लापरवाही का नतीजा ‘जल’जला

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कुमार संजय
बोकारो थर्मल : बोकारो थर्मल स्थित कारो स्पेशल फेज दो सहित निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी, डीवीसी की आवासीय एचएमटी कॉलोनी के 50 से भी ज्यादा घरों में रहने वाले लोगों के लिए नूरी नगर स्थित डीवीसी का ऐश पौंड आफत बन टूट पड़ा। जब लोग रात्रि-निंद्रा में थे, उसी वक्त डीवीसी का एक नंबर पौंड 50 मीटर तक भरभराकर टूट गया। रात्रि में अपने घरों में सोये लोग जब तक कुछ समझ पाते, उनके घरों में पांच फीट तक छाई युक्त स्लरी प्रवेश कर गया और घरों में रखे लाखों रुपये के सारे सामानों को नष्ट एवं बर्बाद कर दिया। रात के अंधेरे में डीवीसी के ऐश पौंड से निकलने वाले छाईयुक्त पानी के जलजले ने कारो स्पेशल फेज दो सहित निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी, डीवीसी की आवासीय एचएमटी कॉलोनी के 50 से भी ज्यादा घरों में भारी तबाही मचायी। पौंड से निकलने वाले स्लरी ने सीसीएल के कारो स्पेशल फेज दो स्थित राज्य सरकार के अस्तपाल की चहारदीवारी तोड़कर रख दी, वहीं अस्पताल के सभी कमरों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया था।

 

लापरवाही के कारण घटी घटना

डीवीसी के एक नंबर ऐश पौंड की क्षमता 10 लाख क्यूबिक मीटर की थी। पौंड बनने के बाद जब छाई का गिराव सीसीएल की बंद पड़ी खदानों में किया जाता था तो उस पर मिट्टी डालने के लिए पौंड से ही मिट्टी की कटिंग की गयी। अप्रैल महीने में जब सीसीएल से छाई का गिराव बंद खदानों में गिराने पर रोक लगी तो डीवीसी प्रबंधन ने कोलकाता के निर्देश पर पौंड के किनारों को 5-6 फीट छाई एवं मिट्टी भरकर उसमें छाईयुक्त पानी को जमा करना आरंभ कर दिया था। इस प्रकार के उपाय से पौंड की क्षमता 10 लाख क्यूबिक मीटर से बढ़कर लगभग 13 लाख क्यूबिक मीटर हो गयी थी। ऐश युक्त पानी जमा करने के कारण पौंड पर अतिरिक्त दवाब पड़ रहा था और दवाब पड़ने से पानी का रिसाव भी हो रहा था, जिससे पौंड में दरार पड़ने लगी थी और इसके टूटने की संभावना प्रबल हो गयी थी। पौंड से पानी के दवाब को कम करने के लिए पानी भरे पौंड में मोटर और पाईप लगाकर पानी की निकासी की जा रही थी, जिससे दवाब को कम किया जा सके, परंतु पानी निकासी का इस प्रकार का तरीका पौंड के लिए घातक साबित हो रहा था। पौंड से पानी निकालकर उसे बांध पर ही गिराया जा रहा था, जिससे बांध की मिट्टी का कटाव बाहर से हो रहा था और भीतर से दवाब पड़ने के कारण पौंड टूट गया। इस घटना में फेज दो स्थित अस्पताल के पीछे सीसीएल की आवासीय कॉलोनी में पेयजलापूर्ति के लिए लगाया गया पंप हाउस छाई से भर जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। पम्प हाउस के क्षतिग्रस्त हो जाने से स्थानीय सीसीएल कॉलोनी में पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गयी।

 

50 घरों में लाखों की क्षति

बोकारो थर्मल के निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी सहित डीवीसी की आवासीय एचएमटी कॉलोनी के 50 से भी ज्यादा घरों में पौंड के पानी ने भारी तबाही मचायी। रात्रि में पौंड से आये पानी को देखते हुए नंदिनी देवी ने अपने छोटे बच्चों को घर से निकालकर एसबेस्टस की छत पर ही रात बितायी। एचएमटी कॉलोनी के समीप अपना खुद का मकान बनाकर रहनेवाली विधवा लक्ष्मी देवी का आधा घर टूटकर तेज पानी के बहाव में बह गया। साथ ही पानी की तेज धारा में उसके घर का सारा सामान, बिस्तर, बर्तन एवं बक्सा आदि भी बह गये। उसके घर में पानी पीने को ग्लास तक नहीं बचा। निशन हाट झोपड़ पट्टी कॉलोनी की रहने वाली रमा देवी की दो माह की पोती पानी की तेज धार में घर से बह निकली तो उसने किसी तरह उसे बचाया। कॉलोनी के 30 से ज्यादा घरों में रहने वालों में से कैलाश तुरी, लाल बाबू तुरी, दुर्गा तुरी, विकास, सुनील सिंह, रामचंद्र मुंडा, रमा देवी, संजय प्रसाद साव के घरों में घुसे पानी ने सारा सामान बर्बाद कर दिया। यहां तक कि खाने को घरों में एक दाना भी नहीं बचा। डीवीसी के आवासीय कॉलोनी एचएमटी 22, 23, 24, 25 एवं 32 में रहने वाले कई कामगारों के घरों में पांच फीट तक पानी भर जाने से लाखों की संपत्ति बर्बाद हो गयी।

 

धान के खेत बन गये मैदान

ऐश पौंड के निचले हिस्से में गोविंदपुर बस्ती के किसानों के धान के खेत पौंड टूटने के बाद उससे निकलने वाले छाई एवं स्लरी से मैदान बन गये। किसानों में से हुलास महतो, सूकर महतो, बासुदेव महतो, संतोष महतो, जयलाल महतो, परमेश्वर महतो आदि का कहना था कि उनके खेतों में लगे धान बर्बाद हो गये, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है और डीवीसी को इसकी भरपायी करनी होगी, वरना पौंड का काम करने नहीं दिया जाएगा।

 

मैकनेली भारत को चार करोड़ का नुकसान

पौंड के निचले हिस्से में पंप हाउस एवं पैनल रूम का काम करने वाली कंपनी मैकनेली भारत को पौंड के टूटने से लगभग चार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी के स्थानीय इंचार्ज क्रांति का कहना था कि मलबे में 200 टन स्टील, पंप हाउस का मोटर, पैनल आदि दबकर खराब हो गये हैं, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये होगी। इसी प्रकार केबी इंजीनियरिंग एवं जेजी इंजीनियरिंग को भी काफी क्षति उठानी पड़ी है।

 

प्रशासनिक टीम ने लिया जायजा

फ्लाई ऐश पौंड पॉण्ड टूट जाने की वजह से आसपास के इलाकों में फ्लाई ऐश युक्त पानी के घुसने से हुई क्षति की जांच करने हेतु उपायुक्त द्वारा गठित चार-सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उपायुक्त के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता विजय कुमार गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो (तेनुघाट) प्रेम रंजन तथा जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार की टीम ने घटनास्थल का संयुक्त रूप से निरीक्षण करते हुए, घटना के कारणों को चिन्हित करते हुए घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इस निरीक्षण के क्रम में बेरमो विधायक योगेश्वर महतो बाटुल भी उपस्थित थे। साथ ही उन्होंने पूरे क्षेत्र का भेद्यता मानचित्रण करते हुए आस-पास के क्षेत्रों में फसलों व घरों के नुकसान का भी अध्ययन करते हुए प्रतिवेदन तैयार किया। तत्पश्चात उन्होंने इस फ्लाई ऐश पाउंड सहित पूरे इलाके का सुरक्षा आॅडिट भी किया। घटनास्थल के निरीक्षण के क्रम में डीवीसी के पदाधिकारी, इंजीनियर सहित जिला प्रशासन के कई कर्मी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान बेरमो विधायक बाटुल ने भी माना कि पूर्व में ही पौंड के निर्माण में काफी अनियमितता बरती गयी है। निर्माण के समय पौंड में बांध बांधने में मिट्टी के स्थान पर मोरम का उपयोेग किया गया है, जिसके कारण पौंड टूट गया। कहा कि पौंड टूटने के कई कारण हैं, जो जांच के बाद ही सामने आयेंगे। बता दें कि उक्त मामले की जांच को लेकर दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रणेता और झारखंड सरकार के मंत्री सरयू राय ने पत्र लिखा था। समझा जाता है कि इसी आलोक में प्रशासनिक दल ने जांच की।

 

बंद खदानों में छाई-निस्तारण की मांग

बोकारो के अपर समाहर्ता ने ऐश पौंड पर टूटे एक नंबर पौंड से कोनार नदी में जा रहे छाई को तत्काल रोक लगाने का निर्देश डीवीसी के स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार को दिया। एसी के निर्देश पर प्रोजेक्ट हेड ने कहा कि अवलिम्ब रोक लगा दी जाएगी। प्रोजेक्ट हेड ने जांच टीम के अधिकारियों से कहा कि कुछ दिनों के अंदर टूटे सेटलिंग पौंड के मरम्मत का काम पूरा कर 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट को चालू करने का काम किया जाएगा। साथ ही एक माह के अंदर टूटे हुए एक नंबर पौंड की मरम्मत कर ली जायेगी। प्रोजेक्ट हेड ने विधायक सहित जांच टीम के अधिकारियों से छाई के डिस्पोजल की समस्या रखी और कहा कि पूर्व की ही तरह इसे सीसीएल के बंद खदानों में गिराने की अनुमति प्रदान की जाय, ताकि पावर प्लांट को सुचारू रुप से चलाया जा सके।

 

प्रदूषण-नियंत्रण टीम ने कहा- मानकों का हुआ उल्लंघन, होगी कार्रवाई

बोकारो थर्मल में नूरीनगर स्थित डीवीसी के एक नंबर ऐश पौंड टूटने तथा हजारों टन छाई कोनार एवं दामोदर नदी में बहकर जाने मामले की जांच के लिए राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद एवं रांची से पांच सदस्यों की टीम शुक्रवार को जिले के बोकारो थर्मल आयी। प्रदूषण बोर्ड की टीम में प्रदूषण अभियंता डीपी सिंह, धनबाद के क्षेत्रीय अभियंता आरएन चौधरी, आशुतोष और आनंद शामिल थे। टीम ने बोकारो थर्मल नूरीनगर स्थित पौंड पर जाकर मामले की जांच की तथा डीवीसी सिविल के अधिकारियों से पौंड टूटने मामले को लेकर पूछताछ करते हुए वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी करायी। बाद में टीम के सदस्यों में से डीपी सिंह ने पूछे जाने पर कहा कि ऐश पौंड की जो वर्तमान स्थिति है, उसमें पर्यावरण के मानकों का उल्लंघन हुआ है। वर्तमान में प्रदूषण नियंत्रण के मानक पहले से कहीं ज्यादा कठोर हैं। स्पष्ट दिख रहा है कि पौंड के टूटने के बाद पौंड से निकलने वाली छाईयुक्त गंदे पानी से कोनार एवं दामोदर नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में बोर्ड द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

65 एकड़ भूमि पर बना था ऐश पौंड
बता दें कि डीवीसी द्वारा नूरीनगर में 65 एकड़ भूमि पर वर्ष 2008 में 10 लाख क्यूबिक मीटर की क्षमता वाले दो ऐश पौंड का निर्माण कार्य आरंभ किया गया था। 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पौंड का निर्माण लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2012 में पूरा हुआ था।

  • Varnan Live Report.

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