चित्रों के जरिए बच्चों ने दिखाई ‘स्वच्छ भारत मिशन’ व ‘अमृत महोत्सव’ की झलक

0
59

धनबाद में सांस्कृतिक कार्यक्रमाें व पुरस्कार वितरण के साथ केंद्रीय संचार ब्यूरो की दो-दिवसीय प्रदर्शनी संपन्न

धनबाद : आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रमों की कड़ी में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार की स्थानीय इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो, धनबाद द्वारा स्वच्छ भारत अभियान 2022 और आगामी सरदार पटेल के जन्मोत्सव ‘एकता दिवस’ (31 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में आयोजित दो-दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का समापन शुक्रवार को हो गया।
समापन समारोह में डीपीआरओ, धनबाद ईशा खंडेलवाल मुख्य अतिथि रहीं। वहीं नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी रवि मिश्रा और झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय की प्राचार्या विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। गुरुवार को प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन धनबाद सांसद पशुपतिनाथ सिंह व सदर विधायक राज सिन्हा ने किया था। इस प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा खुलकर सामने आई। बच्चों ने अपने चित्रों के जरिए आजादी के अमृत महोत्सव और स्वच्छ भारत मिशन की सुंदर झलक दिखाकर सबकी भरपूर सराहना पाई।

भूले-बिसरे सेनानियों की कहानियां जानने का सुनहरा अवसर : डीपीआरओ
अपने संबोधन में धनबाद की जिला जनसंपर्क अधिकारी (डीपीआरओ) ईशा खंडेलवाल ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी धनबाद में लगाना केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा एक बहुत ही सराहनीय प्रयास है। यह हमें आजादी की विरासत के भूले-बिसरे सेनानियों और उनकी कहानियां फिर से जानने का एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने बच्चों को आने वाले आजादी के 100 वर्ष के समारोह अमृत काल को अपना बनाने एवं सफल होने की कामना की। उन्होंने प्रदर्शनी के दौरान जीते प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

जनजागरूकता में केंद्रीय संचार ब्यूरो का अहम योगदान : रवि
नेहरू युवा केन्द्र के रवि मिश्रा ने केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से इस आयोजन को जनजागरूकता में एक अहम योगदान बताया। पीएम ने आगामी 100 वर्ष आजादी के अमृत काल के रूप में मनाने को कहा है। यह प्रदर्शनी अगले 25 वर्षों में आने वाले अमृत काल की दिशा में एक सफल पहल है।

जागरुकता रथ से दिया स्वच्छता का संदेश
इस अवसर पर विभाग द्वारा स्वच्छता पर संदेश देने से साथ साथ अमृत महोत्सव पर दो दिनों तक जागरूकता रथ भी चलाया गया और स्वच्छता पर बालिका विद्यालय में सफाई अभियान और स्वच्छता रैली भी निकाली गई। इस दो दिवसीय कार्यक्रम को संपन्न कराने में विभाग के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ओंकार नाथ पाण्डेय एवं सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी राज किशोर पासवान की महती भूमिका रही।

गीत-नृत्य से बच्चों ने बांधा समां
इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं और नृत्य, गीत आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डीएवी स्कूल कोयला नगर, झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय, कोला कुसुमा, उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कोला कुसुमा और सीसीडब्ल्यू कोलवाशरी मध्य विद्यालय के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी विजेताओं को विभाग ने अतिथियों ने पुरस्कृत किया।

– Varnan Live Report.

Previous articleमंदी की ओर बढ़ती दुनिया…
Next articleश्रीराम की तरह आज्ञाकारी व कर्तव्यनिष्ठ बनें बच्चे ः महेश त्रिपाठी
मिथिला वर्णन (Mithila Varnan) : स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता'! DAVP मान्यता-प्राप्त झारखंड-बिहार का अतिलोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक अब न्यूज-पोर्टल के अवतार में भी नियमित अपडेट रहने के लिये जुड़े रहें हमारे साथ- facebook.com/mithilavarnan twitter.com/mithila_varnan ---------------------------------------------------- 'स्वच्छ पत्रकारिता, स्वस्थ पत्रकारिता', यही है हमारा लक्ष्य। इसी उद्देश्य को लेकर वर्ष 1985 में मिथिलांचल के गर्भ-गृह जगतजननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की कोख से निकला था आपका यह लोकप्रिय हिन्दी साप्ताहिक 'मिथिला वर्णन'। उन दिनों अखण्ड बिहार में इस अख़बार ने साप्ताहिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनायी। कालान्तर में बिहार का विभाजन हुआ। रत्नगर्भा धरती झारखण्ड को अलग पहचान मिली। पर 'मिथिला वर्णन' न सिर्फ मिथिला और बिहार का, बल्कि झारखण्ड का भी प्रतिनिधित्व करता रहा। समय बदला, परिस्थितियां बदलीं। अन्तर सिर्फ यह हुआ कि हमारा मुख्यालय बदल गया। लेकिन एशिया महादेश में सबसे बड़े इस्पात कारखाने को अपनी गोद में समेटे झारखण्ड की धरती बोकारो इस्पात नगर से प्रकाशित यह साप्ताहिक शहर और गाँव के लोगों की आवाज बनकर आज भी 'स्वच्छ और स्वस्थ पत्रकारिता' के क्षेत्र में निरन्तर गतिशील है। संचार क्रांति के इस युग में आज यह अख़बार 'फेसबुक', 'ट्वीटर' और उसके बाद 'वेबसाइट' पर भी उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि अपने सुधी पाठकों और शुभेच्छुओं के सहयोग से यह अखबार आगे और भी प्रगतिशील होता रहेगा। एकबार हम अपने सहयोगियों के प्रति पुनः आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुँचाने में अपना विशेष योगदान दिया है।

Leave a Reply