– स्कूल का गौरवशाली मुकाम देख प्रफुल्लित हुए संस्थापक प्राचार्य डॉ. एमएस त्यागी

– दीपक झा

बोकारो: विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं ‘स्वयं से पहले सेवा’ के पावन संकल्प को धरातल पर साकार करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो ने अपने गौरवशाली चार दशकों का सफर तय कर गुरुवार को अपनी स्थापना की माणिक्य जयंती (रूबी जुबली) अत्यंत भव्यता और ऐतिहासिक उत्सव के साथ मनाई। इस अविस्मरणीय और गौरवमयी समारोह में जहाँ एक ओर रंगारंग और मंत्रमुग्ध कर देने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही, वहीं दूसरी ओर विद्यालय के 40 वर्षों के स्वर्णिम अतीत की यादें साझा की गईं। इसके साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालय का नाम रोशन करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मंच पर भव्य रूप से पुरस्कृत किया गया।

इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता (भाप्रसे) मुख्य अतिथि तथा विद्यालय के संस्थापक प्राचार्य डॉ. एम. एस. त्यागी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में अंजना गुप्ता एवं सुनीता त्यागी शामिल रहीं। अतिथियों के हरित स्वागत, पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और केक काटने के साथ इस ऐतिहासिक समारोह का विधिवत शंखनाद हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने डीपीएस बोकारो परिवार को रूबी जुबली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और विद्यालय के साथ अपने गहरे जुड़ाव के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने शिक्षा, अनुशासन, समर्पण, उत्कृष्टता और सामाजिक दायित्वों के चार दशक सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जो समूचे क्षेत्र के लिए अनुकरणीय हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों और उनके व्यक्तित्व-निर्माण में विद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को यहाँ मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने का संदेश दिया।

‘कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं, ईमानदारी व अनुशासन जरूरी’

उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए ईमानदारी और अनुशासन अनिवार्य है; बच्चे खुद पर विश्वास रखें और चुनौतियों से बिना डरे मेहनत के रास्ते पर चलकर अपना लक्ष्य प्राप्त करें क्योंकि उनकी मेहनत और चरित्र ही देश के भविष्य का निर्माण करेंगे।

डॉ. गंगवार के नेतृत्व की कीर्तिगाथा एक मिसाल : डॉ. त्यागी

वहीं, विद्यालय के संस्थापक प्राचार्य डॉ. एम. एस. त्यागी ने स्कूल के स्थापना-काल के संघर्षों और संस्मरणों को भावुकता के साथ साझा किया। उन्होंने वर्तमान प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार के कुशल व दूरदर्शी नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए वर्तमान में विद्यालय की गौरवशाली उपलब्धियों एवं कीर्ति-गाथा को अपने-आप में एक बेमिसाल उदाहरण बताया।

डीपीएस बोकारो ने दी देश के लिए परिवर्तनकारी पीढ़ियां :  डॉ. गंगवार

इस ऐतिहासिक मोड़ पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने अपने स्वागत संबोधन में सभी आगंतुक अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए चार दशकों की इस अनवरत यात्रा को अटूट समर्पण और सतत विकास का सफर बताया। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि डीपीएस बोकारो ने इन 40 वर्षों में देश के लिए ऐसी परिवर्तनकारी पीढ़ियां तैयार की हैं, जो आज वैश्विक पटल पर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मेधा और विद्यालय का परचम लहरा रही हैं; राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाने वाला व्यक्तित्व तैयार करना ही विद्यालय का एकमात्र ध्येय रहा है।

217 मेधावी विद्यार्थी किए गए पुरस्कृत, जमुना हाउस ओवरऑल चैंपियन

समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा सीबीएसई 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के टॉप 10 और विषयवार शत-प्रतिशत अंक लाने वाले कुल 170 विद्यार्थियों को मेधा सम्मान से नवाजा गया। इसके साथ ही सत्र 2025-26 के तहत खेलकूद, कला-संस्कृति, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण और छायांकन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अद्वितीय प्रदर्शन करने वाले 47 मेधावियों को भी पुरस्कृत किया गया, जिनमें स्टूडेंट काउंसिल के शीर्ष पदाधिकारी शामिल रहे। इस कड़ी में गंगा सदन को बेस्ट हाउस (कल्चरल) का पुरस्कार मिला, जबकि जमुना सदन ने खेल, शिक्षा और सर्वांगीण प्रदर्शन के बल पर ‘ओवरऑल चैम्पियन’ का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।

Zenith का विमोचन

सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अतिथियों ने विद्यालय द्वारा संचालित दीपांश शिक्षा केंद्र के वंचित वर्ग के बच्चों के बीच स्कूल ड्रेस का वितरण किया तथा विद्यालय की त्रैमासिक गृह-पत्रिका ‘जेनिथ’ का गरिमापूर्ण विमोचन भी किया गया।

बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बिखेरी अनुपम छटा

इस ऐतिहासिक उत्सव के मंच को विद्यार्थियों ने अपनी जादुई और मनभावन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीवंत कर दिया। सुरीले स्वागत गान के बाद विद्यालय के आर्केस्ट्रा दल ने बांसुरी, तबला, गिटार, की-बोर्ड और ड्रम जैसे विभिन्न वाद्ययंत्रों पर सुर, ताल और लयकारी का ऐसा अद्भुत सामंजस्य प्रस्तुत किया कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जहां प्राइमरी विंग के नन्हे छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बर्थडे सेलिब्रेशन थीम पर ऊर्जावान नृत्य पेश किया, वहीं सीनियर विंग के बच्चों ने ‘अपराजिता’ नृत्य के माध्यम से आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और नारी शक्ति के जागरण का एक बेहद सशक्त संदेश दिया। इसके बाद आयोजित ‘नृत्य संगम’ में शास्त्रीय, अर्द्धशास्त्रीय एवं लोकगीतों के सुंदर संमिश्रण ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान विद्यालय के 40 वर्षों के सफरनामे को दर्शाती एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

कल के शिक्षक आज के प्राचार्य किए गए सम्मानित

समारोह का एक और अत्यंत भावुक और गरिमापूर्ण पहलू वह रहा, जब डीपीएस बोकारो से निकले और वर्तमान में विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्राचार्य के रूप में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे पूर्व वरिष्ठ शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में स्वयं डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार सहित श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल की प्राचार्या पी. शैलजा जयकुमार, जीजीपीएस-5 के प्राचार्य अभिषेक कुमार, डीपीएस चास की प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी एवं आदर्श विद्या मंदिर के प्राचार्य रंजीत कुमार शामिल रहे। अंत में, रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से सजे परिसर में विद्यालय गीत और सामूहिक राष्ट्रगान की गूंज के साथ डीपीएस बोकारो की इस ऐतिहासिक माणिक्य जयंती का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी शिप्रा हेम्ब्रम, स्वरा सुशील कोहाडे, अरायना रॉय, ईशान आश्विन, अनुष्का शर्मा, मानव श्रीवास्तव व स्पर्श सेठी ने किया। जबकि, धन्यवाद ज्ञापन छात्रा अनुष्का आर्या ने किया।

प्राइमरी विंग में भी रही Ruby Jubilee की धूम

विद्यालय की प्राइमरी इकाई में भी धूमधाम से स्थापना दिवस मनाया गया, जहां बच्चों ने कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्राचार्य ने गुब्बारे उड़ाकर तथा केक काटकर इस उत्सव का आनंद दोगुना किया। बच्चों ने इस अवसर पर अपने स्कूल के सम्मान में भांति-भांति की कलाकृतियां भी तैयार कीं।

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