रांची में इलाज के दौरान हुआ निधन, शोक में डूबा औद्योगिक व सामाजिक जगत
डी. के. वत्स
बोकारो : कुछ घाव इतने गहरे होते हैं कि वक्त भी उन्हें भर नहीं पाता और कुछ शून्यता ऐसी होती है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होती। बोकारो की औद्योगिक और सामाजिक चेतना के सबसे मजबूत स्तंभ, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के सच्चे संरक्षक, ‘झारखंड स्मॉल टाइनी सर्विस बिजनेस एंटरप्राइजेज एसोसिएशन’ के समर्पित अध्यक्ष और चास (गुजरात कॉलोनी) निवासी श्री कुंदन कुमार उपाध्याय जी के आकस्मिक निधन ने पूरे जिले को एक गहरे शोक के अंधकार में धकेल दिया है। रविवार की देर रात्रि रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे थे। उनके चले जाने की खबर फैलते ही क्या उद्यमी, क्या शिक्षाविद, क्या युवा और क्या समाज का अंतिम व्यक्ति, हर किसी की आंखें छलक पड़ीं। कुंदन जी केवल एक संगठन के प्रतिनिधि भर नहीं थे, बल्कि वे बोकारो के सैकड़ों छोटे-छोटे उद्यमियों की हिम्मत, उनके सपनों की ढाल और सरकारी विभागों व बैंकों की जटिल प्रक्रियाओं के बीच स्वार्थरहित सेवा की एक ऐसी मजबूत और भरोसेमंद कड़ी थे, जिसने अनगिनत डूबते व्यवसायों को तिनके का सहारा देकर उबारा था।
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जिनकी रग-रग में बसा था MSME का उत्थान
यदि कुंदन कुमार उपाध्याय जी के जीवन और उनके अतुलनीय योगदान की समीक्षा की जाए, तो बोकारो में एमएसएमई क्षेत्र का इतिहास उनके जिक्र के बिना हमेशा अधूरा रहेगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन छोटे व्यवसायियों को एकजुट करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने में खपा दिया। वे एंट्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (EDP) और ‘लीन मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी’ जैसी जटिल और आधुनिक पद्धतियों के मास्टर ऑर्गेनाइजर रहे, जिनके माध्यम से उन्होंने हजारों स्थानीय युवाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़ा किया। प्रत्येक वर्ष केंद्र व राज्य सरकार द्वारा आयोजित सभी प्रकार के प्रशिक्षणों, सम्मेलनों और सेमिनारों में वे अपनी पूरी टीम के साथ खुद आगे बढ़कर भाग लेते थे, ताकि बोकारो का कोई भी उद्यमी नई योजनाओं से वंचित न रह जाए। उनके इसी अद्वितीय और अनथक योगदान का परिणाम था कि एमएसएमई एसोसिएशन की ओर से इसी वर्ष उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित ‘पीएम विश्वकर्मा पुरस्कार’ से अलंकृत किया गया था। इसके अलावा केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय द्वारा भी उन्हें कई बार मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया था। लेकिन ऐसे महान कर्मयोगी का असमय चले जाना यह साबित करता है कि नियति कभी-कभी बेहद क्रूर हो जाती है।
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शोक में डूबी संस्थाएं, बताया अपूरणीय क्षति
कुंदनजी के असामयिक निधन पर बोकारो जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न सामाजिक, औद्योगिक और शैक्षणिक संस्थानों में शोक सभाओं का दौर जारी है। एमएसएमई एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक विशेष शोकसभा की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष शशि भूषण ने की। सभा में एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही, इस विपदा की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होने की बात कही गई। विप्र समाज ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। इस दौरान विशेष रूप से सूरज कुमार, रविकांत ठाकुर, शिवनंदन विश्वकर्मा, रजनी शर्मा, उत्तम कुमार विश्वकर्मा, गोपाल विश्वकर्मा, अभिजीत बिट्टू, सुमित कुमार, सुजीत बावरी, सुधीर कुमार, जगदीश शर्मा तथा अन्य साथियों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
GGESTC परिवार ने भी दी श्रद्धांजलि, कहा- सदा याद रहेगा मुस्कुराता हुआ वह चेहरा

गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी टेक्निकल कैंपस (कांड्रा, चास) में भी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। दूसरी ओर, गुरु गोबिंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी टेक्निकल कैंपस (कांड्रा, चास) में भी एक भावुक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सोसाइटी के अध्यक्ष तरसेम सिंह ने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कुंदन जी की मधुर स्मृतियां और उनका मुस्कुराता चेहरा सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेगा, उनका जाना परिवार और समाज के लिए एक कभी न पूरी होने वाली क्षति है।
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वहीं सोसाइटी के सचिव सुरेंद्र पाल सिंह जी ने उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों और निस्वार्थ समाज सेवा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कॉलेज के निदेशक डॉ. प्रियदर्शी जरूहार जी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रभु दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में शाश्वत शांति प्रदान करें और परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति दें। इस दौरान कॉलेज के सभी सम्मानित शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रबुद्ध जनों ने दो मिनट का मौन रखकर अपने प्रिय मित्र और समाजसेवी कुंदन उपाध्याय को अंतिम अश्रुपूरित विदाई दी। बहरहाल, कुंदन जी भले ही सशरीर हमारे बीच न हों, लेकिन उनके द्वारा बोए गए सेवा और स्वावलंबन के बीज हमेशा लहलहाते रहेंगे।
- Varnan Live Report.




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