सपरिवार घर गये सीसीएल कर्मी के घर का ताला तोड़कर चोरी

0
175

बोकारो थर्मल ः बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल गोविंदपुर काॅलोनी निवासी तथा सीसीएल कर्मी मो इम्तियाज के घर का ताला तोड़कर चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। घटना शनिवार रात्रि की है। सीसीएल कर्मी अपनी बेटी की शादी में घर में ताला लगाकर सपरिवार गिरिडीह गये हुए थे। रविवार को गिरिडीह से लौटने के बाद सीसीएल कर्मी ने अपने आवास संख्या बी-33 के गेट सहित अन्य स्थानों का ताला टूटा हुआ पाया। घर में प्रवेश करते ही घर में रखे आलमीरा का ताला टूटा पाया एवं घर में रखा सारा सामान अस्त-व्यस्त था। बाद मेें सामान मिलाने पर सीसीएल कर्मी ने पाया कि चोरों ने आलमीरा में फर्नीचर बनाने वाले बढ़ई को देने के लिए रखा 35 हजार रुपया तथा लगभग 40 हजार रुपया मूल्य के चांदी एवं सोने के जेवरात की चोरी कर ली। चोरों ने घर में रखे दो लैपटाॅप एवं दो बाईक की चोरी नहीं की। सीसीएल कर्मी ने चोरी की सूचना स्थानीय थाना के इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार सिंह तथा यूनियन नेता रामेश्वर साव को दी। सूचना के आधार पर थाना के पीएसआई रवि कुमार शर्मा ने घटनास्थल पर जाकर मामले की जांच की। इंस्पेक्टर ने कहा कि मामले का उदभेदन जल्द कर लिया जाएगा।

– Varnan Live Report.

Previous article#Horoscope… जानिए, कैसा बीतेगा आपका यह सप्ताह
Next articleपरंपरा… इस पूजा में चुगले का मुंह झुलसाकर की जाती है भाई के दीर्घायुत्व की कामना
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply