Ground Zero Report… जिस स्कूल में हैं कई बूथ वहां ताला मार फरार हुए हेडमास्टर, बारिश में बाहर भीगते रहे बीएलओ
कई बूथों पर बीएलओ आए ही नहीं, निराश लौट गए मतदाता
संवाददाता
बोकारो। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार वर्तमान में मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य भर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बोकारो के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने एक कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया था कि जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 13 जून (शनिवार) एवं 14 जून (रविवार) को दो दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रहित के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान के दौरान संबंधित सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को दोपहर 12 बजे से शाम 04 बजे तक अपने-अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का सख्त आदेश दिया गया था।

साथ ही, जिले के तमाम अनमैप्ड मतदाताओं से पुरजोर अपील की गई थी कि वे आवश्यक पहचान संबंधी विधिक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम मतदान केंद्र पर समय से पहुंचकर इस विशेष मैपिंग प्रक्रिया में भाग लें और अपनी नागरिक जिम्मेदारी को निभाएं। लेकिन, जमीनी हकीकत पर शनिवार को पहले ही दिन जिला निर्वाचन पदाधिकारी के इन कड़े आदेशों की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं, जहां जिले के कई वीआईपी मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय पर ज्यादातर बीएलओ उपस्थित ही नहीं हुए, लिहाजा दूर-दराज से आए अनमैप्ड मतदाताओं को भारी निराशा के साथ अपने घरों को वापस लौट जाना पड़ा।
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इस पूरी शिथिलता की जमीनी सच्चाई परखने के लिए जब इस संवाददाता ने बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर-3 बी स्थित मध्य विद्यालय और सेक्टर-4 के विभिन्न संवेदनशील मतदान केंद्रों का दौरा किया, तो नजारा बेहद चौंकाने वाला था। इस दौरान बूथ संख्या 290 पर सन्नाटा पसरा मिला और वहां निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई बीएलओ नहीं पहुंचा था। जब वहां तैनात रहे पुराने बीएलओ मोती लाल से इस संवाददाता ने दूरभाष पर सीधे बात की, तो उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा ऐन वक्त पर यानी महज एक दिन पहले ही उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य से अचानक हटा दिया गया है और उनकी जगह आनन-फानन में संगीता नामक किसी एक नए बीएलओ को नामित किया गया है।
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बोले संबंधित निर्वाचन कर्मी – संभवतः ट्रेनिंग में होंगे बीएलओ
विधिक प्रक्रिया की इस भारी लापरवाही के संबंध में जब जिला निर्वाचन कार्यालय में पदस्थापित शिव कुमार नामक कर्मचारी से संपर्क साधा गया, तो उन्होंने बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना ढंग से स्वीकार किया कि एक दिन पहले बीएलओ सूची को बदला गया है। सही ढंग से काम नहीं करने के कारण बूथ संख्या 286, 289 और 290 के बीएलओ को हटा दिया गया है। उनकी जगह नए टीचर को ट्रेनिंग देकर तैयार किया जा रहा है। संभवतः वे ट्रेनिंग में होंगे। रविवार को कैम्प के दूसरे दिन वे सभी जरूर उपस्थित रहेंगे। अब सवाल यह उठता है कि अगर शनिवार का दिन प्रशासनिक फेरबदल की भेंट चढ़ गया, तो उन मतदाताओं के समय और राष्ट्रीय अभियान को हुए नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? ऐसे में रविवार को बूथों पर मतदाताओं की अचानक भारी भीड़ उमड़ने और अव्यवस्था बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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सेक्टर-3 में बीएलओ को बाहर निकाल जड़ दिया ताला
इसी बदइंतजामी के बीच शनिवार दोपहर एक ऐसा दुस्साहसिक और शर्मनाक घटनाक्रम सामने आया, जिसने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के आपसी तालमेल की कलई खोलकर रख दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे सेक्टर-3 बी स्थित मध्य विद्यालय (पूर्व का इग्नू स्टडी सेंटर) के वर्तमान शिक्षक व प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) ने अपनी कथित तानाशाही का परिचय देते हुए मतदान केंद्र संख्या 292 पर मुस्तैदी से तैनात एक महिला एवं एक पुरुष को विद्यालय परिसर से निकाल दिया और मेन गेट पर ताला जड़कर खुद निकल गए। हद तो तब हो गई, जब इसी बीच अचानक तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने लगी और बूथ संख्या 292 के दोनों कर्तव्यनिष्ठ बीएलओ गेट के बाहर भींगते रहे।
बोले डीसी- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तत्काल पूछते हैं स्पष्टीकरण

इस गंभीर घटनाक्रम के संबंध में जब इस संवाददाता ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा को दूरभाष के माध्यम से पूरी वस्तुस्थिति और साक्ष्यों की जानकारी दी, तो उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए तीखा रुख अख्तियार किया। उपायुक्त ने बेहद कड़े लहजे में कहा कि राष्ट्रहित के इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस विधिक कार्य में बाधा पहुंचाने व बदइंतजामी करने वाले संबंधित सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों और स्कूल प्रबंधन से आज ही स्पष्टीकरण (शो-कॉज) पूछते हुए कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन कार्य में अनुपस्थिति पर डीसी नाराज, अब वाट्सएप पर डालनी होगी सेल्फी
एसआईआर अभियान के तहत शनिवार को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित विशेष शिविरों में कुछ स्थानों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) अनुपस्थित पाए गए। इस लापरवाही को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासकीय निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीएलओ अनुपस्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने सभी एईआरओ सह बीडीओ को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक बीएलओ की शत-प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराएं और स्वयं क्षेत्र भ्रमण कर इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही, मनमानी रोकने और उपस्थिति की प्रभावी निगरानी के लिए सभी बीएलओ को मतदान केंद्र पर पहुंचते ही अपनी लाइव सेल्फी संबंधित एईआरओ के व्हाट्सएप ग्रुप में अनिवार्य रूप से साझा करने का आदेश दिया गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों वाले सभी विद्यालय शिविर के दौरान खुले रहेंगे और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सीधी गाज गिरेगी।
- Varnan Live Report.




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