बोकारो में मिथिलांचलवासियों ने उत्साहपूर्वक किया मतदान, उमड़ी रही वोटरों की भीड़
बोकारो। लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के क्रम में बोकारो में मिथिलांचलवासियों की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद का निर्वाचन रविवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर मैथिलों ने जिस उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया, वह एक प्रकार से लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास दिखा। नगर के सेक्टर- 4ई में परिषद द्वारा संचालित मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल में मतदान के लिए दिनभर मतदाताओं की भीड़ उमड़ी रही। विद्यालय के सभागार में दो बूथ बनाए गए थे, जिसमें कुल 781 वोटरों ने परिषद के महासचिव तथा वित्त सचिव पद पर प्रत्याशी के चयन हेतु अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ चुनाव
जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी धनंजय कुमार गिरि, सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ अवर प्रमंडल, चास (बोकारो) तथा पुलिस बल की मौजूदगी के बीच मतदान सुबह 9.00 बजे शुरू हो गया। शुरुआत में तो इक्के-दुक्के वोटर आए, लेकिन लगभग 10.30 बजे के बाद वोटरों की तादाद बढ़ने लगी और देखते ही देखते उनकी लंबी कतार लग गई। मतदाता आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि पहचान-पत्र लेकर आए तथा अपने पसंदीदा प्रत्याशी के समर्थन में मताधिकार का प्रयोग किया।
अलग-अलग रंगों के थे बैलेट पेपर
निर्वाचन के लिए दो अलग-अलग रंगों (नीला व पीला) के बैलेट पेपर तथा दो बैलेट बॉक्स रखे गए थे। वोटरों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मुहर लगाई और बक्से में अपना मतपत्र गिराया। संध्या 5.00 बजे पूर्व निर्धारित समयानुसार मतदान का समय समाप्त हो गया और उसके बाद मतगणना का सिलसिला शुरू हुआ, जो देरशाम तक चलता रहा। पीठासीन पदाधिकारी विजय कुमार झा (संयोजक), अनिमेष कुमार झा, डॉ. दुर्गानंद मिश्र, प्रो. जयराम झा, समरेंद्र झा व प्रमोद कुमार झा तथा पर्यवेक्षक डॉ. निकेत चौधरी ने प्रत्याशियों द्वारा उनकी ओर से रखे गए मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में विधिवत सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराया। वोट डालने वाले मतदाताओं की उंगलियों पर गहरे इंक का निशान भी लगाया गया, जिसने लोकसभा और विधानसभा चुनाव की यादें ताजा कर दीं। मतदाताओं का उत्साह ऐसा था कि शारीरिक रूप से लाचार कई वोटर भी अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। चुनाव के सफल संपादन में मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के कर्मियों ने भी अहम भूमिका निभाई।
मतदान केंद्र के बाहर दिनभर गहमागहमी

मिथिला सांस्कृतिक परिषद के चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर सुबह से गहमागहमी शुरू हो गई। मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के मोड़ से लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सामने तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। वहां दो पंडाल बनाए गए थे, जिनमें प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके समर्थक दिनभर जम रहे। हर आते-जाते लोग यह चुनावी मेला देख सहसा ठहर-सा जा रहे थे। अंदर मतदान केंद्र से होने वाली अनाउंसिंग को लेकर उम्मीदवार और उनके समर्थक काफी चौकन्ना दिखे। काउंटिंग पूरी होने तक प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे करते दिखे और मतदान की समीक्षा का दौर देर तक चलता रहा।
कुल छह उम्मीदवार थे चुनावी मैदान में
मिथिला सांस्कृतिक परिषद, बोकारो के निर्वाचन में महासचिव तथा वित्त सचिव पद के लिए कुल छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में खड़े थे। महासचिव के लिए अमरेंद्र कुमार झा, कृष्ण चंद्र झा तथा नीरज चौधरी, जबकि वित्त सचिव पद के लिए गंगेश कुमार पाठक, मिहिर मोहन ठाकुर और विनय कुमार झा उम्मीदवार के रूप में खड़े थे।
जीत के बाद होलियाना जश्न का माहौल

मिथिला सांस्कृतिक परिषद की मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद संध्या 5.00 बजे से देर शाम तक मतपत्रों की गिनती चली। इसमें नीरज चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कृष्ण चन्द्र झा को 274 मतों के अंतर से परास्त किया। श्री चौधरी को कुल 518 तथा श्री झा को 244 मत मिले। जबकि, अमरेन्द्र कुमार झा को सिर्फ तीन वोट मिले। इसी प्रकार, वित्त सचिव पद पर मिहिर मोहन ठाकुर ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी विनय कुमार झा को 298 मतों के भारी अंतर से हराया। मिहिर को कुल 510 और विनय को 212 वोट मिले। जबकि, इस पद के एक अन्य उम्मीदवार गंगेश कुमार पाठक ने 46 मत प्राप्त किया। विजयी रहे उम्मीदवारों को पीठासीन पदाधिकारियों, पर्यवेक्षक तथा मजिस्ट्रेट ने निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपते हुए जीत की शुभकामनाएं दीं।
समाज को एकसूत्र में बांधना होगी प्राथमिकता : चौधरी
मिथिला सांस्कृतिक परिषद के चुनाव में महासचिव पद पर विजयी रहे नीरज चौधरी ने कहा कि मिथिलांचलवासियों को एकसूत्र में बांधकर रखना तथा समाज का सांस्कृतिक, पारंपरिक, शैक्षणिक व आर्थिक विकास सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। परिषद और मिथिला एकेडमी को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाना, आपसी भेदभाव दूर करते हुए समाज को वृहतर बनाना, परिषद प्रांगण में महाकवि विद्यापति का स्मारक-निर्माण आदि की दिशा में भी उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जीत के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर तथा अबीर-गुलाल लगाकर उनका भव्य अभिनंदन किया।
-Varnan Live Report.





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