सफलता के लिए समय प्रबंधन और दृढ़निश्चय के साथ कड़ी मेहनत जरूरी : शाश्वत

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2008 बैच के मेधावी छात्र गोमती एसपी ने डीपीएस बोकारो के विद्यार्थियों को दिए अनोखे टिप्स

बोकारो : दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो के पूर्व छात्र (2008 बैच) एवं वर्तमान में त्रिपुरा में गोमती जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शाश्वत कुमार ने शनिवार को डीपीएस प्रांगण पहुंचकर अपनी पुरानी यादें विद्यार्थियों व शिक्षकों के साथ साझा कीं। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षाओं के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में कामयाबी के गुर सिखाए। अपने अतिथि व्याख्यान में उन्होंने 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को करियर चुनने के तरीके, परीक्षा से पूर्व की सटीक तैयारी और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में कामयाबी के टिप्स बताए। उन्होंने बच्चों से कहा कि कड़ी मेहनत के साथ-साथ पढ़ाई के लिए समय-प्रबंधन सबसे जरूरी है। स्कूल-कोचिंग के बाद घर में अगर कम से कम तीन घंटे नहीं पढ़ेंगे, तो सफलता नहीं मिलेगी। स्कूल अनुभवों का संसार है, जहां से मिलीं सीखें जीवन के हर क्षेत्र में काम आती हैं। डीपीएस बोकारो से मिले अपने अनुभवों को अपने जीवन के लिए उन्होंने मील का पत्थर बताया। बच्चों से कहा- जिस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, वो डंके की चोट पर चुनें। अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़संकल्पित रहें। दबाव और परेशानियां आएंगी, परंतु उन्हें कैसे संभालना है, यह आप पर निर्भर करता है। अपने दोस्तों, रिश्तेदारों सहित सभी लोगों की सुनें जरूर, उनकी राय लें, पर करें वही जो आप अच्छे से कर सकते हैं। दूसरों की गलतियों से सीख भी लें। जीवन आपका है, जिम्मेदारी आपकी है, इसलिए निर्णय भी आपका ही होना चाहिए।

परीक्षा से 6 माह पहले सोशल मीडिया से बना लें दूरी

इस दौरान बच्चों के प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी व अन्य परीक्षाओं में 10वीं, 12वीं और स्नातक के अंकों की अहमियत समझाई। कहा कि हर हाल में बच्चे 12वीं में अच्छे अंक लाने का पूरा प्रयास करें। परीक्षा से छह माह पहले सोशल मीडिया से दूरी बनाना बेहतर है। इसके लिए जीवन में आगे काफी समय है, लेकिन परीक्षा का दौर एक बार गुजर गया तो दोबारा नहीं आएगा। अगर बीच में रिलैक्स होना है, तो यूट्यूब वीडियो देखने की बजाय गाना सुनें। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यूपीएससी परीक्षा में विषय-चयन, इंजीनियरिंग में कॉन्सेप्ट की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि आईपीएस या आईएएस अफसर बनने के लिए मानसिक मजबूती, लगन और जज्बा जरूरी है। कोई जरूरी नहीं कि पहली बार में ही सफलता मिलेगी, पर इससे हताश नहीं होना है। इसी प्रकार छोटी सफलता पर न अति उत्साहित हों और न ही विफलता पर हतोत्साहित।

2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं शाश्वत
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रूमेंटेशन में इंजीनियरिंग कर चुके शाश्वत 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 1997 से 2008 तक डीपीएस बोकारो में पढ़ाई की थी। विद्यालय में आगमन पर प्राचार्य ए.एस. गंगवार ने उनका स्वागत किया और अपनी शुभेच्छाएं व्यक्त की।

– Varnan Live Report.

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