बोकारो के 66 हजार किसानों को मिलेगा कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ

0
370
photo courtesy : google images
Our Correspondent.
बोकारो। उपायुक्त कृपा नन्द झा ने बुधवार को जिले के सभी नौ प्रखंडों के अंचलाधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री ‘कृषि आर्शिवाद योजना‘ के तहत निबंधित किसानों के निबंधन डेटा को अपलोड करने के कार्य को शीघ्र-अतिशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उपायुक्त श्री झा ने बैठक आयोजित होने से पूर्व तक अपलोड हो चूके डेटा के रिपोर्ट पर समीक्षा करते हुए कल अपराह्न 12.00 बजे तक लगभग 60 प्रतिशत डेटा को अपलोड करने के कार्य को हर हाल में संपन्न करने का निर्देश दिया।
        उपायुक्त झा के अनुसार बोकारो जिले के लगभग 66 हजार किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आर्शिवाद योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत किसानों को खरीफ फसल के लिए पाँच हजार रूपये प्रति एकड़ के दर से, अधिकतम 25 हजार रूपये, राज्य सरकार के तरफ से दिये जायेंगे। इन पैसों से किसान खाद्, बीज, पंपसेट आदि खरीद पायेंगे।
         बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक पी. मुरूगन, अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंदनकियारी रविन्द्र कुमार गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नावाडीह प्रभाष चन्द्र दास, अंचलाधिकारी, चन्द्रपुरा दीप्ति प्रियंका कुजूर, अंचलाधिकारी, चास द्वारिका प्रसाद द्विवेदी, अंचलाधिकारी, नावाडीह अंगरनाथ स्वर्णकार सहित अन्य उपस्थित थे।
– Varnan Live Report.
Previous articleपर्याप्त बारिश न होने से किसान हताश, बोकारो को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग
Next articleवाहन समेत 17 लाख रुपए का सरिया चुराकर भागा युवक राजस्थान से गिरफ्तार, ग्राहक बन पुलिस ने दबोचा
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply