MakeMyTrip से बुक करते हैं Travel, तो हो जायें सावधान ! उपडाकपाल साइबर ठगी के शिकार, लगाया हजारों का चूना

0
419
Sybolic pic for Cyber Crime (Photo Courtesy : google images)

संवाददाता
बोकारो : बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर-1 स्थित डाकघर के उप डाकपाल संतोष कुमार सिंह साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। ठगी का यह कारोबार किसी और ने नहीं, बल्कि नामी-गिरामी ट्रैवल एजेंसी मेक माई ट्रिप ने किया है। बोकारो के पुलिस अधीक्षक को घटना के संबंध में श्री सिंह ने लिखित रूप से जानकारी देते हुए बताया है कि उन्होंने विगत 22 जुलाई 2019 मेक माईट्रिप नामक ट्रैवल एजेंसी के एप से मुम्बई से बेंगलुरु तथा बेंगलुरू से मुम्बई के लिए हवाई जहाज का टिकट कटवाया था। उनके बेटे के खाते से टिकट का पैसा तो कट गया, लेकिन टिकट नहीं आया।

          इसके बाद उन्होंने मेक माईट्रिप के कस्टमर केयर नंबर 092302 49563 पर फोन कर पैसा वापस करने को कहा तो ट्रैवल एजेंसी की ओर से उनके खाते का पूरा विवरण लेकर आधे घंटे में पैसा वापस करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन ना तो उन्हें टिकट का पैसा वापस आया, बल्कि उनके बेटे अश्विनी कुमार के बैंक खाते से 18 हजार रुपये की निकासी और कर ली गई।

          जब उन्होंने उस फोन नंबर पर फिर बात करना चाहा तो उधर से किसी ने फोन नहीं उठाया। कुछ देर बाद एक दूसरे नंबर 6289 743 790 से उन्हें कॉल आया, जिसमें उन्हें कहा गया कि ‘पहले वाले नंबर पर ही बात करो’। यह भी कहा गया कि यह दोनों नंबर डायल करने पर मेक माईट्रिप कस्टमर केयर आता है, लेकिन मेक माईट्रिप कस्टमर केयर ने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया, बल्कि साइबर अपराध करते हुए उसने उप डाकपाल संतोष कुमार सिंह को हजारों रुपए की चपत लगा दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

 

  • Varnan Live Report.
Previous articleपुलिस पब्लिक मैत्री को ले चुट्टे में लगा मेगा फ्री मेडिकल कैम्प, 700 मरीजों की जांच
Next articleसंसाररूपी भवसागर से पार करता है श्रीमद्भागवत : स्वामिनी संयुक्तानंदा
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply