सरेआम कॉलर पकड़कर बेइज्जती करने का आरोप, बोकारो के मीडिया-जगत में भारी उबाल
संवाददाता
बोकारो: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रशासनिक घमंड और बेलगाम नौकरशाही का एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला चेहरा बोकारो जिले में सामने आया है। यहां एक हिंदी दैनिक के पत्रकार युधिष्ठिर महतो को सिर्फ इसलिए पकड़कर थाने में बंद कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने बीच सड़क पर जिला प्रशासन की खराब गाड़ी को धक्का लगाते लोगों की तस्वीर खींचने का ‘गुनाह’ कर दिया था। सरकारी मशीनरी की इस गुंडागर्दी और तानाशाहीपूर्ण रवैये को लेकर पूरे राज्य के मीडिया जगत में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
…. और ऐसे आग आग-बबूला हो गईं मैडम
घटना के संबंध में बताया जाता है कि बोकारो जिला प्रशासन की गाड़ी में सवार होकर दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) जया कुमारी पिंड्राजोरा की ओर जा रही थीं। इसी बीच रास्ते में उनकी सरकारी गाड़ी अचानक हांफने लगी और बंद हो गई। गाड़ी को चालू करने के लिए वहां मौजूद लोग उसे धक्का लगाने लगे। ऑन-ड्यूटी तैनात पत्रकार युधिष्ठिर महतो ने जब सिस्टम की पोल खोलती इस तस्वीर को अपने कैमरे में कैद किया, तो मजिस्ट्रेट जया कुमारी आपा खो बैठीं। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि महिला मजिस्ट्रेट ने उनके साथ सरेआम भद्दी गाली-गलौज की, दुर्व्यवहार किया और उनका कॉलर पकड़कर जबरन पिंड्राजोड़ा थाने ले गईं, जहाँ उन्हें हवालात में बंद करवा दिया गया। पीड़ित पत्रकार ने इस बर्बरता के खिलाफ थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
विवादों की ‘क्वीन’ हैं मैडम, दागी थाने का लिया सहारा
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मजिस्ट्रेट जया कुमारी का व्यवहार हमेशा से तानाशाहीपूर्ण रहा है। व्यवस्था को जेब में रखने की उनकी आदत पुरानी है। पूर्व में जब उपायुक्त (डीसी) ने उन्हें एक मामले की जांच सौंपी थी, तो वह सुबह-सुबह आरोपी को बचाने ही जांच करने पहुंच गईं। इसके अलावा चास के आजाद नगर से भी उनके खिलाफ गंभीर मामले सामने आ चुके हैं, जिसकी लिखित शिकायत अभी बीते दिन ही उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से की गई है। शर्मनाक बात यह भी है कि पत्रकार को प्रताड़ित करने के लिए जिस पिंड्राजोरा थाने का इस्तेमाल किया गया, उसका अपना इतिहास भी दागी रहा है। यह वही थाना है जिसके थानेदार से लेकर सिपाही तक, पूरे के पूरे स्टाफ को एक संगीन अपराधी से मोटी रकम लेकर उसे बचाने के चक्कर में महज एक महीने पहले ही सामूहिक रूप से लाइन हाजिर किया गया था।
बोकारो प्रेस क्लब, जेजेए सहित कई संगठनों ने की निंदा, बताया लोकतंत्र का हनन
इस घटना के बाद बोकारो के पत्रकारों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बोकारो प्रेस क्लब और झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने इस घटना की घोर निंदा की है। पत्रकार संगठनों ने जिला प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए बंद किए गए पत्रकार को तत्काल ससम्मान रिहा करने और तानाशाह दंडाधिकारी जया कुमारी के खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की कोशिश बंद नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- Varnan Live Report.




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