शक्तिपीठ कामाख्या में 11-12 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार का दो-दिवसीय शिविर
गुरु-दीक्षा, शक्तिपात और गहन साधना क्रियाओं का होगा भव्य आयोजन
विशेष संवाददाता
गुवाहाटी: देश के प्रमुख शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम की पावन भूमि गुवाहाटी में 11 और 12 अक्टूबर को अभूतपूर्व आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होने जा रहा है। यहां अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार (निखिल मंत्र विज्ञान), जोधपुर के तत्वावधान में दो-दिवसीय ‘निखिल भक्तों का महासंगम’ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से हजारों साधक जुटेंगे।

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यह आध्यात्मिक महोत्सव गुवाहाटी स्थित भगवान महावीर धर्मस्थल, श्री दिगम्बर जैन पंचायत में आयोजित होगा। इस महाआयोजन को परम पूज्य सद्गुरुदेव परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी और वंदनीया माता भगवती की दिव्यतम छत्रछाया तथा पूज्य गुरुदेव श्री नन्द किशोर श्रीमाली के पावन सान्निध्य से ऊर्जा मिलेगी।

शिविर का मुख्य आकर्षण गुरुदेव श्रीमाली द्वारा संपन्न कराई जाने वाली गहन साधनात्मक क्रियाएं होंगी, जो साधकों को आध्यात्मिक उन्नति के शिखर पर ले जाने का लक्ष्य रखती हैं। विशेष रूप से गुरु दीक्षा और शक्तिपात दीक्षाएं दी जाएंगी, जिन्हें साधना मार्ग पर चल रहे शिष्यों के लिए ऊर्जा और ज्ञान का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस दौरान गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली जीवन के गूढ़ रहस्यों और साधना की बारीक विधियों पर ज्ञानवर्धक प्रवचन भी देंगे। भक्तों के लिए यह अवसर इसलिए भी फलदायी होगा, क्योंकि उन्हें शक्तिपीठ की अलौकिक ऊर्जा के साथ-साथ गुरुदेव का सान्निध्य भी प्राप्त होगा।

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इस दो दिवसीय महाआयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए ‘निखिल मंत्र विज्ञान’ के कार्यकर्ता युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। आजमगढ़ के फौजदार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टीमें भारत के विभिन्न राज्यों—झारखंड, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम—के साथ-साथ नेपाल से भी बड़ी संख्या में जुटी हुई हैं।
मीडिया प्रभारी विजय कुमार झा ने बताया कि यह विशाल समागम न केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम बनेगा, बल्कि देश की समृद्ध साधनात्मक परंपरा को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का एक बड़ा केंद्र भी साबित होगा।
- Varnan Live Report.





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