बोले मुख्य अतिथि CGM कुंदन – बच्चों में संस्कृति और नवाचार का विकास जरूरी
संवाददाता
Bokaro | बोकारो में मैथिलों की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा संचालित मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल, सेक्टर- 4ई ने गुरुवार को अपना स्थापना दिवस एक अभूतपूर्व अंदाज़ में मनाया, जहां शिक्षा, संस्कृति और अत्याधुनिक विज्ञान का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा विद्यालय परिसर जूनियर से लेकर सीनियर वर्ग के छात्र-छात्राओं की वैज्ञानिक सोच और कलात्मक कल्पनाशीलता से सराबोर हो उठा। इस अवसर पर आयोजित विज्ञान, कला और क्राफ्ट प्रदर्शनी ने साबित कर दिया कि मिथिला अकादमी के छात्रों के भीतर न केवल भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ें हैं, बल्कि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी रूप से भी पूरी तरह तैयार हैं।
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मुख्य अतिथि कुंदन कुमार ने किया शुभारंभ; ‘बाबा विद्यापति’ को किया नमन
कार्यक्रम का औपचारिक और भव्य शुभारंभ मुख्य अतिथि बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) कुंदन कुमार, स्कूल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, सचिव दिलीप कुमार झा और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा बाबा विद्यापति जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह क्षण संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के बीच के सेतु का प्रतीक बना, जो इस संस्थान की पहचान है।
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बच्चों ने भविष्य की तकनीक का किया जीवंत प्रदर्शन
प्रदर्शनी में छात्रों ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक से बढ़कर एक ‘वर्किंग मॉडल्स’ पेश किए, जिसने अतिथियों को चकित कर दिया। विशेष रूप से ‘स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट’, ‘रोबोटिक्स’, ‘अर्थक्वेक अलार्म सिस्टम’, ‘वॉटर प्यूरिफिकेशन’ और ‘सोलर एनर्जी’ जैसे मॉडलों ने यह दिखा दिया कि ये बच्चे केवल किताबों से नहीं सीखते, बल्कि वे समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने का माद्दा रखते हैं। इसके अलावा, रेस्पिरेटरी सिस्टम, रिवोल्यूशन ऑफ अर्थ और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को बच्चों ने इतने सरल और जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया कि विशेषज्ञ भी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए।
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मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार ने बच्चों के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में न केवल तकनीकी समझ बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति और नवीन विचारों से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में संस्कृति के साथ-साथ नवाचार (Innovation) का विकास आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अध्यक्ष और सचिव का विज़न- सर्वांगीण विकास ही वास्तविक शिक्षा
विद्यालय के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वास्तविक शिक्षा वही है जो बच्चों को हर परिस्थिति से लड़ने के लिए तैयार करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी प्रतिस्पर्धाओं से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। वहीं, सचिव दिलीप कुमार झा ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि हर बच्चे के भीतर एक वैज्ञानिक और कलाकार छिपा होता है, बस आवश्यकता उसे निखारने के लिए सही अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में भाग लेना ही छात्र-छात्राओं की प्रगति का मूल आधार है।
विशेषज्ञों की कसौटी पर खरा उतरी बच्चों की प्रतिभा
बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता को परखने के लिए एक पाँच सदस्यीय विशेषज्ञ निर्णायक मंडली मौजूद थी, जिसमें डॉ. जी.के. सिंह, चंद्र शेखर कुमार, एस.पी. सिंह, पी.के. राय और आर.ए. सिंह शामिल थे। उनके मूल्यांकन ने इस आयोजन को और भी गंभीर और प्रतिस्पर्धात्मक बना दिया। मौके पर भवन निर्माण सचिव अविनाश अवि, मिथिला सांस्कृतिक परिषद के महासचिव नीरज चौधरी, मिहिर मोहन ठाकुर सहित शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों के प्राचार्य और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आरंभ में प्राचार्य अमर प्रसाद ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि उपप्राचार्य देव दुलाल मित्रा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अभिभावकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मिथिला अकादमी का यह स्थापना दिवस वाकई में बोकारो के शिक्षा जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर गया।
- Varnan Live Report.




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