कोलकाता CFSL में होगी DNA जांच, RIMS में होगा पोस्टमार्टम

रांची/बोकारो: बोकारो के चर्चित पुष्पा हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को जो तल्ख रुख अपनाया, उसने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। न्याय की सुस्त रफ्तार पर अदालत की नाराजगी का आलम यह था कि राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा और बोकारो एसपी हरविंदर सिंह सहित पूरी एसआईटी (SIT) टीम को व्यक्तिगत रूप से अदालत के कठघरे में खड़ा होना पड़ा। अदालत ने दो टूक कहा कि न्याय की प्रक्रिया को महज एक ‘औपचारिकता’ न बनाया जाए।

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मधुटांड के जंगलों से बरामद नरकंकाल पुष्पा का ही है या नहीं, इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए हाईकोर्ट ने अब वैज्ञानिक जांच का चाबुक चलाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि पुष्पा के माता-पिता का डीएनए सैंपल अब सीधे सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL), कोलकाता भेजा जाए। इसके साथ ही, बरामद कंकाल का विस्तृत और वैज्ञानिक पोस्टमार्टम रांची स्थित रिम्स (RIMS) में कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। अदालत ने सरकार को मात्र 14 दिनों के भीतर DNA रिपोर्ट पेश करने की डेडलाइन दी है।

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अदालत की कड़वी टिप्पणी- “सिर्फ निचले स्तर के कर्मी ही बलि का बकरा क्यों?”

सुनवाई के दौरान जब सरकार ने दलील दी कि लापरवाही के आरोप में 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, तो बेंच ने तीखा सवाल दाग दिया। हाईकोर्ट ने पूछा कि जब जांच महीनों तक ठप रही, तो उच्च अधिकारियों की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई? अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि जब डीएनए जांच तुरंत शुरू हो सकती थी, तो अब तक केवल फाइलें क्यों दौड़ाई जा रही थीं?

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31 जुलाई से लटका है मामला, अब इंसाफ की उम्मीद

पिण्ड्राजोरा थाना क्षेत्र से लापता पुष्पा का मामला पिछले साल 31 जुलाई से लटका हुआ था। पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे और मधुटांड़ जंगल से मिले नरकंकाल ने इस मिस्ट्री को और उलझा दिया था। हालांकि, डीजीपी ने अदालत में भरोसा दिलाया है कि अब बिना किसी देरी के जांच पूरी होगी, लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगली तारीख पर भी डीजीपी और एसपी को अदालत में हाजिर रहना होगा। सीएफएसएल की रिपोर्ट और रिम्स का पोस्टमार्टम अब इस हत्याकांड में सबसे बड़ा निर्णायक मोड़ साबित होगा।

  • Varnan Live Report.

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