CBSE XIIth Result : पुनर्मूल्यांकन के नतीजों ने देश भर में मचाई हलचल; डीपीएस बोकारो के आदित्य मिश्रा ने झारखंड को दिलाया राष्ट्रीय सम्मान

दीपक झा
बोकारो :
सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन परिणामों ने एक ऐसा ऐतिहासिक उलटफेर किया है, जिसने पूरे झारखंड प्रदेश को राष्ट्रीय पटल पर शीर्ष गौरव से नवाज दिया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो (DPS Bokaro) के अत्यंत मेधावी छात्र आदित्य मिश्रा अब 12वीं बोर्ड की मुख्य परीक्षा में पूरे देश में विज्ञान संकाय (Science Stream) के संयुक्त नेशनल टॉपर बन चुके हैं। इससे पूर्व, गत 13 मई 2026 को घोषित हुए मुख्य परीक्षा परिणाम में आदित्य 99.20 प्रतिशत अंकों के साथ झारखंड के स्टेट टॉपर बने थे, लेकिन वे अपनी बायोलॉजी की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं थे। अपने ज्ञान और मेहनत पर अटूट भरोसा रखते हुए आदित्य ने सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली को आधिकारिक चुनौती दी और स्क्रूटनी व री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया। रविवार को जब इसके परिणाम आए, तो सीबीएसई को अपनी चूक सुधारनी पड़ी और आदित्य के बायोलॉजी के अंक 96 से बढ़कर सीधे 99 हो गए। इस तरह उनके कुल प्राप्तांक अब 500 में से 498 (99.60%) हो चुके हैं। इसके साथ ही वह कानपुर की सोनाक्षी गोयल और चंदौली (उप्र) के शशांक कुमार मौर्य के साथ संयुक्त रूप से पूरे देश के साइंस टॉपर बन गए हैं। आदित्य ने तीन विषयों—इंग्लिश कोर, केमिस्ट्री और पेंटिंग में पूरे 100 में 100 अंक हासिल किए हैं, जबकि फिजिक्स में उन्हें 99 अंक मिले हैं।

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जब आंसर शीट मंगवाकर खुद पकड़ा बोर्ड का फॉल्ट; Biology के नंबरों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था यह जांबाज छात्र

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद विशेष बातचीत में आदित्य मिश्रा और उनके माता-पिता ने उस रोमांचक सफर को साझा किया, जिसने उन्हें देश का सर्वोच्च स्थान दिलाया। आदित्य ने बताया कि मुख्य परीक्षा का परिणाम आने के बाद जब उन्होंने बायोलॉजी में अपने नंबर कम देखे, तो उन्हें गहरा धक्का लगा। उन्होंने तुरंत अपनी उत्तरपुस्तिका (आंसर शीट) की कॉपी मंगवाई और उसका बारीकी से अध्ययन किया। जांच के दौरान आदित्य को साफ लगा कि उनके सही जवाबों पर भी सीबीएसई द्वारा बेवजह नंबर काट लिए गए हैं, जो किसी भी कीमत पर तर्कसंगत नहीं थे। आदित्य को पूरा विश्वास था कि परीक्षा कक्ष में उन्होंने जो लिखा था, वह शत-प्रतिशत सही था और उन्हें 96 से कहीं अधिक अंक मिलने चाहिए थे। विद्यालय प्रबंधन के पूर्ण मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने आत्मविश्वास के साथ पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। रविवार को जब फाइनल नतीजे घोषित हुए, तो उनकी आशंका बिल्कुल सही साबित हुई और उन विवादित सवालों पर उन्हें तीन अंक बोनस के रूप में वापस मिले, जिससे देश के सबसे बड़े बोर्ड को भी इस छात्र की मेधा के आगे झुकना पड़ा।

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प्रिंसिपल डॉ. गंगवार ने किया सम्मानित, कहा- पूरे झारखंड के लिए ऐतिहासिक और अत्यंत गौरवपूर्ण पल

आदित्य के इस अद्वितीय और अभूतपूर्व प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही डीपीएस बोकारो परिवार में जश्न और उमंग की लहर दौड़ गई। सोमवार को विद्यालय में प्राचार्य डॉ. गंगवार ने आदित्य मिश्रा और उनके गौरवान्वित पिता प्रजेश चंद्र मिश्रा को सम्मानित किया। प्राचार्य ने खुद आदित्य को मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल व स्वर्णिम भविष्य की कामना की। डॉ. गंगवार ने इस ऐतिहासिक कामयाबी पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आदित्य का यह प्रदर्शन न केवल डीपीएस बल्कि पूरे बोकारो और समस्त झारखंड प्रदेश के लिए अत्यंत ही गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि आदित्य शुरू से ही एक असाधारण और अनुशासित छात्र रहा है, जिसने अपनी कुशाग्र बुद्धि, अटूट लगन और विद्यालय के अनुभवी शिक्षकों के सही मार्गदर्शन के दम पर भारत के शैक्षणिक मानचित्र पर बोकारो का झंडा गाड़ दिया है। इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय के वरीय उपप्राचार्य अंजनी भूषण और उपप्राचार्या शालिनी शर्मा सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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NEET रद्द होने से लगा था गहरा आघात; असाधारण प्रतिभा के धनी आदित्य अब डॉक्टर बन करेंगे मानवता की सेवा

देश के इस नए नेशनल टॉपर की कामयाबियों का सफर बहुत लंबा और प्रेरणादायी है। सेल (SAIL) की रिफैक्ट्री यूनिट (SRU) में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) के पद पर कार्यरत प्रजेश चंद्र मिश्रा और कुशल गृहिणी सस्मिता मिश्रा के लाडले आदित्य ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों की कड़ी मेहनत को दिया है। 10वीं बोर्ड में 96.8 प्रतिशत अंक लाने वाले आदित्य भविष्य में एक प्रख्यात चिकित्सक बनकर देश के गरीब मरीजों और मानवता की सच्ची सेवा करना चाहते हैं। हालांकि, इस वर्ष नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के कारण वे मानसिक रूप से बेहद दुखी और आहत थे, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं हारा और रविवार को ही दोबारा आयोजित हुई री-नीट (Re-NEET) की परीक्षा में शामिल हुए।

आदित्य की प्रतिभा का लोहा देश पहले भी कई बार मान चुका है। वे वर्ष 2022 में प्रसिद्ध एनएसईजेएस (NSEJS) परीक्षा में पूरे झारखंड राज्य से अकेले सफल छात्र रहे थे। इसके अलावा, देश की प्रतिष्ठित आईएपीटी की जीव-विज्ञान परीक्षा (NSEB) में सफलता, साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा ‘बेस्ट ओलंपियाड विनर’ का पुरस्कार, नेशनल साइंस ओलंपियाड में देश भर में रैंक-1, जोनल रैंक-1 और राष्ट्रीय स्तर की क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड प्रतियोगिता में पूरे भारत में दूसरा स्थान हासिल करना उनकी अद्भुत प्रतिभा को दर्शाता है। फुटबॉल और कबड्डी के शौकीन आदित्य ने बताया कि कोरोना काल की ऑनलाइन पढ़ाई उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट थी; जब ऑनलाइन क्लास के कारण उनकी पढ़ाई थोड़ी शिथिल होने लगी थी, तब उन्होंने समय रहते अपनी कमजोरी को पहचाना और रोजाना छह घंटे की कठोर व नियमित पढ़ाई शुरू की, जिसका परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है।

Varnan Live Report.

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