निर्धन बच्चों को मुफ्त हुनरमंद और स्वावलंबी बनाएगा DPS बोकारो, ‘Skill Hub’ का शुभारंभ

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बोकारो। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सामुदायिक विकास की दिशा में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो ने एक और अहम कदम बढ़ाया है। विद्यालय ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के तहत ‘स्किल हब’ (कौशल केंद्र) की शुरुआत की है। इसमें वयस्क प्रशिक्षुओं एवं स्कूल से दूर बच्चे हुनरमंद और स्वावलंबी बनाए जाएंगे। इसका शुभारंभ सोमवार को जिले के उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि किया। सम्मानित अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी नीलम आइलिन टोप्पो मौजूद रहीं।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री चौधरी ने डीपीएस बोकारो में स्किल हब के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपनी शुभकामनाएं दीं तथा निःशुल्क प्रशिक्षण को सराहा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों का चयन कर उन्हें तीन महीने या 50 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकारी स्कूलों में भी ऐसे कार्यक्रम चल रहे हैं। अन्य निजी शिक्षण संस्थानों के साथ भी मिलकर आगे की रणनीति बना रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों का कॉमन डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर), डीएमएफटी फंड व अन्य संसाधनों के सहयोग से इस तरह के कार्यक्रम अलग-अलग स्थानों पर भी चलाकर हुनरमंद बच्चों को रोजगार से जोड़ने की योजना बना रहा है।

वहीं,  जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती टोप्पो ने कहा कि डीपीएस एजुकेशनल हब के साथ-साथ अब स्किल हब भी बन गया है। उन्होंने हुनर सीखकर युवाओं की आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में कौशल विकास को अहम बताया। अपने स्वागत संबोधन में विद्यालय के प्राचार्य ए. एस.गंगवार ने डीपीएस बोकारो की इस पहल, शैक्षणिक गतिविधियों व उपलब्धियों के साथ-साथ सामुदायिक विकास के प्रयासों आदि पर प्रकाश डाला। कहा कि स्कूल अपने खर्च पर आर्थिक रूप से कमजोर 36 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर दक्ष व स्वावलंबी बनाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों को शिक्षित के साथ-साथ दक्ष बनाए जाने पर भी जोर दिया गया है। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त श्री चौधरी, डीईओ श्रीमती टोप्पो, विद्यालय के प्राचार्य श्री गंगवार एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गान और समाज में बेटियों की उपेक्षा एवं कौशल विकास से उनके स्वावलंबन पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान उपायुक्त ने ‘स्किल हब’ के सभी प्रशिक्षुओं के बीच कसीदाकारी किट का वितरण भी किया। कार्यक्रम में राधाकृष्ण सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स से संबद्ध विद्यालयों के दर्जनों प्राचार्य भी उपस्थित रहे।

कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों और ड्रॉपआउट को मिलेगा प्रशिक्षण
नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप डीपीएस बोकारो अपने स्किल हब के तहत प्रशिक्षण देगा। इसमें कक्षा-  6 से 12वीं तक के आबादी वर्ग और स्कूल छोड़ने वालों को लक्षित कर व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए उनका कौशल विकास किया जाएगा। इसमें कसीदाकारी कला चिकनकारी की खास तौर से ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए कुशल, प्रशिक्षित और अनुभवी रिसोर्स पर्सन रखे गए हैं। बालिका अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रावधान है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी होने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।

1 से 3 महीने होगी पाठ्यक्रम की अवधि
प्राचार्य श्री गंगवार ने बताया कि विद्यालय में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक, दोनों भौतिक रूप से संचालित किए जाएंगे। पाठ्यक्रम की अवधि 1 से 3 महीने के बीच न्यूनतम 50 घंटे या उससे अधिक के लिए होगी। अतिथि व्याख्यान, क्षेत्र भ्रमण और आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रम के एक हिस्से के रूप में इंटर्नशिप का प्रावधान भी रखा गया है। शॉर्ट टर्म कोर्स के पूरा होने के बाद सीबीएसई मूल्यांकन की रूपरेखा के अनुसार प्रशिक्षुओं के लिए सैद्धांतिक और व्यावहारिक मूल्यांकन होगा। पाठ्यक्रम के सफल समापन के बाद सीबीएसई द्वारा प्रशिक्षुओं को स्किल इंडिया के ‘लोगो’ से युक्त प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। स्किल हब की पहल प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 3.0 के तहत कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा शिक्षा मंत्रालय के परामर्श से की गई है।

– Varnan Live Report.

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