शरीर, मन और आत्मा को एकसूत्र में पिरोता है योग : गंगवार

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डीपीएस बोकारो में योग दिवस पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सीखे स्वस्थ जीवन के गुर

बोकारो: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आठवां आयोजन 21 जून (मंगलवार) को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में सोल्लास किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में अध्ययनरत हजारों बच्चों के साथ-साथ समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी एक साथ योगाभ्यास किए। सभी ने फिटनेस के लिए जमकर पसीने बहाए और स्वस्थ रहने के लिए नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया। क्या छोटा, क्या बड़ा, हर उम्र के, हर कक्षा के छात्र-छात्राओं ने पूरे मनोयोग के साथ योग और आसन का अभ्यास किया। विद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के निर्देशन में छात्र-छात्राओं को सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, ताड़ासन, मंडूकासन, वज्रासन, पद्मासन सहित भ्रामरी, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भत्स्रिका सहित विभिन्न प्रकार के आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।

छोटे-छोटे बच्चों का अभ्यास करना विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। नन्हीं-नन्हीं उंगलियों से अपनी नासिका को दबाकर कोई अनुलोम-विलोम कर रहा था, तो कोई कपालभाती। विभिन्न तरह के आसन और कसरतों में उनके लचकते हाथ-पैर कार्यक्रम की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे। बच्चों को मुरली की मधुर तान की पार्श्व ध्वनि के बीच ध्यान लगाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस क्रम में कक्षा- 6 से 9 के विद्यार्थियों ने योगासन की विभिन्न मुद्राओं पर आधारित प्रस्तुति दी। वहीं, सेक्टर-5 स्थित विद्यालय के प्राइमरी विंग में बच्चों ने प्लेकार्ड्स, बैनर, क्लेआर्ट के जरिए योग दिवस पर अपनी रचनात्मकता का कौशल भी दिखाया।

     इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ए.एस. गंगवार ने कहा कि योग ऋषि-मुनियों द्वारा प्रदत्त अद्वितीय वरदान और शरीर, मन व आत्मा को एकसूत्र में जोड़ने का विधान है, विज्ञान है। समस्त विश्व को दी गई भारतीय संस्कृति की यह अनमोल धरोहर और स्वस्थ मानव जीवन के लिए एक सफल औषधि है। इस बार योग दिवस की थीम ‘मानवता के लिए योग’ और कोरोनाकाल में किस प्रकार योग ने लोगों की पीड़ा कम की, इस पर भी उन्होंने प्रकाश डाला। कहा कि योग शारीरिक और मानसिक अनुशासन में संतुलन के साथ-साथ तनाव से मुक्ति, चिंता प्रबंधन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम भी है। इसलिए, बच्चे नियमित योगाभ्यास की आदत अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास है और स्वस्थ मन में ही अच्छे और स्वच्छ विचार आते हैं। यही सफलता, प्रसन्नता और प्रगति दिलाने में सहायक हैं।

-Varnan Live Report.

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