झारखंड ने फिर लिखी नयी इबारत

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विजय कुमार झा
रांची :
झारखंड की धरती एक बार फिर से राष्ट्रीय स्तर पर धन्य-धन्य हुई। यहां के जरिये पूरे देश के लिये विकास की एक नयी इबारत लिखी गयी है और यह नया और ऐतिहासिक आयाम फिर जोड़ा है देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने।

बीते हफ्ते अपने रांची दौरे के क्रम में प्रधानमंत्री झारखंड की रत्नगर्भा भूमि पर विकास की एक और नयी इबारत रच गये। उन्होंने कहा भी कि झारखंड की धरती देश में शुरू होने वाली सरकार की बड़ी और महत्कांक्षी योजनाओं के लिये एक लांचिंग पैड है। देश में इस बात की चर्चा होगी कि गरीबों से जुड़ी बड़ी योजनाएं किस राज्य से शुरू हुईं, तो उसमें झारखंड का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आयेगा। विदित हो कि राजधानी का प्रभात तारा मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक पलों का गवाह बना और यहीं से उन्होंने राष्ट्र को तीन बड़ी योजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा के अपने भवन का लोकार्पण करने के बाद प्रधानमंत्री ने बिरसा आबा की धरती से प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, व्यापारी और स्वरोजगारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना का शुभारंभ किया। साहेबगंज मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन कर उन्होंने झारखंड को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ दिया। प्रधानमंत्री ने तीन साल में 462 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थापना से जुड़ी योजना की शुरुआत की, तो 1238 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले झारखंड सचिवालय का शिलान्यास भी किया।
मौके पर मोदी ने कहा कि हर भारतीय को सामाजिक सुरक्षा का कवच देने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। झारखंड की धरती से ही दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत हुई थी। देश के लाखों लोग जो धन के अभाव में इलाज नहीं करा पाते थे, अब वह अपना इलाज करा पा रहे हैं। सरकार पर अपना आशीर्वाद बरसा रहे हैं। मोदी ने कहा कि देश के करोड़ों किसानों के लिए पेंशन सुनिश्चित करने वाली योजना की शुरुआत बिरसा मुंडा की धरती से हो रही है। देश के करोड़ों व्यापारियों और स्वरोजगारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की शुरुआत भी झारखंड से हो रही है। देश को बनाने में जिनकी बहुत बड़ी भूमिका है, ऐसे समाज के सभी वर्गों को बुढ़ापे में मुसीबत में जीना नहीं पड़े, उसकी गारंटी देगी यह पेंशन योजना। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार हर भारतीय को सामाजिक सुरक्षा का कवच देने का प्रयास कर रही है। इसी वर्ष मार्च से ऐसी ही पेंशन योजना देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए चल रही है। श्रमयोगी मानधन योजना से अब तक 32 लाख से ज्यादा श्रमिक साथी जुड़ चुके हैं।

स्वच्छता की अपील
प्रधानमंत्री ने झारखंड के लोगों से अपील की कि वे ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ में बढ़-चढ़कर भाग लें। दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर प्लास्टिक के ढ़ेर को खत्म करने में देश का नेतृत्व करें। नये भारत के लिए सबको मिलकर आगे आना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्ष के लिए झारखंड फिर विकास का डबल इंजन लगायेगा।

पूरी फिल्म अभी बाकी
प्रारम्भ में प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय के साथ की। उन्होंने कहा- ‘समूचे झारखंडवासियों को मोर बटे बहुत-बहुत जोहार!’ पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले जिन राज्यों में उन्हें जाने का सौभाग्य मिला, उसमें झारखंड भी शामिल है। उन्होंने कहा कि 100 दिनों में दमदार सरकार का ट्रेलर, अभी पूरी फिल्म बाकी है। पीएम ने कहा कि चुनाव के समय उन्होंने कामदार और दमदार सरकार देने का वादा किया था। एक ऐसी सरकार, जो पहले से भी ज्यादा तेज गति से काम करेगी। एक ऐसी सरकार, जो जनता की आकांक्षाओं को पूरी करने के लिए पूरी ताकत लगा देगी। 100 दिन में देश ने इसका ट्रेलर देख लिया है। अभी पूरी फिल्म बाकी है। इसी क्रम में भ्रष्टाचारी नेताओं पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि अब भारत पहले के 30-40 सालों वाला भारत नहीं रहा। देश को लूटने वाले अंदर चले गये हैं। जो बचे हैं, वे अब कतार में हैं।

झारखंड को अंतरराष्ट्रीय बाजार का अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि साहेबगंज मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन करने का उन्हें अवसर मिला। यह बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ झारखंड का नहीं, यह हिन्दुस्तान और दुनिया में झारखंड को नयी पहचान देने वाला है। यह नेशनल वाटर-वे-हल्दिया-बनारस जलमार्ग विकास परियोजना का एक अहम हिस्सा है। यह जलमार्ग झारखंड को पूरे देश से ही नहीं, बल्कि विदेश से भी जोड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से झारखंड के लोगों के लिए विकास की अपार संभावनाएं खुलने वाली हैं। इस टर्मिनल से यहां के आदिवासी, किसान अपने उत्पाद अब पूरे देश के बाजारों में आसानी से पहुंचा पायेंगे। इसी तरह जलमार्ग के कारण उत्तर भारत से झारखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्य असम, नागालैंड, मिजोरम और अन्य राज्य भी जुड़ जायेंगे।

किसान मानधन योजना
पीएम ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत करते हुए देश के किसानों को सौगात दी। यह योजना किसानों के जीवन में सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी। इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष की उम्र के किसानों का पंजीकरण हो सकेगा। किसानों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। योजना के लिए झारखंड में एक लाख नौ हजार से अधिक का पंजीकरण हो चुका है।

पहली बार आयी यह पेंशन योजना
प्रधानमंत्री ने देश के खुदरा व्यापारिक दुकानदार एवं स्वरोजगार पेंशन योजना की शुरुआत की। भारत की आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने देश में खुदरा व्यापार करने वाले दुकानदारों को पेंशन की योजना से जोड़ने की पहल की है। इसके तहत 18 से 40 वर्ष के खुदरा व्यापारियों एवं दुकानदारों को भी 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।

462 एकलव्य विद्यालय की सौगात
पीएम मोदी ने इस मौके पर देश के जनजातीय क्षेत्रों में 462 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का आॅनलाइन शिलान्यास किया। इसमें झारखंड के 13 जिलों में 69 एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को शहरों की तरह ही गांव में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। इस मौके पर पीएम के साथ राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, सीएम रघुवर दास, विस स्पीकर दिनेश उरांव समेत अन्य उपस्थित थे।

  • Varnan Live Report.

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