डीपीएस बोकारो के बच्चों ने भारतीय त्योहारों पर आधारित नृत्यों से बिखेरी सतरंगी छटा

0
128

बोकारो ः डीपीएस बोकारो में जारी कल्चरल वीक के तहत गुरुवार को सेक्टर-5 स्थित प्राइमरी इकाई में अंतर सदन समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारतीय त्योहार विषयवस्तु पर आधारित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की सतरंगी छटा बिखेरी। रंग-बिरंगे परिधानों और आकर्षक रूप-सज्जा के साथ बच्चों ने अपनी भाव-भंगिमा और संवाद प्रेषण से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुआत दुर्गापूजा पर आधारित नृत्य के साथ हुई, जिसमें बच्चों ने महिषासुर वध के प्रसंग का जीवंत प्रस्तुतीकरण किया। इसमें उन्होंने बांग्ला संस्कृति की सुंदर छटा बिखेरी। इसके बाद जन्माष्टमी आधारित नृत्य में श्री कृष्ण जन्मोत्सव और तत्पश्चात होली पर आधारित प्रस्तुति में मथुरा और ब्रज की झलक दिखाई। इसके बाद गणेश चतुर्थी पर आधारित नृत्य में बच्चों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का सुंदर चित्रण किया।

इसी प्रकार रामनवमी संबंधी समूह नृत्य में प्रतिभागियों ने श्रीराम के जन्म और उनकी लीला को बखूबी दर्शाया। समापन पंजाब के प्रसिद्ध त्योहार बैशाखी पर आधारित लोकनृत्य के साथ हुआ। इसमें बच्चों ने धन-धान्य से परिपूर्ण खेत-खलिहान और पंजाबी संस्कृति का अनुपम प्रस्तुतीकरण किया और किसानों की महत्ता का भी संदेश दिया।

इन प्रस्तुतियों में जहां पार्श्व-संगीत और मंच की सजावट बेहतरीन रही, वहीं लय-ताल पर बच्चों का सुंदर सामंजस्य भी अपने-आप में अनूठा रहा। दर्शक दीर्घा में बैठे बच्चे भी पूरे उत्साह और जोश से लबरेज हो कार्यक्रम का आनंद लेते रहे और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

रावी सदन को मिला प्रथम स्थान
निर्णायक मंडली के मूल्यांकन के आधार पर प्रतियोगिता में दुर्गापूजा पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति के लिए रावी सदन को प्रथम स्थान मिला। प्रतियोगिता में गंगा और झेलम को संयुक्त रूप से द्वितीय, चेनाब हाउस को तृतीय, सतलज को चतुर्थ और जमुना सदन को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ।

प्रतियोगिता में हार-जीत नहीं, भाग लेना महत्वपूर्ण : ए एस गंगवार
इसके पूर्व प्राइमरी विंग स्थित भरत मुनि भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त कुलदीप चौधरी की धर्मपत्नी अपर्णा शुभ्रा एवं विद्यालय के प्राचार्य ए.एस. गंगवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्राचार्य ने बच्चों की प्रस्तुतियों को सराहते हुए कहा कि प्रतियोगिता में हार-जीत मायने नहीं रखती, प्रतिभागिता अहम है। उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने की आदत डाल अपना ज्ञान विकसित करने का भी संदेश दिया। प्राचार्य ने मिसाइल-मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पांच प्रेरणाप्रद पंक्तियों- मैं सबसे अच्छा हूं, मैं यह कर सकता हूं, भगवान हमेशा मेरे साथ हैं, मैं एक विजेता हूं और आज का दिन मेरा दिन है, को रोज सुबह खुद से बताने का संदेश भी बच्चों को दिया। मुख्य अतिथि श्रीमती शुभ्रा ने भी बच्चों की प्रस्तुतियों को सराहनीय बताया।

– Varnan Live Report.

Previous articleMullah will trade medievalism for Islam
Next article‘दलदल’ में हेमंत सरकार… 5 IAS, 4 IPS संदेह के घेरे में, फोन कॉल डिटेल डीआरआई और इंटेलीजेंस के पास
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply