BSL की हॉट स्ट्रिप मिल में आधुनिकीकरण के बाद अबतक का बेस्ट प्रोडक्शन

0
330

बोकारो ः बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी अमरेन्दु प्रकाश के हर माह एक, एक बेहतर माह के आह्वान को साकार करते हुए हॉट स्ट्रिप मिल की टीम ने रविवार को 14673 टन (640 एच आर क्वायल) का उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हॉट स्ट्रिप मिल के आधुनिकीकरण के बाद यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन है। इसके अलावा हॉट स्ट्रिप के ब्रिगेड 1 की टीम ने 29 अगस्त को ही एक शिफ्ट में 5535 टन (234 एच आर क्वायल) उत्पादन का नया रिकॉर्ड भी बनाया है, जो मिल के आधुनिकीकरण के बाद किसी एक शिफ्ट में सर्वश्रेष्ठ उत्पादन है। हॉट स्ट्रिप मिल की टीम की इस उपलब्धि पर अधिशासी निदेशक (संकार्य) अतनु भौमिक तथा मुख्य महाप्रबंधक (हॉट स्ट्रिप मिल) आलोक वर्मा ने कर्मियों से मिल कर उन्हें बधाई दी तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

रिकॉर्ड उत्पादन करने वाली टीम में ये कर्मठ इस्पातकर्मी रहे शामिल

एक शिफ्ट में रिकॉर्ड उत्पादन करने वाली ब्रिगेड 1 की टीम में राजन कुमार, मानस देहुरी, ताबिश, ओ अहमद, विजेंद्र, राहुल प्रियदर्शी, स्वेताभ कुमार, आशीष सिंह, विजय सिंह, एसआर साह एवं अन्य का अहम योगदान रहा। हॉट स्ट्रिप मिल की टीम ने अपनी इस उपलब्धि में सहयोग देने के लिए सभी संबंधित विभागों के प्रति आभार प्रकट किया है। 

– Varnan Live Report.

Previous articleआम इंसान के रूप में भगवान कृष्ण ने अधर्म का समूल नाश कर कैसे की शुद्ध धर्म की स्थापना, पढ़ें यह विशेष आलेख
Next articleBSL के उत्पादन में Digital Transformation… ऐसे तैयार होंगे नए ग्रेड के स्टील
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply