डालकर ‘चारा’ लालू बने बेचारा

0
364

डर्टी पॉलिटिक्स… भाजपा नेता पर डोरे डालने के फोन प्रकरण मामले ने तूल पकड़ा

विशेष संवाददाता

रांची/पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर चारा मामले में सुर्खियों में हैं। इस बार यह चारा पशुओं वाला नहीं, बल्कि सियासी चारा रहा। जेल में बैठे-बैठे भाजपा नेता ललन पासवान पर डोरे डालकर सरकार गिराने की कोशिश के मामले में वह बुरी फंस चुके हैं और यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पिछला हफ्ता उनके लिए कई परेशानियां लेकर आया और वह एक प्रकार से बेचारा बन गए। उनकी सुख-सुविधाएं छिन गईं। लालू के खिलाफ पटना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है, फोन प्रकरण की जांच शुरू हो गयी है, झारखंड हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी है। यही नहीं, उनका बंगला भी छिन गया। फोन प्रकरण के बाद लालू को केली बंगले से रिम्स के पेइंग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अगस्त में लालू को रिम्स के पेइंग वार्ड से रिम्स डायरेक्टर के बंगले केली बंगला में शिफ्ट किया गया था। इधर, लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भाजपा नेता अनुरंजन अशोक ने जेल मैन्युअल के उल्लंघन मामले में झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने अदालत से लालू के खिलाफ हॉर्स ट्रेडिंग का मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। याचिका में कहा गया है कि लालू जेल से फोन का इस्तेमाल कर सरकार को गिराने का काम कर रहे हैं। दूसरी ओर बिहार के भाजपा विधायक ललन पासवान ने पटना के थाने में हॉर्स ट्रेडिंग का मामला दर्ज कराया है। ललन ने लालू पर भ्रष्टाचार और घूस देने का आरोप लगाया है। मोबाइल प्रकरण में शुरू जांच और बिहार के भाजपा विधायक ललन पासवान व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की आॅडियो वायरल होने के बाद रांची जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जेल आइजी से मिले निर्देश के बाद अब रांची के डीसी छवि रंजन ने जेल अधीक्षक से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।

जीतनराम ने भी तोड़ी चुप्पी- लालू ने मुझे भी जेल से दिया था सीएम बनने का ऑफर

भाजपा नेता ललन पासवान को कथित तौर पर प्रलोभन दिए जाने का मामला उभरने के बाद हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने दावा किया है कि लालू यादव ने जेल से ही उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का आॅफर दिया था। साथ ही लालू ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सभी विधायकों को राजद की सरकार बनने पर मंत्री बनाने का आॅफर भी दिया था। मांझी ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि राजद सुप्रीमो लालू यादव ने जेल से ही उन्हें कई बार ‘चारा’ डालने की कोशिश की।


ट्विटर ने हटाया सुशील मोदी का ट्वीट

ट्विटर ने अपनी वेबसाइट से बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के एक ट्वीट को हटा दिया है। माना जा रहा है कि ये ट्विटर के हिसाब से कोड ब्रेक यानी नियमों के खिलाफ है। इस ट्वीट  में सुशील मोदी ने वह नंबर सार्वजनिक कर दिया था, जिससे कथित तौर पर पीरपैंती के बीजेपी विधायक ललन पासवान को फोन आया था।

फिलहाल रहना होगा जेल में ही

राजद प्रमुख लालू प्रसाद की जमानत याचिका शुक्रवार को टल गयी। इस मामले में अब 11 दिसंबर को सुनवाई होगी। फिलहाल लालू यादव जेल में ही रहेंगे। चारा घोटाले के सभी चार मुकदमों में तीन में आधी सजा काटने के चलते लालू यादव ने जमानत की अपील की थी। शुक्रवार को चारा घोटाले से संबंधित दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये के गबन के मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की एकल पीठ के समक्ष जमानत याचिका पर सुनवाई प्रारंभ होते ही जांच ब्यूरो ने कहा कि इस मामले में लालू के आधी से अधिक सजा पूरी कर लेने के दावे एवं अन्य दावों के बारे में वह लिखित रूप से अपना पक्ष रखेगी, जिसके लिए उसे समय दिया जाये। 

– Varnan Live Report

Previous articleदावा… कोरोना अब खात्मे की ओर!
Next articleAchievement… Vedanta ESL bags SAP Award
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply