बोकारो में कोरोना से 2 और मौतें, ‘अब तक 56’

0
312
Photo courtesy : google images

बोकारो। बोकारो जिले में कोरोना से मौत का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। मंगलवार को दो और लोगोंकी मौत का मामला सामने आया। जिले के होसिर, गोमिया की रहने वाली एक 65 वर्षीय वृद्ध महिला और सेक्टर- 6 में एक आवासीय कॉलोनी के निवासी 63 साल के पुरुष की मौत हो गई। महिला 17 नवंबर, तो पुरुष 26 नवंबर को बीजीएच में भर्ती कराए गए थे। सीएस डॉ. अशोक कुमार पाठक के मुताबिक दोनों को सांस में तकलीफ के अलावा शुगर, बीपी की भी समस्याएं थीं। इसके साथ ही जिले में कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या अबतक 56 हो चुकी है। दूसरी तरफ, मंगलवार को जहां 7 और नए पॉजिटिव मिले, तो 13 स्वस्थ होकर अपने घर को लौट भी गए। जिले में अब तक 6102 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं।

झारखण्ड में मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार 181 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई, जिनमें रांची से 81, बोकारो से 7, चतरा से 5,  देवघर से 3, धनबाद से 7, दुमका से 4, पूर्वी सिंहभूम से 18, गढ़वा से 3, गिरीडीह से 1, गोड्डा से 1, गुमला से 2, हजारीबाग से 5, जामताड़ा से 3, कोडरमा से 1, लोहरदगा से 8, पलामू से 8, रामगढ़ से 3, सरायकेला से 2, सिमडेगा से 5, पश्चिमी सिंहभूम से 14 रहे। राज्य में कुल पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा 109332 पर पहुंच गया है। मंगलवार को सूबे में कुल पांच मौतें हुईं।

COVID- 19 UPDATE IN JHARKHAND

– Total Positive Cases: 109332

– Active Cases : 1965

– Discharged/Recovered : 106398

– Death : 969

– Varnan Live Report.

Previous articleबोकारो फिर झारखंड का सबसे सर्द जिला
Next articleरामलला की नगरी में अब ले सकेंगे ‘रामायण क्रूज टूर’ के मजे, जानें कैसे…
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply