चमोली ग्लेशियर हादसा : इस हेल्पलाइन नम्बर पर मिलेंगी सूचनाएं

0
263

बोकारो ः उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में बीते 7 फरवरी को गलेशियर फटने की घटना में मृत एवं घायलों की जानकारी प्राप्त करने व अन्य सूचनाओं को उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) चमोली ने हेल्प लाइन नंबर जारी किया है। जैसा कि इस हादसे में देश के विभिन्न राज्यों से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट एवं अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिक भी प्रभावित हुए है। कईयों की जान चली गई है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए है। ऐसे में पीड़ितों की जानकारी उनके परिजनों तक पहुंचाने एवं हादसे से संबंधित अन्य सूचना को लेकर डीएलएसए ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हेल्प लाइन नंबर अरूण साह, अधिवक्ता, मो. 9690839084 एवं ज्ञानेंद्र खंटवाल अधिवक्ता मो. न. 9760379013 है। वहीं, डीएलएसए चमोली ने देश के सभी जिलों के डीएलएसए सचिवों को अपने–अपने क्षेत्र में हेल्प लाइन नंबर का प्रचार- प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। डीएलएसए बोकारो अपने स्तर से और अन्य माध्यमों से भी इन नंबरों का प्रचार–प्रसार कर रही है। बता दें कि बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड अंतर्गत कोह पंचायत के जाराडीह निवासी अमृत महतो की मौत भी उक्त हादसे में हो गई थी। बुधवार अहले सुबह अमृत का शव उसके गांव पहुंचने पर मातम पसर गया।

– Varnan Live Report.

Previous articleखान-पान की चीजों का करते हैं कारोबार तो लगेगा ₹3000 तक का फी, नहीं तो जाएंगे जेल; जानिए क्यों
Next articleस्टेशन पर पलटी ट्रेन और अफरातफरी देख जब हो गए सब हैरान, जानें क्या था मामला
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply