बताया।
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तीसरे प्रयास में IAS बने शुभम ने कहा- सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं

UPSC CSE में इस बार 142वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी की योग्यता प्राप्त करने वाले शुभम कुमार महतो का मानना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत और लगन में निरंतरता जरूरी है। इसका अनुभव उसने स्वयं के प्रयासों के साथ साझा किया। कहा कि यूपीएससी सीएसई 2023 में पहली बार उसने 857वीं रैंक पाई थी। 2024 में 606वीं रैंक पाई और इस बार अपने तीसरे प्रयास में लंबी छलांग लगाते हुए देशभर में 142वां स्थान प्राप्त किया। डीपीएस बोकारो के 2015 बैच के विद्यार्थी शुभम ने कहा कि समाज और देश में बदलाव लाने के उद्देश्य से ही उसकी दिली तमन्ना शुरू से ही एक आईएएस अधिकारी बनने की थी, जो इस बार साकार हो सकी। उसने इसके लिए विद्यालय के शिक्षकों से मिले मार्गदर्शन और अपने माता-पिता के योगदान को श्रेय दिया है। मूलतः बाघमारा (धनबाद) के जमुआटांड़, डुमरा निवासी बीसीसीएलकर्मी हीरालाल महतो एवं गृहिणी मंजु देवी के सुपुत्र शुभम (28) ने डीपीएस बोकारो से निकलकर बीएचयू, बनारस से बीटेक कर माइनिंग इंजीनियरिंग की, जिसमें वह गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे।
सहरसा में वरीय जिला समाहर्ता हैं अभिषेक, दूसरी कक्षा से की है यहां पढ़ाई

UPSC CSE 2025 में 308वां स्थान पानेवाले अभिषेक सिंह की पढ़ाई लिखाई डीपीएस बोकारो से हुई। 2014 बैच के छात्र रहे अभिषेक ने दूसरी कक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई यहीं से की। 12वीं के बाद बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की। फिर एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी शुरू की, लेकिन शुरू से ही उनकी इच्छा प्रशासनिक सेवा में जाने की थी। इसके लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर तैयारी तेज की और इस दिशा में प्रयास के क्रम में ही उन्होंने वर्ष 2024 में 67वीं बीपीएससी (बिहार लोकसेवा आयोग) परीक्षा में 23वां रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्हें सहरसा में प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में ज्वाइन किया। वर्तमान में सहरसा में ही वह वरीय जिला समाहर्ता (सीनियर डिप्टी कलेक्टर) के रूप में पदस्थापित हैं। बोकारो के चीराचास स्थित वास्तु विहार फेज- 3 निवासी और फिलहाल मणिपुर में कार्यरत सिविल इंजीनियर दिनेश प्रसाद सिंह एवं गृहिणी आशा सिंह के पुत्र अभिषेक ने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए यूपीएससी की तैयारी उनके लिए चुनौतीपूर्ण थी, परंतु वह प्रयासरत रहे। डीपीएस बोकारो से मिली शिक्षा-दीक्षा को उन्होंने अपने व्यक्तित्व के विकास का प्रमुख आधार बताया।
- Varnan Live Report.




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