‘दलदल’ में हेमंत सरकार… 5 IAS, 4 IPS संदेह के घेरे में, फोन कॉल डिटेल डीआरआई और इंटेलीजेंस के पास

0
153

झारखंड में तोड़फोड़ की सियासत : अपनों की साजिश, भ्रष्ट राजनीतिज्ञों और अफसरों के कारण बढ़ीं मुश्किलें

-: शशांक शेखर :-

रांची/पटना/बोकारो : एक पुरानी कहावत है कि जो शीशे के घर में रहते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते और यदि फेंक भी दिया, तो योग्य प्रतिद्वंदी उन्हें कदापि माफ नहीं करते। भले ही वो बारंबार किसी के पैर पर गिर पड़े। झारखंड के मामले में आज यह बिल्कुल प्रासंगिक दिख रहा है, जहां की सरकार भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद तथा गैर-जिम्मेदाराना कार्यों के कारण दिनो-दिन दलदल में फंसती जा रही है। घोर भ्रष्टाचारी राजनीतिज्ञों और अफसरों के कारण राज्य की हेमंत सरकार पर अब खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। खास तौर से जिन तथाकथित अपनों के सहयोग से राज्य में हेमंत सरकार बनी, उनमें से ही कई लोग सरकार गिराने की साजिश में लगे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद हावड़ा में तीन विधायकों की करोड़ों रुपए के साथ पकड़े जाने के बाद यह साजिश और ज्यादा स्पष्ट हो चुकी है। दूसरी ओर, भाजपा भी अपना अंदर ही अंदर अपनी बिसात बिछाने में लगी है। कुल मिलाकर, अपनों की साजिश, भाजपा की सुनियोजित योजना और सरकार में शामिल नेताओं और अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी कार्रवाई के कारण सरकार पर खतरा लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को यह कैसे हुआ, आइए समझते हैं क्रमवार-

दृश्य -1 : हावड़ा में बड़ी कार्रवाई

विधायकों के पास से बरामद रुपए।

हावड़ा से एक एसयूवी गाड़ी, जिसमें झारखंड कांग्रेस के इरफान अंसारी, राजेश कच्छप तथा नमन विक्सल कोंगाड़ी, तीनों विधायक तेजी से हावड़ा से झारखंड की ओर निकल पड़े। उसी वक्त हावड़ा की एसपी स्वाति भंगालिया को किसी ने सूचना दी कि पांच अज्ञात लोग करोड़ों रुपए लेकर हावड़ा से झारखंड की ओर भाग रहे हैं। बिना देर किए इस गाड़ी को पांचला थाना क्षेत्र के रानी हाटी मोड़ के पास रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन गाड़ी चालक ने जबरदस्ती अपनी गाड़ी बढ़ा दी। उसके 300 मीटर आगे जाते ही तीन अन्य गाड़ियों ने उसका पीछा कर उसे रोक लिया।

एसपी के अनुसार झारखंड की इस गाड़ी में पांच लोग सवार थे, जिसमें झारखंड के तीन कांग्रेसी विधायक राजेंद्र कच्छप, नमन विक्सन कोंगाड़ी और डा. इरफान अंसारी भी मौजूद थे। इन तीनों को रोक लिया गया और तहकीकात के बाद उनलोगों को हावड़ा में कोर्ट में पेशी के बाद 10 दिनों की रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

बोकारो के नईम की गाड़ी से हो रहा था ‘खेल’

बोकारो के ठेकेदार की इसी गाड़ी से रुपये बरामद हुए।

पश्चिम बंगाल में जिस गाड़ी में झारखंड कांग्रेस के तीन विधायक पैसे के साथ पकड़ाये, वो गाड़ी बोकारो के ठेकेदार नईम अंसारी की बताई जा रही है। टोयोटा कंपनी की वह गाड़ी (जेएच 09 एक्यू 0016) नईम अंसारी के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। ठेकेदार की गाड़ी पर जामताड़ा विधायक का बोर्ड लगाकर तीनों विधायक पश्चिम बंगाल में सफर कर रहे थे।

दृश्य- 2 : पटना में विधायकों की आतुरता

शनिवार-रविवार का अर्ध प्रहर। झामुमो के छह विधायक तथा कांग्रेस के चार विधायक पटना में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने को आतुर दिखे, जिन्हें बिहार भाजपा के वरिष्ठ महासचिव अपने साथ ले जा रहे थे। सूचना के अनुसार देर रात उनकी मुलाकात नड्डा से हुई। उसके बाद अमित शाह से भी उनके मिलने की सूचना है। उन विधायकों को यह सूचना पहुंचाई गई कि वो असम के मुख्यमंत्री से संपर्क में रहें। बाकी सारा काम हो जाएगा। उनकी समस्याएं हल कर दी जाएंगी। सूत्रों के अनुसार हावड़ा प्रकरण के पूरे मामले के तार भी असम से जुड़ने की बातें सामने आ रही हैं। इस मामले में खबर लिखे जाने तक कांग्रेस के ही एक विधायक बड़ा खुलासा करने की तैयारी में लगे थे।

दृश्य- 3 : 171 करोड़ के निवेश का खुलासा

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) तथा इनकम टैक्स विभाग को शनिवार को मुख्यमंत्री के खासम-खास पंकज मिश्रा, उनके दाहिने हाथ दाहू यादव और अभिषेक कुमार की मिलीभगत से अवैध रूप से जारी व्यवसाय- जहाज परिचलन तथा विभिन्न संपत्तियों के निवेश में 171 करोड़ रुपए  से अधिक की संपत्ति का पता चला। सख्ती से पूछताछ में पंकज रो पड़े। साहेबगंज में जहाज परिचालन में दाहू यादव को अवैध रूप से जहाज चलाने की अनुमति मोबाइल फोन पर बातचीत में पंकज मिश्रा और अभिषेक प्रताप ने कांके रोड स्थित एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ के घर से निर्गत किया था। डीआरआई को मोबाइल कॉल डिटेल में इसका पता चला है। इसका अलावा अवैध खान तथा पत्थर तथा बालू खनन में भी करोड़ों की उगाही की गई है। डीआरआई से प्राप्त सूचना के अनुसार तीन वरिष्ठ राजनीतिज्ञ सहित पांच आईएएस और चार पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत प्रत्यक्ष दिखती है, जिन्होंने अपना निवेश कोलकाता, नोएडा, बेंगलुरू, मुंबई, पुणे, रांची, धनबाद, जमशेदपुर तथा हैदराबाद में कर रखा है। यद्यपि पंकज और अभिषेक ने डीआरआई से बचने की कोशिश की, लेकिन उनके द्वारा दिए गए 10 वर्षों के आईटी रिटर्न ने यह साफ साबित कर दिया कि हजारों कमाने वाले ये शख्स आज करोड़ों के मालिक कैसे बन गए, यह तहकीकात का विषय है। इस पर आयकर विभाग और डीआरआई का अन्वेषण जारी है। इस मुद्दे पर वह बार-बार रो पड़े कि मैं गरीब आदमी फंस गया हूं। ये सारी संपत्ति मेरे पास कैसे आ सकती है। वहीं, दाहू यादव अब तक फरार बताया जा रहा है।

खास बातचीत : बीजेपी अध्यक्ष का दावा- देश के 18 राज्यों में हमारी सरकार, अगली बारी झारखंड व तेलंगाना की

शनिवार देर रात ‘मिथिला वर्णन’ से एक खास बातचीत में रात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा ने यह साफ कर दिया कि भाजपा झारखंड में भी अपनी सरकार बनाने को लेकर किस कदर कोशिश में लगी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश के 18 राज्यों में भाजपा की सरकार है, जिनमें महाराष्ट्र अभी-अभी शामिल हुआ है और अब अगली सरकार झारखंड और तेलंगाना की होगी। बंगाल में 39 प्रतिशत मत भाजपा को आया है।
    नड्डा ने कहा – हम 3 फीसदी समर्थन से आज 38 फीसदी तक पहुंच गए हैं। हमें लगातार जनता का समर्थन मिल रहा है और दक्षिण में तेलंगाना में भी अपनी सरकार बनाएंगे। हमारी ताकत यह है कि विपक्ष भी अब हमें जीतने वाली मशीन मानने लगे हैं। देश की सुरक्षा में अशांति पैदा करने वाले और परिवारवाद करने वाले दलों के खिलाफ भाजपा का अभियान चलता रहेगा। जब तक उनकी खराब नीतियों को नेस्तनाबूत नहीं कर दिया जाएगा, तब तक भाजपा शांत नहीं बैठेगी। इधर, गृहमंत्री अमित शाह का भी कहना है कि भाजपा राष्ट्रवादी पार्टी है और किसी भी स्थिति में राष्ट्रविरोधी, परिवावारवाद चलानेवाले लोगों और घातक तत्वों को माफ नहीं किया जाएगा।

– Varnan Live Exclusive.

Previous articleडीपीएस बोकारो के बच्चों ने भारतीय त्योहारों पर आधारित नृत्यों से बिखेरी सतरंगी छटा
Next articleपारस एचईसी अस्पताल की उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवा अब बोकारो में भी, ओपीडी सेवा शुरू
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply